लखनऊ के बाजारखाला क्षेत्र में प्राइवेट नर्सिंग होम संचालकों पर मनमाना शुल्क वसूलने और विरोध करने पर वकील को बंधक बनाने का गंभीर आरोप लगा है। तहरीर देने के बावजूद कार्रवाई न होने से नाराज पीड़ित वकील और उनके साथी वकीलों ने शनिवार को बाजारखाला थाने का घेराव कर प्रदर्शन किया। हंगामे के बाद पुलिस ने डॉक्टरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। बाजारखाला के भवानीगंज निवासी नरेंद्र कुमार साहू पेशे से एडवोकेट हैं। उन्होंने बताया कि 22 नवंबर को उन्होंने अपनी बहू को डिलीवरी के लिए वत्सला हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। 27 नवंबर को ऑपरेशन से बच्ची का जन्म हुआ लेकिन वह कमजोर थी। इसी बीच राम नर्सिंग होम के डॉक्टर श्रेय रस्तोगी बच्ची को अपने अस्पताल ले गए। आरोप है कि बच्ची को ऑक्सीजन पर रखा गया और बाहर के मेडिकल स्टोर से दवाएं मंगवाकर भारी भरकम रकम वसूली गई। 28 नवंबर को जब अधिवक्ता ने बच्ची को डिस्चार्ज कराने की बात कही तो राम नर्सिंग होम के डॉक्टर ए.के. सिंह, श्रेय रस्तोगी, लेखाकार सचान और अन्य स्टाफ ने उन्हें बंधक बना लिया। किसी तरह जान बचाकर पीड़ित वहां से घर पहुंच सके।
उनका आरोप है कि उन्होंने 10 दिसंबर को बाजारखाला थाने में तहरीर दी और आईजीआरएस पोर्टल पर भी शिकायत की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इससे नाराज होकर शनिवार को पीड़ित वकील अपने साथियों के साथ थाने पहुंचे और घेराव कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और आरोपी डॉक्टरों पर कार्रवाई की मांग की। सूचना पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को शांत कराया। इसके बाद पुलिस ने आनन-फानन में डॉक्टर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की। थाना प्रभारी ब्रजेश कुमार सिंह ने बताया कि मामले में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है और पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है।