लखनऊ में गोमती नदी में मत्स्य मंत्री संजय निषाद ने छोटी मछलियां डालीं। इस दौरान एक वाकया सामने आया, अनगिनत मछलियां उतराने लगीं। मौके पर मौजूद मछुआरे भी बोले- पानी इतना गंदा है कि आधी तो इसी तरह मर जाएंगी। लक्ष्मण झूला पार्क के पास गोमती रिवर फ्रंट में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत 2 लाख मछलियां डालीं गई थीं। सोमवार को इस कार्यक्रम के दौरान मंत्री के साथ प्रमुख सचिव मुकेश मेश्राम और मत्स्य विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। मंत्री ने पहले किनारे से और फिर नाव में बैठकर मछलियां गोमती में छोड़ते हुए जमकर फोटोशूट करवाया था। मरी हुई मछलियों पर मंत्री ने कहा- नदियों में इनकी मेंटिलिटी (गतिशीलता) 10% ही होती है। नदियों में मछलियों की मोटिलिटी 10% ही होती है मंत्री संजय निषाद ने दावा किया कि पहले नदियों में मछलियों की मोटिलिटी 30 प्रतिशत थी, जो अब घटकर 10 प्रतिशत रह गई है। उन्होंने कहा कि सरकार मछुआरा समाज के उत्थान के लिए कई योजनाएं लागू कर रही है। निषाद ने प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना और प्रधानमंत्री मत्स्य बीमा योजना का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि मछली पालन करने वाले किसानों को 5 लाख रुपए तक का इंश्योरेंस कवर दिया जा रहा है। पैकेट में भरी मछलियों की हालत खराब होती है इस पूरे मामले पर स्थानीय मछुआरों ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी। मछुआरे सुरेश कुमार ने बताया कि इन प्लास्टिक पैकेटों में भरी मछलियों की हालत पहले से खराब होती है। करीब 10 फीसदी मछलियां पैकेट में ही मर जाती हैं, जबकि नदी में पहुंचने के बाद लगभग 50 फीसदी मछलियों को बड़ी मछली, सांप और पक्षी खा जाते हैं। कुल मिलाकर मुश्किल से 50 फीसदी मछलियां ही बच पाती हैं। ———————— ये खबर भी पढ़िए… योगी बोले- मर्सिडीज वाले लोग गमले चुरा ले गए : पकड़ते तो बेइज्जती होती, इसलिए बुलाकर CCTV फुटेज दिखाए लखनऊ में सीएम योगी ने कहा- G-20 समिट के बाद कार्यक्रम स्थल के आसपास लगाए गए गमलों को मर्सिडीज से आए लोग उठा ले गए। अब सोचिए कहां मर्सिडीज कार की कीमत और कहां गमले की? कार्रवाई करते तो शहर की गलत पहचान बनती। लोग भी कहते कि गमला चोरों को पकड़ा है। यह तो बहुत बड़ा एक्शन है? इसलिए हमने उन लोगों को बुलाकर गमले चोरी करने के CCTV फुटेज दिखाए। (पूरी खबर पढ़िए)