निलंबित BSA अतुल तिवारी की अग्रिम जमानत पर सुनवाई:2.25 करोड़ कमीशन मामला, कोर्ट ने पुलिस से मांगा मुकदमों का ब्योरा

गोंडा के निलंबित जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) अतुल कुमार तिवारी की अग्रिम जमानत याचिका पर आज एंटी करप्शन कोर्ट में सुनवाई हुई है। एंटी करप्शन कोर्ट ने गोंडा पुलिस से निलंबित बीएसए के खिलाफ दर्ज मुकदमों का ब्योरा तलब किया है। अगली सुनवाई 20 नवंबर को होगी। निलंबित बीएसए अतुल कुमार तिवारी पर हरियाणा के गुरुग्राम स्थित नीमन सीटिंग सल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक मनोज पांडेय ने 2.25 करोड़ रुपये का कमीशन मांगने का आरोप लगाया है। यह आरोप एंटी करप्शन कोर्ट के आदेश पर नगर कोतवाली में दर्ज एफआईआर का आधार है। पांडेय की फर्म को जिले के 564 परिषदीय स्कूलों में डेस्क-बेंच सप्लाई का ठेका मिला था। आरोप है कि टेंडर पास होने के बाद वर्क ऑर्डर जारी करने के लिए उनसे 2.25 करोड़ रुपये का कमीशन मांगा गया। मनोज पांडेय ने निलंबित बीएसए और उनके दो अधीनस्थ कर्मियों को 26 लाख रुपये एडवांस भी दिए थे। इसके बावजूद, उनका टेंडर रद्द कर दिया गया और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी गई। इसके बाद मनोज पांडेय ने एंटी करप्शन कोर्ट गोरखपुर में शिकायत की, जिसके आदेश पर नगर कोतवाली में निलंबित बीएसए और दोनों जिला समन्वयकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। इसी मामले में अतुल तिवारी ने अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर की थी। मंगलवार को याचिका पर सुनवाई के दौरान मनोज पांडेय के अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि निलंबित बीएसए के खिलाफ पहले भी भ्रष्टाचार का मुकदमा दर्ज है। इस पर कोर्ट ने सुनवाई से पहले निलंबित बीएसए के खिलाफ दर्ज मुकदमों का विस्तृत ब्योरा गोंडा पुलिस से मांगा है।