माघ मेला में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और प्रशासन के बीच चल रहा विवाद अब राजधानी दिल्ली में भी गूंजेगा। 10 और 11 मार्च को दिल्ली में गोरक्षा को लेकर बड़ा आयोजन होने जा रहा है। इस आयोजन में चारों पीठ के शंकराचार्य आमंत्रित हैं। ऐसा 19 साल बाद होने जा रहा है कि चारों पीठ के शंकराचार्य एक ही मंच पर मौजूद हों। माना जा रहा है कि शंकराचार्य अविमुकतेश्वरानन्द को लेकर हुए विवाद पर यहां से साझा बयान आ सकता है। गोरक्षा को लेकर दिल्ली में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती (ज्योतिर्मठ, उत्तर), स्वामी सदानंद सरस्वती (द्वारका मठ, पश्चिम), स्वामी निश्चलानंद सरस्वती (गोवर्धन मठ, पुरी, पूर्व), और श्रीजगद्गुरू भारती तीर्थ महास्वामी (शृंगेरी मठ, दक्षिण) शामिल होने वाले हैं। 2 पीठ का समर्थन पहले से प्राप्त
अविमुक्तेश्वरानंद को 2 पीठ का समर्थन पहले से प्राप्त है, तीसरी पीठ का समर्थन मिलने से असली नकली का विवाद हल्का पड़ जायेगा। पूरी पीठ के शंकराचार्य निश्चलानंद, अविमुक्तेश्वरानंद के नाम पर खुली सहमति अब तक नहीं जाता रहे थे लेकिन दो दिन पहले माघ मेला क्षेत्र में अविमुक्तेश्वरानंद को अपना लाडला कहा था। पुरी पीठ के शंकराचार्य पहले से ही आंदोलनरत
गो रक्षा आंदोलन को लेकर पुरी पीठ के शंकराचार्य पहले से ही आंदोलनरत हैं। गाय की रक्षा के व्रत के लिए पुरी पीठ के शंकराचार्य निश्चलानंद ने सिंहासन और छत्र का त्याग कर रखा है। ऐसे में दिल्ली आयोजन में उनका जाना तय माना जा रहा है। गो रक्षा विषय पर चारों शंकराचार्य का एक मंच पर आने का मतलब होगा स्वामी अविमुकतेश्वरानन्द पर सभी शंकराचार्यों की सहमति है। रामसेतु के लिए आए थे साथ
इससे पहले 19 मई 2007 को बेंगलोर में रामसेतु को लेकर सम्मेलन हुआ था, जिसमें सनातन परंपरा के सभी चार पीठ के शंकराचार्य एक मंच पर थे। 1979 में में साथ आए थे
पहला चतुष्पीठ सम्मेलन 1979 में श्रृंगेरी में आयोजित किया गया। इसमे पहली बार चारो शंकराचार्य एक मंच पर आए थे। धार्मिक इतिहास में तीसरी बार एक मंच पर चारों पीठ के शंकराचार्य 10 मार्च को दिल्ली में दिख सकते हैं। इसके आयोजन की बागडोर कम्प्यूटर बाबा और ब्रजेश सती, हिंदू धर्म गुरु संभाल रहे हैं। कम्प्यूटर बाबा ने कहा- माता केवल आस्था नहीं राष्ट्र की आत्मा
कम्प्यूटर बाबा ने बताया- धर्म संस्कृति और राष्ट्र चेतना को जागृत करने के लिए और गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने के पावन संकल्प के साथ संत सम्मेलन का आयोजन 10 और 11 मार्च दिल्ली में होने जा रहा है। इस सम्मेलन में देश भर के साधू संतों और चारों पीठो के शंकराचार्य को आमंत्रित किया जाएगा। जिससे एक धर्म निर्णायक घोषणा हो सके। गौ माता केवल आस्था नहीं राष्ट्र की आत्मा है। अगर दिल्ली का यह आयोजन अच्छी तरह से सफल होता है, तो यह धार्मिक इतिहास में तीसरी बार होगा जब चारों पीठों के शंकराचार्य एक मंच पर नजर आएंगे, जो सनातन परंपरा के लिए ऐतिहासिक क्षण होगा। ———————- ये खबर भी पढ़ें… अविमुक्तेश्वरानंद को चेतावनी- माघ मेले से बैन कर देंगे, योगी बोले- कई कालनेमि सनातन को कमजोर करने की साजिश रच रहे प्रयागराज में अविमुक्तेश्वरानंद और माघ मेला प्रशासन के बीच टकराव बढ़ता जा रहा है। 48 घंटे के अंदर प्रशासन ने अविमुक्तेश्वरानंद को दूसरा नोटिस भेजा है। इसमें मौनी अमावस्या के दिन बैरियर तोड़ने और जबरन भीड़ में बग्घी घुसाने को लेकर सवाल किए हैं। पढे़ं पूरी खबर…