अयोध्या सदर विधानसभा में दिख रहा भाजपा को नुकसान:इस सीट पर सबसे ज्यादा 1 लाख 7 हजार नाम कटे, गढ़ में बढ़ी भाजपा की चुनौती

जिले में विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण में 3 लाख 37 हजार मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से कम हो गये हैं। सबसे अधिक 1 लाख 7 हजार मतदाता अयोध्या विधानसभा क्षेत्र में घटे हैं। सूची राजनीतिक दलों को उपलब्ध करा दी गई है। जिनके नाम नहीं हैं, उनके लिए आपत्ति और दावा का अवसर अभी शेष है। अभी अंतिम सूची में समय है। छह फरवरी तक का अवसर कटे हुए नामों के जुड़ने के लिए अभी है। दावों और आपत्तियों का निस्तारण के लिए एक माह का समय रहेगा। छह मार्च को अंतिम सूची प्रकाशित होगी। सूची कभी को लेकर राजनीतिक दलों की माथापच्ची शुरू हो गई। हानि लाभ का गुणा गणित बूथ दर बूथ समीक्षा के साथ शुरू हो गया है। अयोध्या सदर के इन बूथों से सबसे ज्यादा नाम कटे हैं हालांकि सूची मंगलवार को ही प्रकाशित हुई है, अभी आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला शुरू नहीं हुआ है। ऐसे बूथ समस्या बनेंगे जहां बहुत अधिक नाम मतदाता सूची से कटे हैं। मतदेय स्थल संख्या 177 कांसीराम कंपोजिट विद्यालय, 158 पूर्व माध्यमिक विद्यालय कटरा और औद्योगिक शिक्षण संस्थान 128 में बड़ी संख्या में मतदाता मौके पर उपलब्ध नहीं मिले हैं।
फिलहाल 15 लाख 70 हजार 258 मतदाता अब जिले के पांच विधानसभा क्षेत्रों में हैं। पहले 19 लाख सात हजार 800 मतदाता थे। रुदौली में तीन लाख चार हजार 235, मिल्कीपुर में तीन लाख 31 हजार 623, बीकापुर में तीन लाख 27 हजार 694, अयोध्या में दो लाख 78 हजार 238 एवं गोसाईंगंज विधानसभा क्षेत्र में तीन लाख 28 हजार 468 मतदाता रह गये हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी निखिल टी फुंडे के अनुसार आयोग के निर्देशानुसार मतदाता सूची की हार्ड एवं साफ्ट प्रति अलग-अलग सभी प्रमुख राजनीतिक दलों को उपलब्ध करा दी गई है।
अयोध्या विधानसभा क्षेत्र में एक लाख सात हजार नाम कम होने से सभी दलों की चिंता बढ़ा दी है। बूथवार समीक्षा में कौन फायदे में है और किसे हानि हो रही है पता चलेगा। हर विधानसभा सीट पर इस तरह नाम कटे वरिष्ठ पत्रकार रामप्रकाश त्रिपाठी के अनुसार एसआईआर के बाद अयोध्या को उसके गढ़ अयोध्या सदर में नुकसान होता दिख रहा है।ऐसा इसलिए चूंकि अयोध्या सदर की सीट पर सबसे ज्यादा वोटर भाजपा के ही है।यहां संतों ने नाम भी बहुत कटे हैं जो कि भाजपा के परंपरागत वोटर्स माने जाते हैं।