टी-20 वर्ल्ड कप की क्लोजिंग सेरेमनी नरेंद्र मोदी स्टेडियम में शानदार अंदाज में हुई। इस दौरान मशहूर पॉप स्टार रिकी मार्टिन ने करीब 28 साल बाद भारत में परफॉर्म किया। उन्होंने इससे पहले 1998 में दिल्ली में परफॉर्म किया था। उनके हिट गाने द कप ऑफ लाइफ के आले-आले पर पूरा स्टेडियम झूम उठा। क्लोजिंग सेरेमनी में भारतीय कलाकारों ने भी शानदार प्रस्तुति दी। सिंगर सुखबीर सिंह और फाल्गुनी पाठक के गानों पर स्टेडियम में मौजूद फैंस जमकर नाचते नजर आए। संगीत, रोशनी और आतिशबाजी के साथ कार्यक्रम ने फाइनल मैच से पहले माहौल को और भी शानदार बना दिया। मार्टिन के आले-आले पर झूमे फैंस
आले-आले मार्टिन के फेमस गाने द कप ऑफ लाइफ की प्रसिद्ध लाइन है। यह गाना 1998 में रिलीज हुआ था और 1998 FIFA वर्ल्ड कप का आधिकारिक गीत था। गाने की यह लाइन खेलों के दौरान उत्साह और जश्न का प्रतीक बन गई है। दुनिया भर में फुटबॉल और अन्य बड़े खेल आयोजनों में फैंस अक्सर आले, आले, आले गाकर अपनी टीम का हौसला बढ़ाते हैं। मार्टिन ने लिविन ला विदा लोका सॉन्ग पर भी परफॉर्म किया। यह एक बहुत लोकप्रिय गाना है। यह गाना 1999 में रिलीज हुआ था और उस समय दुनिया भर में जबरदस्त हिट रहा। सुखबीर ने इश्क तेरा तड़पावे पर शानदार परफॉर्मेंस दी
क्लोजिंग सेरेमनी में मशहूर पंजाबी सिंगर सुखबीर सिंह ने अपने फेमस गाने इश्क तेरा तड़पावे पर शानदार परफॉर्मेंस दी। जैसे ही यह गाना शुरू हुआ, स्टेडियम में मौजूद फैंस झूम उठे और पूरे स्टेडियम में जबरदस्त माहौल बन गया। फैंस ने गाने की धुन पर जमकर डांस किया और तालियों के साथ कलाकार का स्वागत किया। सुखबीर ने इश्क तेरा तड़पावे के अलावा तारे गिन-गिन और सौदा खरा-खरा गाने पर भी परफॉर्म किया। जनरल हॉस्पिटल में काम कर चुके हैं मार्टिन रिकी मार्टिन ‘लिविन’ ला विडा लोका’ और ‘द कप ऑफ लाइफ’ जैसे हिट गानों के लिए जाने जाते हैं। सिंगिंग के साथ-साथ रिकी मार्टिन टीवी और लाइव स्टेज शो भी करते हैं। उन्होंने 1994–95 में टीवी शो ‘जनरल हॉस्पिटल’ में काम किया था। सुखबीर भांगड़ा और पॉप गाने गाते हैं
सुखबीर सिंह भले ही ज्यादातर भांगड़ा और पॉप गाने गाते हैं, लेकिन उनकी दिलचस्पी गजलों में भी रही है। वह 9 भाषाओं में गा सकते हैं। इनमें हिंदी के अलावा पंजाबी, इंग्लिश, पुर्तगाली, स्पैनिश और स्वाहिली शामिल है। फाल्गुनी को डांडिया क्वीन भी कहा जाता
फाल्गुनी पाठक भारत की प्रसिद्ध पॉप और गुजराती सिंगर हैं, जिन्हें खासतौर पर गरबा और डांडिया गानों के लिए जाना जाता है। उनका जन्म 12 मार्च 1969 को मुंबई में हुआ था। फाल्गुनी पाठक ने 1990 के दशक में इंडी-पॉप म्यूजिक से काफी लोकप्रियता हासिल की। उनके कई गाने आज भी बहुत लोकप्रिय हैं, जैसे याद पिया की आने लगी, मैनें पायल है छनकाई और मेरी चुनर उड़ उड़ जाए। उन्हें अक्सर डांडिया क्वीन भी कहा जाता है, क्योंकि नवरात्री के दौरान उनके लाइव गरबा-डांडिया कॉन्सर्ट बहुत मशहूर होते हैं। ————————————— क्रिकेट का कीड़ा है तो सॉल्व कीजिए ये सुपर क्विज क्या आप खुद को क्रिकेट के सुपर फैन मानते हैं? पूरे T20 वर्ल्ड कप टूर्नामेंट के दौरान दैनिक भास्कर के खास गेम ‘SUPER ओवर’ में रोज क्रिकेट से जुड़े 6 सवाल आपका क्रिकेट ज्ञान परखेंगे। जितनी जल्दी सही जवाब देंगे उतने ज्यादा रन बनेंगे। जितने ज्यादा रन बनेंगे, लीडरबोर्ड में उतना ही ऊपर आएंगे। तो रोज खेलिए और टूर्नामेंट का टॉप स्कोरर बनिए। अभी खेलें SUPER ओवर…क्लिक करें