अमेठी हत्याकांड के पांच दोषियों को उम्रकैद की सजा:चार साल बाद आया फैसला, 90 हजार जुर्माना भी लगाया

सुल्तानपुर की एक अदालत ने चार साल पुराने सपा कार्यकर्ता आलोक पाल हत्याकांड में पांचों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषीयो पर 90 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर तीन महीने की अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी। एडीजे तृतीय निशा सिंह की अदालत ने मंगलवार को दोष सिद्ध होने के बाद शुक्रवार को यह सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता रवि शुक्ला ने बताया कि यह घटना अमेठी जिले के संग्रामपुर थाना क्षेत्र के पूरे गड़ेरियन राजा पुर कोहरा गांव में 2 मार्च 2022 को हुई थी। मृतक आलोक पाल अपने भाई प्रशांत पाल के साथ बाजार जा रहे थे। रास्ते में ननकू दास की कुटी के पास घात लगाए बैठे आरोपियों ने दोनों भाइयों पर लाठी-डंडों और लोहे की रॉड से हमला कर दिया। इस हमले में दोनों भाइयों को गंभीर चोटें आईं। परिजनों ने उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया, जहां आलोक पाल की मौत हो गई। मृतक आलोक पाल के पिता राम राज पाल की तहरीर पर पुलिस ने अजय मिश्र, माधव राज मिश्र, आशुतोष मिश्र, दुर्गा प्रसाद मिश्र और अभिषेक मिश्र के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। मामले की विवेचना संग्रामपुर थाने में तैनात निरीक्षक आशीष कुमार वर्मा ने की थी। विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष ने नौ गवाहों के साक्ष्य प्रस्तुत किए। इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने पांचों आरोपियों को दोषी ठहराया। मंगलवार को दोष सिद्ध होने के बाद सभी अभियुक्तों को जेल भेज दिया गया था।