‘राम्या’ फिल्म रिव्यू: सत्ता, संघर्ष और बदले की कहानी, एक नायक का खौफनाक सफर

‘राम्या’ फिल्म रिव्यू: राजनीति और बदले की पृष्ठभूमि पर बनी फिल्म ‘राम्या’ दर्शकों को 1990 के दशक में वापस ले जाती है. डायरेक्टर संतोष परब की सोच और जन्मेजय सिंह के दमदार अभिनय से सजी यह फिल्म एक ऐसे नौजवान की कहानी कहती है, जिसकी जिंदगी सत्ता की राजनीति की साजिशों के चलते सलाखों के पीछे पहुंच जाती है. शानदार बैकग्राउंड स्कोर, कसी हुई एडिटिंग और सयाजी शिंदे जैसे मंझे हुए कलाकारों की मौजूदगी इस फिल्म को एक मजबूत आधार देती है.