कानपुर से खरीदी गई 2 सेकेंड हैंड कार:कार बाजार का मालिक हिरासत में, कैंट एरिया में रेकी करते दिखी डॉ. शाहीन

डॉ. शाहीन और डॉ. आरिफ के साथ तीन अन्य डॉक्टर यूपी में बड़ी वारदात को अंजाम देने का प्लान बना चुके थे। दीपावली के पहले से दीपावली के बाद तक कानपुर, फैजाबाद, प्रयागराज, वाराणसी और लखनऊ के सफेदपोश टेररिस्ट के टारगेट पर थे। इसकी पुख्ता जानकारी पड़ताल कर रही सुरक्षा एजेंसियों को मिलीं हैं। गृह मंत्रालय भेजी गई अपनी रिपोर्ट में एजेंसियों ने यह बातें बताई हैं। इस रिपोर्ट में बताया गया है कि दो गाड़ियों से आतंक का सामान लाया जा रहा था, लेकिन पुलिस और एजेंसियों की जानकारी में आने की वजह से आतंक का सामान लाने वाली गाड़ियां वापस लौट गईं। एक कार में डॉ. आरिफ भी एयरपोर्ट के पास देखा गया कानपुर कमिश्नरेट के अलग-अलग स्थानों पर जो कारें दिखी हैं, उनमें से एक कार से डॉ. आरिफ भी एयरपोर्ट के पास दिखाई दिए हैं। अब आरिफ किसी को छोड़ने एयरपोर्ट गया था या रेकी करने, ये एजेंसियों की जांच का विषय है। दो सेकेंड हैंड कार कानपुर से खरीदी गई थीं। दोनों ही कार एक ही एजेंट से खरीदी गई हैं। आईबी ने कार बेचने वाले को हिरासत में लेकर दिल्ली का रुख कर लिया है। इस कार बेचने वाले से पूछताछ की जाएगी। हालांकि अभी तक की पूछताछ में एजेंट ने आधार कार्ड समेत वे सारे कागजात दिए हैं, जो खरीदने वालों ने दिए थे। एजेंट ने ये भी बताया है कि जो लोग आए थे उनके साथ में दो कश्मीरी मूल के लोग भी थे। हालांकि जिन लोगों के एड्रेस प्रूफ दिए गए हैं, उनमें से एक ड्राइवर चकेरी थानाक्षेत्र के मंगला विहार का भी है, इस ड्रावर को भी हिरासत में लेकर दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल में भेजा गया है। वहीं 16 से 29 अक्टूबर तक जो गाड़ियां देखी गई हैं वह प्रयागराज, लखनऊ, वाराणसी और फैजाबाद के नंबरों की हैं। इन गाड़ियों की फुटेज भी एजेंसी को मिल गई हैं। ऑपरेशन त्रिनेत्र हो रहे मददगार शासन के निर्देश के बाद पूर्व कमिश्नर अखिल कुमार ने शहर में हर घर कैमरा और ऑपरेशन त्रिनेत्र के तहत जगह जगह कैमरे लगवाए थे, जिसकी जानकारी आतंक फैलाने वाली टीम को नहीं थी। अब इन आतंक फैलाने वालों की तलाश कर पहचानने वालों में ये कैमरे मददगार साबित हो रहे हैं। इन्हीं कैमरों में डॉ. शाहीन भी डिफेंस एरिया में रेकी करती दिखाई दी हैं। एक चौंकाने वाले खुलासे में दावा किया गया कि डॉ. शाहीन सीरियल ब्लास्ट कर देश को दहलाने वाले डॉ. बम के पैटर्न पर काम कर रही थी। इसी पैटर्न को शाहीन फॉलो करने की तैयारी कर रही थी। एटीएस, एनआईए और आईबी समेत अन्य जांच एजेंसियां इन सभी बिंदुओं पर जांच कर रही हैं। शाहीन की तरह लापता 7 डॉक्टरों की जांच शुरू डॉ. शाहीन की तरह ही 7 डॉक्टर मेडिकल कॉलेज से बगैर सूचना दिए लापता हो गए थे, बाद में उन्हें बर्खास्त किया गया था। अब सुरक्षा एजेंसियों ने भी इन सभी 7 डॉक्टरों की डिटेल लेने के बाद जांच शुरू कर दी है। हालांकि, प्राथमिक जांच में सामने आया है कि इनमें से कई डॉक्टर आसपास के जिलों में प्रैक्टिस कर रहे हैं। फार्माकोलॉजी विभाग की एचओडी डॉ. शाहीन 2013 में मेडिकल कॉलेज से बगैर कोई सूचना दिए लापता हो गई थी। नोटिस देने के बाद भी सामने नहीं आई तो उसे बर्खास्त कर दिया गया। इसी के बाद फिजियोलॉजी, एनाटॅामी, मेडिसिन और सर्जरी विभाग के एक के बाद एक करके सात डॉक्टर लापता हो गए थे। —————– ये खबर भी पढ़िए- आजम और बेटे अब्दुल्ला को 7-7 साल की सजा: बिस्किट के 2 पैकेट लेकर जेल गए, पढ़िए बेटे के चक्कर में कैसे फंसे सपा नेता आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला को फिर 7-7 साल की सजा हुई है। रामपुर की एमपी/एमएलए कोर्ट ने फर्जी पैन कार्ड मामले में सोमवार को दोनों को दोषी करार दिया। फैसले के तुरंत बाद कोर्ट में ही पुलिस ने बाप-बेटे को हिरासत में ले लिया। दोनों को कड़ी सुरक्षा में कोर्ट से एक किमी दूर गाड़ी से रामपुर जेल लेकर गई। कोर्ट ने दोनों पर 50-50 हजार का जुर्माना भी लगाया। पढ़ें पूरी खबर…