अगवा LKG छात्र बनारस के नमो घाट से बरामद:घाट पर बच्चे को छोड़कर भागे, रिश्ते के मामा ने किया था अपहरण

प्रयागराज से फिल्मी स्टाइल में अगवा किए गए LKG छात्र को पुलिस ने बरामद कर लिया। छात्र को वाराणसी के नमो घाट से पुलिस ने सकुशल बरामद किया। पुलिस की घेराबंदी देख अपहरणकर्ता बच्चे को छोड़कर निकल भागे। पुलिस टीमों ने पहले बच्चे को सुरक्षित अपने पास लिया। इसके बाद बदमाशों का पीछा शुरू किया। दो टीमें नमो घाट पर ही कई संदिग्धों को पकड़ कर पूछताछ कर रहीं है। बच्चे ने पुलिस को जो जानकारी दी वह सनसनीखेज है। इससे साफ हुआ है कि बच्चे का अपहरण उसके रिश्ते में मामा लगने वाले युवक ने किया था। पुलिस प्रतीक के रिश्तेदार मामा और उसके साथियों की तलाश में जुटी है। अपहरण की वजह अब तक साफ नहीं हुई। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वाराणसी में पुलिस टीमें छापेमारी में जुटी हैं। बच्चे को लेकर एक टीम प्रयागराज के लिए चल दी है। बताते हैं कि आरोपी करछना के बबुरा गांव के रहने वाले हैं। प्रतीक की सकुशल बरामदगी की खबर पुलिस ने उसके घरवालों को दी है। परेशान परिजनों ने प्रतीक के मिल जाने के बाद खुशियां मनाई। घर पर जमा भीड़ ने मिठाई बांटीं। साथ ही पुलिस जिंदाबाद के नारे भी लगाए। अब पढ़िए पूरा मामला
स्कूल वैन से आता-जाता था मासूम
मांडा के सराय कला गांव का रहने वाला प्रतीक शर्मा (6) रामनगर में सोनार का तारा स्थित स्कूल में LKG में पढ़ता है। दादा नागेश्वर प्रसाद ने बताया- प्रतीक रोज की तरह शनिवार को भी स्कूल गया था। स्कूल गांव से करीब 15 किलोमीटर दूर है। बच्चा स्कूल वैन से आता-जाता था। सफेद रंग की ऑल्टो कार से आए बदमाश
दादा ने बताया- रोज की तरह शनिवार को भी शाम 4 बजे उसे स्कूल वैन छोड़ने गांव में आई। पहले की तरह घर से करीब 150 मीटर दूर वह वैन से उतरा। मैं वहां पहुंच ही रहा था कि 20 कदम की दूरी पर एक कार रुकी। उसमें बैठे लोगों ने मुझसे जेवनियां गांव जाने का रास्ता पूछा। मैं उनको रास्ता बता रहा था कि प्रतीक के वैन से नीचे उतरते ही वे लोग उसे खींचकर कार में बैठा लिए और भाग गए। उन्होंने बताया- कार की नंबर प्लेट टूटी थी। इस वजह से नंबर दिखा नहीं। मैंने शोर मचाया, कार के पीछे भागा भी। लेकिन कुछ नहीं कर पाया। मैं बदहवास होकर जमीन पर गिर गया। मैंने दोनों बदमाशों को पहले कभी नहीं देखा है। बच्चे के पापा मुंबई में सिक्योरिटी गार्ड
प्रतीक के पिता ओम प्रकाश शर्मा मुंबई के एक अपार्टमेंट में सिक्योरिटी गार्ड हैं। गांव में उनकी पत्नी, दो बच्चों के अलावा उनके पिता नागेश्वर रहते हैं। ओम प्रकाश के दो बच्चों में 6 साल का प्रतीक बड़ा है। उससे छोटी एक बेटी है, जो तीन साल की है। उधर, पिता ओम प्रकाश को मुंबई में जब बेटे के अपहरण की सूचना दी गई, तो वह बेहोश हो गए थे। परिजन के अनुसार, शनिवार रात को वह प्रयागराज आने के लिए चल दिए थे। मोबाइल में फोटो देख रही मां
किडनैप छात्र की मां आरती शर्मा का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार की महिलाएं उन्हें संभाल रही हैं। आरती बार-बार मोबाइल में अपने बेटे की फोटो देख रहीं। वह रोते हुए सिर्फ यही कह रहीं- मेरा बेटा वापस ले आओ कोई…मुझे मेरा बेटा चाहिए। पुलिस ने 24 घंटे में बच्चे को सकुशल बरामद करने का दिया था आश्वासन
उधर, अपहरण की सूचना के बाद पुलिस सक्रिय है। एसीपी डॉ. अजय पाल शर्मा और यमुनापार डीसीपी विवेक चंद्र यादव भी मौके पर पहुंचे। घटना की जानकारी ली। मौके पर ही मांडा थानाध्यक्ष अनिल कुमार वर्मा को फटकार लगाई। एसीपी ने 24 घंटे में छात्र की बारामदगी का आश्वासन दिया था। 24 घंटे में ही पुलिस ने छात्र का बरामद कर लिया है।

अखिलेश यादव ने की बच्चे को सही सलामत घर पहुंचाने की मांग