हरियाणा के पंचकूला के ताऊ देवीलाल स्टेडियम के स्पोर्ट्स एक्सीलेंसी सेंटर की बड़ी खामी सामने आई है। यहां बॉक्सिंग, एथलेटिक्स व बेडमिंटन के खिलाड़ी रह रहे हैं। उनके डाइट चार्ट में अंडे-पनीर-फल-मेवे समेत करीब 40 पौष्टिक व्यंजन दिखाए जा रहे हैं, जबकि हकीकत में बाहर से टिफिन मंगाकर दाल-चावल-रोटी परोसे जा रहे हैं। करियर बिगड़ने के डर से खिलाड़ी तो सामने नहीं आ रहे। कुछ कोच व खेल से जुड़े लोगों ने ऑफ कैमरा बताया कि यहां करीब 25 दिन से खराब हालात हैं। पहले यहां मैस चलती थी। जिसमें न्यूट्रीशियनिस्ट की रिकमेंडेशन के हिसाब से डाइट प्लान फॉलो होता था। मैस ठेकेदार का विभाग से पेमेंट को लेकर विवाद हुआ तो 24 अक्टूबर से उसने खाना परोसना बंद कर दिया। विभाग की तरफ करीब 2 करोड़ रुपए के बिल बकाया बताए जा रहे हैं। काम चलाने के लिए खेल विभाग ने हिमालयन किचन की टिफिन सर्विस से टाई-अप कर रखा है। यह टिफिन सर्विस दो बहनें चलाती हैं, जो यहां दाल-चावल-सब्जी व रोटी सप्लाई कर रही हैं। अब जानिए, कैसे खेल निदेशक के दावों से अलग है हकीकत… खेल निदेशक का दावा- 4 दिन से न्यूट्रीशियनिस्ट की डाइट मिल रही
एक्सीलेंसी सेंटर में खाने के हालात को लेकर दैनिक भास्कर एप ने खेल विभाग के निदेशक IAS अधिकारी संजीव वर्मा से बात की। उन्होंने कहा-ठेकेदार की शिकायतें आ रहीं थी, तो ठेका रद्द कर दिया गया है। मैस को अब विभाग ही चलाएगा, जिसके लिए 6 कुक रखे गए हैं। पिछले 4 दिन से खिलाड़ियों को न्यूट्रीशियनिस्ट के डाइट चार्ट अनुसार ही खाना मिल रहा है।
हकीकत-बाहर से टिफिन सप्लाई हो रहे
दैनिक भास्कर एप टीम ने 16 नवंबर (रविवार) रात को एक्सीलेंसी सेंटर में जाकर देखा। टीम के सामने ही हिमालयन टिफिन सर्विस की गाड़ी यहां खिलाड़ियों का खाना सप्लाई करने पहुंची। उसके बाद 17 नवंबर (सोमवार) को फिर लंच टाइम में जाकर देखा। तब भी हिमालयन की गाड़ी टिफिन लेकर पहुंची। यानी खेल निदेशक के दावों से हकीकत अलग है। किचन संचालक ने बताया- DSO ऑफिस ने संपर्क किया था
हिमाचल किचन की ऑनर अंकिता ठाकुर से दैनिक भास्कर एप टीम ने ग्राहक बनकर बल्क टिफिन के लिए रेट और रेफरेंस मांगे। उन्होंने बताया कि उनके किचन का खाना स्टेडियम के एक्सीलेंसी सेंटर में जाता है। वहां पर उसका सप्लाई में एक सब्जी, दाल-चावल व रोटी होती हैं। जिसके लिए वह 150 रुपए प्रति डाइट चार्ज करती हैं। उससे जिला खेल अधिकारी (DSO) ऑफिस ने संपर्क किया था, वहीं से उसको पेमेंट मिलनी हैं। अब 4 पॉइंट में समझिए, मैस में न्यूट्रीशियनिस्ट का डाइट चार्ट था क्या मैस टेंडर विवाद से जुड़ी 3 अहम बातें… बॉक्सिंग, एथलेटिक्स और बेडमिंटन की 50-50 सीटें
स्पोर्ट्स एक्सीलेंसी सेंटर का उद्देश्य है ओलिंपिक जैसे बड़े खेल आयोजनों के लिए खिलाड़ी तैयार करना। यहां तीनों ही गेम्स में यहां पर 50-50 सीटें हैं। खिलाड़ियों के रहने व खाने-पीने का प्रबंध प्रदेश सरकार विभाग के द्वारा किया जाता है। लेकिन यहां की मैस 24 अक्टूबर से बंद पड़ी है। ठेकेदार ने एक साल तक पेमेंट नहीं होने के कारण मैस को बंद कर दिया था।