आगरा के प्रभारी मंत्री व यूपी के पर्यटन मंत्री एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने आगरा में कहा-सपा शासन में ओडीओपी की तर्ज पर वन डिस्ट्रिक-वन माफिया थे। 2012 से 2017 का जंगलराज यूपी नहीं भूल सकता। तब जिले का शासन जिला प्रशासन नहीं बल्कि माफिया चलाते थे। उन्होंने कहा-सपा शासन में बच्चे जब तक स्कूल से घर नहीं लौट आते थे, तब तक मांएं हनुमान चालीसा पढ़ती थीं। विकास कार्यों एवं कानून व्यवस्था की समीक्षा के बाद पर्यटन मंत्री संस्कृति मंत्री ने बिहार चुनाव के परिणाम के बाद कहा-अखिलेश जी फॉर्म बदलें, निराशा-हताशा में कुछ भी कहें…बिहार 20 साल के परिवर्तन के बाद भी जंगलराज नहीं भूला है। 20 साल हो गए लालू प्रसाद यादव को गए हुए, लोगों को अभी तक याद है। बिहार से ज्यादा यूपी ने झेला जंगलराज
जयवीर सिंह ने कहा-उत्तर प्रदेश में तो अभी 10 भी साल पूरे नहीं हुए। 2012 से 2017 का जंगलराज उत्तर प्रदेश कैसे भूल जाएगा। बिहार से ज्यादा जंगलराज यूपी ने झेला है…देखा है। वहां तो संस्थागत जंगलराज नहीं था। यहां तो ओडीओपी की तर्ज पर वन डिस्ट्रिक-वन माफिया था, जो जिला चलाता था। जो पिटता था वह जेल जाता था। जिले का शासन जिला प्रशासन नहीं चलाता था बल्कि वन डिस्ट्रिक-वन माफिया के आधार पर माफिया चलाते थे। जमीनों पर कब्जे, महिलाओं पर जुल्म होते थे। बच्चे स्कूल की छुट्टी के बाद जब तक घर नहीं लौट आते थे, तब तक मांएं हनुमान चालीसा पढ़ती थीं। कहीं उनको फिरौती न देने पड़े। लोगों को जब तक ये सब याद रहेगा, तब तक अखिलेश जी आपका नंबर नहीं आने वाला। राजस्व विभाग पर जताई नाराजगी
आगरा के प्रभारी मंत्री व यूपी के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने सोमवार को आगरा में विकास कार्यों एवं कानून व्यवस्था की समीक्षा की। इस दौरान राजस्व विभाग के मामले लंबित होने पर नाराजगी जताई।
समीक्षा के दौरान जमीन मामलों से जुड़ी धारा 24, धारा 34 और धारा 33 के मामले 3 महीने से लंबित हैं। इस पर प्रभारी मंत्री ने ऐसे एसडीएम, तहसीलदार और नायब तहसीलदारों से स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही चेतावनी दी कि अगली बैठक से पहले धारा 24 व धारा 34 में कोई भी वाद समय सीमा के बाद शेष नहीं होना चाहिए। अन्यथा संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सर्किट हाउस में हुई समीक्षा बैठक में सभी प्राथमिक, सामुदायिक, हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर, जिला स्तरीय अस्पतालों में दवाओं की उपलब्धता के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनप्रतिनिधियों द्वारा क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं से संबंधित जो लेटर दिए जाते हैं, उन पर प्रभावी कार्रवाई की जाए। जनप्रतिनिधियों को दें जानकारी
जनप्रतिनिधियों से उनके क्षेत्र की सड़कों की मरम्मत, नवीन सड़कों के निर्माण के लिए जनप्रतिनिधियों से तत्काल प्रस्ताव लेने व गड्ढा मुक्ति के लिए सम्बन्धित विभाग को निर्देश दिए। जनप्रितिनिधियों को उनके क्षेत्र में होने वाले विकास कार्यों और शिलान्यास के बारे में जानकारी देने के निर्देश दिए। बैठक के दौरान एमएलसी विजय शिवहरे ने कान्वेंट व मिशनरीज स्कूलों में आरटीई के अंतर्गत प्रवेश न लेने तथा एनसीईआरटी की जगह निजी पब्लिकेशन की पाठ्य पुस्तकों की खरीद की समस्या को उठाया। इस पर प्रभारी मंत्री ने
आरटीई के अन्तर्गत सभी को प्रवेश दिलाने व जांच कर नियमानुसार सम्बन्धित के विरूद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए। पुलिस की कार्यशैली पर उठाए सवाल
बैठक के दौरान जनप्रतिनिधियों ने पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए। बैठक में केंद्रीय राज्यमंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल, जिला पंचायत अध्यक्ष डा. मंजू भदौरिया, विधायक पक्षालिका सिंह, पुरुषोत्तम खंडेलवाल, छोटेलाल वर्मा, जीएस धर्मेश आदि मौजूद थे।