झांसी की पहली महिला ऑटो ड्राइवर अनीता चौधरी (40) की हत्या करने वाले उसके एक्स बॉयफ्रेंड मुकेश झा का इरादा सिर्फ एक नहीं, बल्कि दो हत्याएं करने का था। शुक्रवार को एनकाउंटर के बाद पकड़े गए आरोपी मुकेश झा ने पुलिस को यह जानकारी दी। उसने बताया कि वह अनीता के साथ-साथ उसके बॉयफ्रेंड अरुण को भी गोली मारना चाहता था। उसने पहले अनीता पर फायर किया। गोली लगते ही ऑटो अनियंत्रित होकर पलट गया। इसी दौरान अरुण मौके से भाग निकला। मुकेश ने पुलिस को बताया कि उसने चोरी-छिपे अनीता के ऑटो में लाइव वॉयस GPS ट्रैकर लगा रखा था। इसके जरिए वह उसकी हर गतिविधि पर नजर रखता था और माइक्रोफोन के माध्यम से ऑटो में होने वाली सारी बातचीत भी सुनता था। इसी से उसे अनीता और अरुण के रिश्ते की जानकारी मिली। उसने अनीता को कई बार समझाने की कोशिश की, लेकिन जब वह नहीं मानी तो उसने हत्या की योजना बना ली। हालांकि, अरुण बच गया। 4 जनवरी को अनीता की लाश सड़क किनारे मिली थी। परिवार ने हत्या की आशंका जताई थी, जबकि पुलिस ने पहले इसे एक्सीडेंट बताया था। बाद में जांच के बाद उसके एक्स बॉयफ्रेंड मुकेश झा को आरोपी बनाया गया। शनिवार को पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। अफेयर का पता लगाने के लिए जीपीएस लगाया एसएसपी बीबी जीटीएस मूर्ति ने बताया- मुकेश किसी भी कीमत पर अनीता को खोना नहीं चाहता था। नवंबर 2025 में उसने चोरी छुपे अनीता की ऑटो में एक जीपीएस ट्रैकर लाइव वॉयस के साथ लगा दिया। जिससे वो अनीता की सारी गतिविधि पर नजर रखने लगा। माइक्रोफोन के जरिए ऑटो में होने वाली सारी बातें भी सुनने लगा। इसके अलावा अनीता के मोबाइल का कंट्रोल भी अपने मोबाइल में एक्सेस कर लिया था। इससे उसकी सारी जानकारी मुकेश को मिलती रहती थी। इसी वजह से मुकेश को अनीता और अरुण के रिलेशन का भी पता चल गया था। उसके बाद अनीता उससे अलग रहने लगी। इससे मुकेश चिढ़ गया था। अब जानिए पूरा मामला अनीता चौधरी नवाबाद थाना क्षेत्र के तालपुरा स्थित अंबेडकर नगर में रहती थी। उनके तीन बच्चे हैं। बड़े बेटे विक्की की शादी हो चुकी है। उससे छोटी बेटी साक्षी (18) और जानू (16) पढ़ते हैं। अनीता 9 साल पहले ओरछा में एक ग्लास फैक्ट्री में काम करती थी, जहां मुकेश झा मैनेजर था। एक साथ काम करने की वजह से दोनों की दोस्ती हो गई। 7 साल पहले यह दोस्ती प्यार में बदल गई। दोनों ने 4 जनवरी 2019 को एक मंदिर में शादी कर ली थी। अनीता जॉब छोड़कर ऑटो चलाने लगी थी। दोनों एक साथ रहने लगे थे। मुकेश से ब्रेकअप कर अरुण से नजदीकी बढ़ाई पुलिस के अनुसार, 7 साल तक मुकेश झा और अनीता का अफेयर चला। अनीता अक्सर ऑटो लेकर रेलवे स्टेशन के पास खड़ी होती थी। यहां जुलाई 2025 में ट्रेवल एजेंसी में काम करने वाले अरुण से उसकी दोस्ती हो गई। अनीता उसे पसंद करने लगी। दोनों घंटों मोबाइल पर बात करते। अरुण से नजदीकी बढ़ने पर अनीता मुकेश को नजरअंदाज करने लगी। फोन उठाना और मिलना बंद कर दिया। पूछने पर अनीता कुछ नहीं बताती थी। इससे मुकेश को शक हो गया। नवंबर में उसे अनीता और अरुण के अफेयर का पता चल गया। अनीता ने थाने में कर दी थी शिकायत अनीता को अपने से दूर जाता देख मुकेश बर्दाश्त नहीं कर पाया। वो उसे परेशान करने लगा था। तब अनीता ने नवाबाद थाने में शिकायत कर दी थी। तब दोनों परिवारों के लोग एकत्र हुए थे। मुकेश अपने परिजनों के सामने बोला- मैं तो अनीता के साथ ही रहूंगा। जब अनीता से पूछा गया तो उसने कहा कि वह मुकेश के साथ नहीं रहना चाहती। यह सुनते ही मुकेश बौखला गया। कहने लगा कि अब या तो तुम रहोगी या हम। उसने गोली मारने की धमकी भी दी थी। तब से वह अनीता का पीछा कर रहा था। जीपीएस की वजह से ऑटो की लोकेशन मिली अनीता झांसी की पहली महिला ऑटो ड्राइवर थी। वह सुबह और रात को ऑटो चलाती थी। दिन में घर के कामकाज निपटाती थी। 4 जनवरी की रात 9:30 बजे वह घर से ऑटो चलाने निकली थी। मुकेश ने पुलिस को बताया- 4 जनवरी को हमारी मैरिज एनिवर्सरी थी। मुकेश ने अनीता से बाहर चलने को कहा। मगर अनीता ने मना कर दिया। ऑटो में अरुण को बैठाकर घूमने चली गई। इसके बाद उसने दोनों को सबक सिखाने की ठान ली। जीपीएस ट्रैकर के सहारे वह पीछा करते हुए अनीता की ऑटो तक पहुंच गया। स्टेशन रोड पर सुकुवां-ढुकुवां कॉलोनी के पास चलती ऑटो में अनीता की कनपटी में गोली मारी। ऑटो पलट गया और अनीता की मौत हो गई। अरुण भाग निकला। सड़क किनारे ऑटो पलटा, खून से लथपथ शव पड़ा था 4 जनवरी की देर रात करीब 1:30 बजे लोगों ने सड़क किनारे अनीता का शव पड़ा देखा। थोड़ी दूरी पर ऑटो पलटा हुआ था। लोगों को लगा कि एक्सीडेंट हुआ है। घरवालों और पुलिस को भी एक्सीडेंट की सूचना मिली। पुलिस पहले तो एक्सीडेंट ही मानती रही। लेकिन परिजन ने कहा- अनीता के शरीर पर चोट के एक भी निशान नहीं। यह एक्सीडेंट नहीं हत्या है। कार्रवाई की मांग को लेकर परिजन एसएसपी कार्यालय पहुंचे। मुकेश झा, उसके बेटे शिवम झा और बहनोई मनोज झा के खिलाफ केस दर्ज कराई। शिवम और मनोज को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जबकि मुकेश फरार हो गया। उस पर एसएसपी ने 25 हजार का इनाम घोषित किया था। शनिवार को मुकेश मुठभेड़ में पकड़ा गया। कैसे पुलिस ने पकड़ा पढ़िए… SP सिटी प्रीति सिंह ने बताया था- मुकेश झा (37) प्रेमनगर थाना क्षेत्र के इसाईटोला मोहल्ले का रहने वाला है। उस पर 25 हजार रुपए का इनाम रखा गया था। शुक्रवार देर रात मुखबिर ने सूचना दी कि मुकेश को भगवंतपुरा से करगुआंजी वाले कच्चे रास्ते पर देखा गया है। नवाबाद थाना प्रभारी रवि प्रकाश श्रीवास्तव ने पुलिस टीम के साथ घेराबंदी की। मुकेश को रुकने का इशारा किया गया तो वह फायरिंग करने लगा। काउंटर अटैक में उसके पैर में गोली लगी। घायल मुकेश को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। अब पढ़िए अनीता के ऑटो ड्राइवर बनने की कहानी अनीता चौधरी एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करती थी। उसने 15 साल तक काम किया। 2020 में उसकी सुपरवाइजर से कहासुनी हो गई। गुस्से में सुपरवाइजर ने कहा- कल से मत आना। यह बात अनीता को बुरी लगी और उसने नौकरी छोड़ दी। अनीता के पति द्वारका चौधरी बस स्टैंड के पास ठेला लगाते हैं, जिससे घर का खर्च नहीं चलता था। तब अनीता बच्चों को लेकर महाराष्ट्र चली गई। वहां गए 10-15 दिन ही हुए थे कि कोरोना की वजह से लॉकडाउन की चर्चा होने लगी। वहां नौकरी भी नहीं मिली, इसलिए वह घर लौट आई। महाराष्ट्र से लौटने के बाद अनीता के घर के हालात और बिगड़ गए। तब उसने फाइनेंस पर ऑटो लेकर चलाने का प्लान बनाया। कोई बैंक लोन देने को तैयार नहीं था, लेकिन एक निजी बैंक ने लोन देने की हामी भरी। जब बैंक के अधिकारी घर आए तो पति ने आधार कार्ड और अपने बैंक खाते की जानकारी देने से मना कर दिया। घरवाले अनीता के ऑटो चलाने का विरोध कर रहे थे। अनीता ने किसी तरह कागजात पूरे किए। 18 फरवरी 2021 को उसने फाइनेंस पर नई ऑटो खरीदी। अनीता को ऑटो चलाना नहीं आता था। पड़ोसी ऑटो ड्राइवर ने उसे ऑटो चलाना सिखाया। इस तरह अनीता झांसी की पहली महिला ऑटो ड्राइवर बन गई। DIG से लेकर कई संस्थाएं कर चुकी थीं सम्मानित अनीता के जज्बे की हर तरफ तारीफ होती थी। 13 दिसंबर 2021 को उसे तत्कालीन डीआईजी जोगेंद्र सिंह सहित कई संस्थाओं ने सम्मानित किया था। अनीता ने अपनी ऑटो के आगे पोस्टर भी लगाए थे, जिन पर लिखा था- जनपद झांसी पुलिस, झांसी की पहली महिला ऑटो ड्राइवर। पुरुष और महिला एक समान, जन-जन का हो यही आह्वान। पुलिस अफसरों के नंबर भी लिखे थे। अनीता से प्रेरणा लेकर अब कई महिलाएं ऑटो और ई-रिक्शा चला रही हैं। —————————- यह खबर भी पढ़ें अयोध्या राम मंदिर में नमाज पढ़ने की कोशिश, परिसर में घुसा 55 साल का शख्स पकड़ा गया अयोध्या के राम मंदिर में एक 55 साल के कश्मीरी व्यक्ति ने नमाज पढ़ने की कोशिश की। जैसे ही उसने नमाज पढ़ने के लिए कपड़ा बिछाया, तो वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने उसको पकड़ लिया। इसके बाद वह नारेबाजी करने लगा। यहां पढ़े पूरी खबर