अयोध्या से निकली धर्म-जागरण पदयात्रा:12 से अधिक संत 5 साल तक देश के तीर्थों का करेंगे भ्रमण, हरिद्वार में होगा समापन

श्रीराम मंदिर का भव्य निर्माण पूर्ण होने के बाद अयोध्या स्थित अखिल भारतीय श्री पंच तेरह भाई त्यागी खाक चौक मंदिर से धर्म-जागरण यात्रा निकाली गई। सनातन धर्म जागरण के लिए संचालित यह पारंपरिक यात्रा सदियों से तीर्थ-दर्शन और समाज में धार्मिक चेतना फैलाने के उद्देश्य से होती रही है। इस ऐतिहासिक यात्रा का पुनः शुभारंभ रविवार को किया गया। खाक चौक के दो दर्जन से अधिक संत चारधाम की पदयात्रा करते हुए अयोध्या पहुंचे थे। रविवार को रथ के साथ ये संत अयोध्या धाम से पुनः सनातन धर्म प्रचार के लिए रवाना हुए। 5 साल तक देशभर में भ्रमण करेगी यात्रा
यात्रा देश के द्वादश ज्योतिर्लिंग, चारधाम और सप्तपुरी सहित प्रमुख तीर्थस्थलों का दौरा करेगी। लगभग 5 सालों तक संत विभिन्न राज्यों में धर्मप्रचार, भजन-कीर्तन और जनजागरण करते हुए आगे बढ़ेंगे। यात्रा का समापन हरिद्वार में होगा।
श्री संकट मोचन हनुमान किला के पीठाधीश्वर महंत परशुराम दास तथा एसपी ट्रैफिक ने संतों का स्वागत कर यात्रा को रवाना किया। यात्रा का संचालन श्रीमहंत नरसिंह दास महाराज के नेतृत्व में किया जा रहा है। महंत परशुराम दास ने बताया कि खाक चौक त्यागी संतों का खालसा है, जो निरंतर धर्मप्रचार और समाज जागरण में सक्रिय रहता है। उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय श्री पंच तेरा भाई त्यागी परंपरा के तहत संत वर्षों से देशभर में धार्मिक यात्राएं निकालते रहे हैं। रविवार को दोबारा दो दर्जन संत सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से देशव्यापी यात्रा पर निकले हैं।
खाक चौक आश्रम में संतों का भव्य स्वागत किया गया। पश्चिम बंगाल में बाबर के नाम पर मस्जिद निर्माण के मामले पर उन्होंने कहा कि “वहां राम मंदिर ही बनेगा, भले नींव मस्जिद की रखी जा रही हो।” स्थान-स्थान पर होंगे भजन-कीर्तन
यात्रा संचालक नरसिंह दास ने बताया कि पदयात्रा देश के प्रमुख तीर्थों और राज्यों में जाएगी। रथ यात्रा भी साथ चलेगी। स्थान–स्थान पर भजन-कीर्तन आयोजित किए जाएंगे और लोगों को धार्मिक जागरूकता के लिए प्रेरित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि देश में बाबर के नाम पर मस्जिद बनवाना गलत है।