भारत की महिला टीम ने वर्ल्ड कप फाइनल जीतकर इतिहास रच दिया। इस जीत में पंजाब के मोहाली की बेटी अमनजोत कौर ने भी अहम भूमिका निभाई। इस जीत के बाद घर में जश्न का माहौल है। घरवालों ने सुबह ही ढोल की थाप पर भंगड़ा डाला। वह उनके स्वागत की तैयारियां कर रहे हैं। परिवार ने बताया कि अमनजोत को मिठाइयां पसंद नहीं हैं, इसलिए मां उनके लिए राजमा-चावल बनाएंगी। चैंपियन बेटी का स्वागत फूलों की मालाओं और ढोल-नगाड़ों के साथ करेंगे। अमनजोत कौर की माता पिता की 3 अहम बातें… बुआ बोली- दादी देखती है पोती का हर मैच
अमन की छोटी बुआ हरविंदर कौर बताती हैं कि सारा परिवार घर पर था। हमने देर रात तक मैच देखा। हमें पूरी उम्मीद थी कि वह जीतकर आएगी। अमनजोत कौर कभी खुद को लड़की नहीं समझती थी, वह हमेशा कहती थी कि वह लड़का है। सेमीफाइनल में पता चल गया था कि बनेंगे विजेता उन्होंने बताया कि सेमीफाइनल से पता चल गया था कि भारत मैच जीतेगा। उन्होंने बताया कि दादी बीमार हैं। लेकिन फिर भी वह मैच देखती हैं। उसने केवल अमन को देखना होता है। टीवी पर उसे अमन दिखनी चाहिए। परिवार में अमन की दो बहनें और एक भाई है। पोती ने देश का नाम रोशन किया, अच्छा लगा
अमनजोत कौर के दादा ने कहा कि इंडिया मैच जीता है। हमें बहुत अच्छा लगा है। हम रात दो बजे तक मैच देखते रहे है। मैच से पहले अमनजोत ने फोन किया था।