उन्नाव। समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उन्नाव शहर के एक निजी रिसॉर्ट में आयोजित शादी समारोह में शामिल होने के बाद मीडिया से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला। कहा कि प्रदेश की जनता अब बदलाव चाहती है। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि राज्य में बेरोजगारी और महंगाई चरम पर है। उन्होंने कहा कि नौजवान डिग्रियां लेकर घूम रहे हैं, लेकिन उन्हें रोजगार नहीं मिल रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री ने लगभग हर बड़ी परीक्षा का पेपर लीक होने का भी जिक्र किया। उन्होंने सरकार पर तंज कसते हुए कहा, “अगर सरकार नौकरी नहीं देना चाहती तो पेपर लीक करा दे, परीक्षा टाल दे या नकल करा दे, ताकि परीक्षा निरस्त हो जाए।” उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि पेपर लीक रोकने के लिए सरकार ने अब तक क्या ठोस कदम उठाए हैं और किन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। सपा अध्यक्ष ने दावा किया कि युवाओं में सरकार के खिलाफ आक्रोश बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि कैंपस में पढ़ाई, रोजगार और महंगाई जैसे मुद्दों पर युवा एकजुट हो रहे थे, जिससे सत्तारूढ़ दल को खतरा महसूस हुआ। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि इसी डर के कारण ‘डिवाइड एंड रूल’ की नीति अपनाई गई, जैसा कि नेपाल, बांग्लादेश और श्रीलंका जैसे देशों में युवाओं की एकजुटता से सरकारें बदलने पर देखा गया था। संविधान का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि देश का संविधान सभी नागरिकों को समान अधिकार देता है और धर्म या जाति के आधार पर भेदभाव की अनुमति नहीं देता। उन्होंने सवाल किया, “जो लोग संविधान के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं, उनसे क्या उम्मीद की जा सकती है?” विकास कार्यों के मुद्दे पर भी अखिलेश यादव ने सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि समाजवादी सरकार के दौरान बने एक्सप्रेस-वे और अन्य बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का मौजूदा सरकार ने केवल नाम बदलने या फीता काटने का काम किया है, जबकि धरातल पर नया विकास कम दिखाई देता है। आगामी चुनावों की रणनीति पर उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी अपने गठबंधन सहयोगियों के साथ मजबूती से चुनाव लड़ेगी और जनता के बीच जाकर उनके अधिकारों की लड़ाई जारी रखेगी।
इस मौके पर पार्टी के अन्य नेता भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बातचीत में अखिलेश यादव ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी युवाओं, किसानों और आम जनता के मुद्दों को लेकर सड़क से सदन तक संघर्ष जारी रखेगी।