शादी से 20 दिन पहले किया गर्लफ्रेंड छात्रा का मर्डर:इंस्टाग्राम पर 13 बार यूजरनेम बदला, मोबाइल फॉर्मेट किया; प्रयागराज के शातिर फौजी की कहानी

प्रयागराज में फौजी ने 17 साल की छात्रा की हत्या अपनी शादी से 20 दिन पहले कर दी। 10 नवंबर को शहर से 15Km दूर बाग में छात्रा को मारकर लाश को जमीन में गाड़ दिया। 5 दिन बाद कुत्तों ने जमीन खोद डाली। छात्रा के हाथ और सिर के बाल दिखने लगे। यही वो यू-टर्न था, जिससे पुलिस छात्रा की लाश तक पहुंच सकी। इस बाग में सर्च ऑपरेशन चलाने पर 1 बैग भी मिला। इसमें रखी एक किताब में एक नाम और नंबर मिला। ये नंबर और नाम फौजी हर्षवर्धन सिंह उर्फ दीपक कुमार का था। पुलिस जब छात्रा के घर तक पहुंची, तो वहां कमरे में एक और पर्ची मिली। इसमें लिखा था- 23 जनवरी, जन्मदिन दीपक (आर्मी)। यही वो 2 क्लू थे, जिनकी मदद से पुलिस फौजी हर्षवर्धन सिंह उर्फ दीपक तक पहुंची। अरेस्टिंग के वक्त ये भी सामने आया कि छात्रा साक्षी की हत्या करने के बाद दीपक कहीं भागा नहीं, बल्कि अपने घर आ गया था। यहीं नहीं, जिस दिन छात्रा की लाश मिली थी, वह घटनास्थल (बाग) में मौजूद था और पुलिस की मूवमेंट पर नजर बनाए था। हर्षवर्धन उर्फ दीपक को 18 नवंबर को जेल भेज दिया गया। पुलिस ने उसे दोपहर में कोर्ट में पेश किया था। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… 30 नवंबर को फौजी की शादी, छात्रा तोड़ने को कह रही थी
दीपक ने बताया- मैं पटियाला में ट्रेड गनर के रूप में काम करता हूं। 30 नवंबर को सोरांव इलाके की एक लड़की से मेरी शादी होनी है। इसलिए मैं 8 नवंबर से छुट्टी पर आ गया था। छात्रा साक्षी के मामा का घर मेरे गांव कुसुंगुर के पास है। उसके ममेरे भाई गांव के ही एक मैदान में दौड़ने आया करते थे। इसके बाद से मैं भी साक्षी को जानने लगा था। करीब 8 महीने पहले इंस्टाग्राम पर हमारी दोस्ती हुई थी। जून में साक्षी से प्रयागराज में पहली मुलाकात हुई थी। इसके बाद हमारे बीच चैटिंग और वीडियो कॉलिंग होने लगी। इस बीच फेसबुक आईडी समेत अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से साक्षी को पता चला कि मेरी शादी तय हो गई है। इंस्टाग्राम पर मैसेज भेजा- बालसन चौराहे पर मिलो
दीपक ने कहा- शादी करने का झूठा वादा कर मैंने साक्षी को 10 नवंबर को स्कूल के बहाने बालसन चौराहे पर मिलने बुलाया। उसको इंस्टाग्राम चैटिंग पर एक मैसेज भेजा कि बालसन चौराहे पर मिलो। पुलिस को भी बाद में जब ये मैसेज मिला, तो बालसन चौराहे पर लगे कैमरों को देखा गया। तब मैं बाइक पर छात्रा को लेकर जाता हुआ दिख गया था। दरअसल, मेरी शादी की बात साक्षी को पता चल गई थी। वह मेरे परिवार से मिलने की जिद कर रही थी। कहती थी कि तुम ये शादी तोड़ दो। जब मैंने उसे बालसन चौराहे पर मिलने के लिए बुलाया, तो हमारे बीच बहस हो गई। उसे शादी करनी थी, इसलिए अपने साथ बैग में सिंदूर लाई थी। काफी मनाने के बावजूद वह मान नहीं रही थी। इसके बाद उसे बाइक पर बैठाकर मैं शहर भर में घूमता रहा। शहर के बाहर एक बाग में टहलने के बहाने उसे ले गया। वहीं पर उसको मार डाला। हत्या के बाद मैंने फावड़े को एक नाले के पास मिट्टी में दबा दिया और फिर घर चला गया। यूट्यूब पर VIDEO देखकर मोबाइल किया फार्मेट
फौजी दीपक की गिरफ्तारी होने के बाद पुलिस ने उसका मोबाइल बरामद किया। पता चला कि मोबाइल फॉरमेट हो चुका है। इंस्टाग्राम एप भी नहीं है। इसके बाद पुलिस ने इंस्टाग्राम एप डाउनलोड किया, तो डेटा रिकवर हो गया। पता चला कि उसके पास छात्रा साक्षी की इंस्टाग्राम आईडी और पासवर्ड भी था। पूछताछ में दीपक ने बताया कि यूट्यूब पर वीडियो देखकर उसने अपना मोबाइल फॉरमेट कर दिया था, ताकि किसी को इसकी भनक न लग सके। जांच में यह भी सामने आया कि अफेयर शुरू होने के बाद फौजी ने 13 बार इंस्टाग्राम अकाउंट का यूजरनेम बदला। आखिरी बार उसने 9 नवंबर को यूजरनेम बदला। इस बार नाम की जगह ऐसा यूजरनेम चुना, जिससे कि उसे ट्रेस न किया जा सके। इस बार उसने यूजर नेम _yyuuugdtyhgffgg00000 बनाया। यही नहीं, पोस्ट तो डिलीट किए ही, अपने सारे फॉलोअर को भी रिमूव कर दिया। इसके साथ ही खुद भी सभी को अनफॉलो कर दिया। जून, 2023 में यह अकाउंट बनाया गया था। इसके बाद 5 महीनों में लगातार यूजर नेम बदलता रहा। घर से 8.5 लाख की ज्वैलरी, एक लाख कैश गायब
उधर, इस मामले में एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। छात्रा साक्षी के फूफा श्यामलाल ने बताया कि उनके घर से 7 तोले की सोने की ज्वैलरी और एक लाख कैश गायब है। एफआईआर में इसका जिक्र न किए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि भतीजी के गायब होने के बाद पूरा परिवार उसकी तलाश में ही परेशान रहा। शव मिलने के बाद घर में तलाश की गई, तो ज्वैलरी और कैश गायब मिला। उन्हें शक है कि आरोपी के कहने पर भतीजी ही घर से ज्वैलरी और कैश लेकर गई। उन्होंने बताया कि इसकी जानकारी उन्होंने कैंट इंस्पेक्टर को दी थी। उन्होंने यह कहा था कि जांच में इसका पता लगाया जाएगा। इस मामले में कैंट इंस्पेक्टर से बात करने की कोशिश की गई, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। उधर, डीसीपी मनीष कुमार शांडिल्य ने कहा कि उन्हें ऐसी कोई जानकारी नहीं है। वादी ने इस बारे में कैंट इंस्पेक्टर से कुछ बताया हो तो वह पता लगाएंगे। सिम नहीं, वाईफाई से चलाती थी मोबाइल
जांच में यह बात भी सामने आई कि छात्रा साक्षी के मोबाइल में सिम नहीं था। वह वाईफाई के जरिए मोबाइल चलाती थी। दरअसल, उसके फूफा के घर में वाईफाई राउटर लगा था। इस बात की भी आशंका जताई जा रही है कि इसके लिए भी उसे आरोपी फौजी ने ही कहा होगा। दरअसल, सेना में होने के नाते दीपक को यह पता था कि सिम का यूज होने पर छात्रा के घरवालों को आसानी से उसके बारे में पता चल जाएगा। यही वजह है कि छात्रा बिना सिम के ही मोबाइल चलाती रही। ऐसा न होता तो एक सिम का इंतजाम करना आरोपी के लिए बहुत बड़ी बात नहीं थी। इसके बावजूद उसने ऐसा नहीं किया। —————————- ये खबर भी पढ़ें…. कुत्तों के मिट्टी खोदने पर दिखी लड़की की लाश, प्रयागराज में हत्या कर दफनाया प्रयागराज में कुत्तों के मिट्टी खोदने पर जमीन में दबी लड़की की लाश दिखी। उसके सिर और चेहरे पर चोट के गहरे निशान हैं। माना जा रहा है कि हत्या करने के बाद लाश को यहां दफनाया गया था। लड़की का हाथ और आधा शरीर देखते ही घटनास्थल पर भीड़ जुट गई। पढ़ें पूरी खबर…