गाजियाबाद नगर निगम को जल संचयन और जन भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया है। दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित एक समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गाजियाबाद की महापौर सुनीता दयाल और नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक को यह सम्मान प्रदान किया। राष्ट्रीय मूल्यांकन में निगम को देश में पाँचवाँ और उत्तर प्रदेश में दूसरा स्थान मिला है। यह सम्मान नगर निगम द्वारा जल संरक्षण के क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय कार्यों का परिणाम है। नगर आयुक्त के नेतृत्व में जलकल विभाग ने शहर में कुल 11,406 वाटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर तैयार किए हैं। इनमें रेन वाटर हार्वेस्टिंग यूनिट्स के साथ-साथ कई तालाबों का भी जीर्णोद्धार शामिल है, जिससे शहर के भूगर्भ जल स्तर में सुधार हो रहा है। समारोह के दौरान केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल ने महापौर और नगर आयुक्त को प्रशस्ति पत्र तथा 2 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की। इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने नगर निगम की कार्यशैली की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि देश के अन्य शहरों को भी जल संरक्षण के ऐसे प्रयासों से प्रेरणा लेनी चाहिए। समारोह में देशभर से आए विशेषज्ञों ने भी गाजियाबाद की इस पहल की सराहना की। महापौर सुनीता दयाल ने इस उपलब्धि को पूरी टीम की मेहनत का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि गाजियाबाद नगर निगम शहर के विकास और स्वच्छता के लिए लगातार काम कर रहा है। महापौर ने यह भी बताया कि जन सहभागिता के माध्यम से शहरवासियों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया है। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने जानकारी दी कि शहर के पाँचों जोनों में वाटर हार्वेस्टिंग यूनिट्स स्थापित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, लगभग 140 तालाबों के पुनर्जीवन का कार्य भी तेजी से जारी है। उन्होंने जोर दिया कि निगम का मुख्य लक्ष्य भूगर्भ जल स्तर में सुधार लाना है।