क्रिकेटर रिंकू सिंह टीम इंडिया का साथ छोड़कर घर लौट गए हैं। दरअसल, लिवर कैंसर से जूझ रहे रिंकू के पिता खानचंद सिंह की तबीयत अचानक बिगड़ गई। फिलहाल वे ग्रेटर नोएडा के एक प्राइवेट हॉस्पिटल में भर्ती हैं। न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक जब रिंकू को पिता के बारे में जानकारी मिली, उस वक्त वे चेन्नई में थे। BCCI के सूत्रों ने इस बात की पुष्टि की है कि रिंकू प्रैक्टिस सेशन में भी शामिल नहीं हुए। परिवार में आई मेडिकल इमरजेंसी के कारण रिंकू का 26 फरवरी को जिम्बाब्वे के खिलाफ खेलना भी मुश्किल लग रहा है। पिता को फोर्थ स्टेज का लिवर कैंसर है क्रिकेटर रिंकू सिंह के पिता खानचंद सिंह को फोर्थ स्टेज का लिवर कैंसर है। उनकी तबीयत अचानक बिगड़ने के बाद घरवालों ने उन्हें ग्रेटर नोएडा के सेक्टर ओमेगा वन के यथार्थ अस्पताल पहुंचाया। फिलहाल उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। अस्पताल के मुताबिक- खानचंद सिंह को तत्काल इलाज की जरूरत थी। उन्हें ICU में रखा गया है। डॉक्टरों की एक टीम लगातार उनकी सेहत पर नजर रख रही है। पिता के हॉस्पिटल में भर्ती होने की खबर मिलते ही रिंकू सिंह मंगलवार सुबह 10 बजे अस्पताल पहुंचे। यहां उन्होंने पिता के साथ कई घंटे बिताए, साथ ही डॉक्टरों से अपडेट भी लिया। ट्रेनिंग सेशन में हिस्सा नहीं लिया भारत और जिम्बाब्वे के बीच सुपर-8 का मुकाबला 26 फरवरी को चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेला जाना है। रिंकू ने मंगलवार को ट्रेनिंग सेशन में हिस्सा नहीं लिया, जबकि टीम के बाकी खिलाड़ी नेट्स पर मौजूद रहे। भारत के लिए यह मुकाबला अहम है, क्योंकि भारतीय टीम को सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए यह मैच बड़े अंतर से जीतना होगा। वर्ल्ड कप के 5 मैच में 24 रन ही बना सके रिंकू रिंकू सिंह भारतीय टीम में छठे या सातवें नंबर पर बैटिंग करते हैं। उन्हें टीम फिनिशर के तौर पर इस्तेमाल करती है। हालांकि, मौजूदा वर्ल्ड कप रिंकू के लिए अच्छा नहीं रहा है। वे इस टूर्नामेंट में 5 मैच में 24 रन ही बना सके हैं। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पिछले मैच में वे खाता भी नहीं खोल सके थे। टूर्नामेंट में उनका स्कोर 6, 1, 11, 6 और 0 रहा है। रिंकू पाकिस्तान और नीदरलैंड के खिलाफ वे नाबाद रहे थे। पिता गैस सिलेंडर डिलीवरी का काम करते थे क्रिकेटर रिंकू का बचपन काफी कठिनाई भरा रहा है। KKR को दिए एक इंटरव्यू में रिंकू ने अपनी जिंदगी के बारे में बात की थी। उन्होंने बताया था- परिवार में 5 भाई हैं। पापा सिलेंडर डिलीवरी का काम करते थे। हम पांचों भाइयों से भी काम करवाते। हम सारे भाई बाइक पर 2-2 सिलेंडर रखकर होटलों और घरों में डिलीवर करने जाते थे। सभी ने पापा को भी सपोर्ट किया और जहां भी मैच होते तो सारे भाई एक साथ ही खेलने जाते थे। मोहल्ले में 6-7 और लड़के थे, जिनके साथ पैसे मिलाकर गेंद लाते थे। रिंकू को खेलने के लिए हमेशा मना करते थे उनके पिता रिंकू ने बताया था कि उन्होंने टेनिस और लेदर बॉल से क्रिकेट खेलना शुरू किया था। UP के अलीगढ़ में मॉडर्न स्कूल से भी क्रिकेट खेला। इंटर स्कूल टूर्नामेंट में 32 बॉल पर 54 रन की नॉटआउट पारी खेली। शुरुआत में क्लब क्रिकेट खेलने का पैसा नहीं था तो सरकारी स्टेडियम में कार्ड बनवाकर प्रैक्टिस करते थे। रिंकू अपने संघर्ष के बारे में बताते हैं- मैच खेलने के लिए पैसे लगते, घरवालों से मांगो तो कहते थे कि पढ़ाई करो। पापा खेलने के लिए हमेशा मना करते थे, मम्मी थोड़ा सपोर्ट करती थीं। शहर के पास एक टूर्नामेंट हुआ, उसके लिए पैसे चाहिए थे। मम्मी ने दुकान से एक हजार रुपए उधार लेकर दिए थे। ———————
ये खबर भी पढ़ें… प्रिया सरोज बोलीं- रिंकू ने प्रपोज किया, वरना IAS से होती शादी, आज तक हमारी डेट नहीं हुई इंडियन क्रिकेट टीम के खिलाड़ी रिंकू सिंह और सपा की युवा सांसद प्रिया सरोज एक बार फिर अपनी लव स्टोरी को लेकर सुर्खियों में हैं। रिंकू ने अपने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें दोनों ने अपने रिश्ते की शुरुआत से लेकर शादी तक का सफर हल्के-फुल्के अंदाज में शेयर किया। पढ़ें पूरी खबर…