अयोध्या के साकेत महाविद्यालय में शिक्षकों का विरोध:काली पट्टी बांधकर शिक्षकों का प्रदर्शन, एफआईआर वापस लेने की मांग

अयोध्या के साकेत महाविद्यालय में सोमवार को शिक्षक संघ ने जोरदार प्रदर्शन किया। अध्यक्ष जनमेजय तिवारी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में शिक्षक महाविद्यालय परिसर में एकत्र हुए और हाथों में काली पट्टी बांधकर शांतिपूर्ण ढंग से विरोध दर्ज कराया। प्राचार्य परिषद, उत्तर प्रदेश ने परीक्षा केंद्र पर प्राचार्य के साथ कथित दुर्व्यवहार और दर्ज एफआईआर के मामले को गंभीर बताते हुए राज्यपाल से हस्तक्षेप की मांग की है। परिषद की ओर से 11 को भेजे गए पत्र में 2 फरवरी 2026 की घटना का उल्लेख किया गया है। पत्र के अनुसार, बी.एन.के.बी. महाविद्यालय, अकबरपुर को परीक्षा केंद्र बनाया गया था। आरोप है कि उप जिलाधिकारी द्वारा केंद्राध्यक्ष/प्राचार्य डॉ. सुचिता पांडे के साथ दुर्व्यवहार किया गया और बाद में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई।
परिषद का कहना है कि विश्वविद्यालय के उड़ाका दल द्वारा सघन तलाशी के बावजूद न तो किसी प्रकार की नकल सामग्री मिली और न ही कोई छात्र-छात्रा नकल करते पकड़ा गया। इसके बावजूद एफआईआर दर्ज किया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। शिक्षकों का कहना है कि प्रधानाचार्य प्रोफेसर सुचिता पांडे, सी.पी. तिवारी और अजय सिंह समेत अन्य शिक्षकों के खिलाफ दर्ज की गई एफआईआर अनुचित है। उनका आरोप है कि बिना निष्पक्ष जांच के की गई यह कार्रवाई शिक्षकों की छवि धूमिल करने का प्रयास है। प्रदर्शन के दौरान शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि मुकदमा शीघ्र वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह कदम शिक्षा जगत की गरिमा के खिलाफ है और इससे पूरे शिक्षण समुदाय में रोष व्याप्त है। संघ ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर उचित निर्णय लेने की मांग की है। प्रदर्शन के दौरान महाविद्यालय परिसर में शांति व्यवस्था बनाए रखी गई। शिक्षक संघ ने स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन लोकतांत्रिक तरीके से जारी रहेगा, जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता।