आजम खान, बेटे अब्दुल्ला की जेल नहीं बदलेगी:रामपुर कोर्ट का फैसला; घर का कंबल तक नसीब नहीं हुआ; घरवालों को जेलर ने लौटाया

रामपुर जेल में बंद आजम खान को एक बार फिर मायूसी हाथ लगी है। MP/MLA कोर्ट ने आजम की उस डिमांड को ठुकरा दिया है, जिसमें उन्होंने अपनी और बेटे की जेल बदले जाने की मांग की थी। कोर्ट ने कहा- आजम और अब्दुल्ला को जेल मैन्युअल के अनुसार सभी सुविधाएं दी जाएं। जेल शिफ्टिंग से पहले कोर्ट से अनुमति जरूर ली जाए। आजम खान ने कहा था कि उन्हें और उनके बेटे को A कैटेगरी वाली जेल में और एक ही बैरक में रखा जाए। आजम खां रामपुर जेल की बैरक नंबर एक में बंद हैं, जबकि रामपुर जेल बी कैटेगरी में आती है। उम्र और सेहत को देखते हुए बेटे को पिता के साथ रखा गया है। जेल अधीक्षक राजेश यादव ने बताया, आजम खान को 526 और अब्दुल्ला को कैदी 525 नंबर दिया गया है। यह रजिस्टर का नंबर है। घरवाले कंबल लेकर जेल पहुंचे, जेलर ने लौटाया
आजम खान की जेल में पहली दो रातें बेचैनी भरी रहीं। आजम पूरी रात करवटें बदलते रहे। घर का कंबल भी नसीब नहीं हुआ। घरवाले घर से खाना बनाकर लाए थे, लेकिन जेल प्रशासन ने इसे अंदर ले जाने की इजाजत नहीं दी। कुछ ऐसा ही हाल अब्दुल्ला आजम का भी रहा। घरवाले घर से खाना और कंबल-चादर लेकर पहुंचे तो जेल प्रशासन ने साफ इनकार कर दिया। जेल अधीक्षक राजेश यादव ने बताया- जेल मैनुअल के अनुसार ही काम किया गया। सुरक्षा कारणों की वजह से बाहरी चीजों को अंदर नहीं ले जाने दे सकते। कोर्ट का अगला आदेश मिलने तक जेल में ही उपलब्ध संसाधनों का ही इस्तेमाल करना होगा। पैन कार्ड मामले में सोमवार को सपा के कद्दावर नेता आजम और उनके बेटे और पूर्व विधायक अब्दुल्ला को सात-सात साल की सजा हुई थी। एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट ने फैसले के बाद दोनों को जेल भेज दिया गया था। बुधवार को इस फैसले के खिलाफ सेशन कोर्ट में अपील दाखिल की गई है। यह अपील आजम के वकील ने दायर की है। तस्वीरें देखिए… खबर में आगे बढ़ने से पहले इस पोल पर अपनी राय दे दीजिए… पहले सोमवार को क्या-क्या हुआ, ये समझ लीजिए…
फर्जी दस्तावेजों से पैन कार्ड बनवाने के मामले को लेकर आजम और अब्दुल्ला को सोमवार दोपहर 3 बजे सजा सुनाई गई थी। कोर्ट के फैसले के बाद दोनों को शाम 4:10 बजे रामपुर जेल में भेज दिया गया। जेल जाते से समय आजम के हाथ में चश्मे का केस और दो पैकेट बिस्किट दिखे थे। बड़ा बेटा अदीब जेल गेट तक साथ आया और भावुक होकर अब्दुल्ला को गले लगाया। आजम ने कहा- कोर्ट का फैसला है, क्या कह सकते हैं। सब बढ़िया है। जेल में दाखिल होने के बाद आजम की सेहत का हवाला देने के बाद परिजनों की अपील पर पिता-पुत्र को एक साथ बैरक नंबर-1 में रखा गया। सोमवार रात करीब 9 बजे आजम के परिजन घर के कंबल-चादर और खाना लेकर जेल पहुंचे। पर अधीक्षक ने घर के कंबल और चादर देने से इनकार कर दिया। सुरक्षा कारणों के चलते घर का खाना भी अंदर नहीं ले जाने दिया गया। घर वालों ने कई बार मिन्नतें कीं, पर जेल कर्मी नहीं मानें। इसके बाद पिता-पुत्र ने जमकर हंगामा किया। करवटें बदलते रहे, आधी रात तक बातें कीं
जेल सूत्रों के मुताबिक, जेल के कंबल और पतली चादर के चलते आजम खान को रातभर ठीक से नींद नहीं आई। पिता-पुत्र आधी रात तक आपस में बातें करते रहे। इस दौरान कोर्ट के फैसले, घरवालों की चिंता और राजनीतिक भविष्य को लेकर लंबी बातचीत हुई। करीब आधी रात के बाद उन्हें नींद आई, लेकिन सुबह 6 बजे जेल नियमों के अनुसार उन्हें जगा दिया गया। घर का खाना मना, जेल की रोटियां तोड़नी पड़ीं
आजम और अब्दुल्ला को जेल में बनी मसूर की दाल, आलू–पालक की सब्जी और रोटियां दी गईं। दोनों ने यही खाया। सुबह दोनों को अन्य कैदियों की तरह चाय और हल्का नाश्ता दिया गया। इसके बाद जेल अस्पताल में उनका मेडिकल चेकअप किया गया। अधिकारियों के अनुसार, दोनों की हालत सामान्य है। ए ग्रेड जेल में शिफ्ट करने की मांग पर हंगामा
सूत्रों के अनुसार, मंगलवार दोपहर परिजन फिर से कंबल-चादर और खाना लेकर पहुंचे, पर फिर से जेल प्रशासन ने अतिरिक्त सुविधाएं देने से इनकार कर दिया। जिसके बाद आजम ने कहा- नियम के अनुसार, हमें तो ए ग्रेड जेल में रखना है, तो बी ग्रेड में क्यों रखा गया है? जेल अधीक्षक बोले- नियम सबके लिए समान, उम्र का लिहाज किया गया
जेल अधीक्षक राजेश यादव ने कहा- जेल मैनुअल का पालन किया गया है। बाहरी सामानों और अतिरिक्त सुविधाओं की अनुमति नहीं है। नियम सबके लिए एक समान हैं। चाहे कोई भी हो। हालांकि, उम्र को देखते हुए आजम को अतिरिक्त फोम का गद्दा दिया गया है। जेल अधीक्षक ने कहा- आगे जैसा कोर्ट का आदेश होगा, वैसे ही कार्रवाई होगी। रामपुर जेल बी ग्रेड में आती है, जो सुविधाएं उपलब्ध हैं, वही मिलेंगी। अब जानें क्या है फर्जी पैन कार्ड का मामला…
2017 में अखिलेश सरकार में नगर विकास मंत्री रहे आजम खान पर आरोप है कि उन्होंने अपने राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल करके फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनवाया था। फिर उसके आधार पर बेटे अब्दुल्ला के लिए फर्जी पैन कार्ड बनवाया और उन्हें चुनाव लड़वाया। रामपुर कोर्ट का यह फैसला आजम खान के खिलाफ दर्ज 104 मुकदमों में से एक है। अब तक 11 मामलों में फैसला आ चुका है। जिनमें से 6 मामलों में सजा हो चुकी है। इनमें से 5 मामलों में आजम को बरी किया जा चुका है। 55 दिन की जमानत पर बाहर रहने के बाद आज़म खान अब दोबारा जेल की सलाखों के पीछे हैं। जानें क्या है ए और बी कैटेगरी जेल… B कैटेगरी की जेल उन बंदी, कैदियों के लिए होती हैं जिन्हें ज्यादा सुरक्षा की जरूरत नहीं होती है, लेकिन फिर भी वे समाज के लिए खतरा पैदा कर सकते हैं। इन जेलों में बंदी, कैदियों की सुरक्षा और पुनर्वास पर ध्यान दिया जाता है और इनमें श्रेणी A की जेलों की तुलना में अधिक आवाजाही की स्वतंत्रता होती है। इन्हें “मध्यम सुरक्षा” की जेल माना जाता है। इन्हें उन बंदियों और कैदियों के लिए बनाया जाता है, जो गंभीर अपराध के दोषी हैं, लेकिन जिन्हें उच्च सुरक्षा वाली जेलों की जरूरत नहीं है। B कैटेगरी की जेलों में श्रेणी A की जेलों की तुलना में अधिक स्वतंत्रता और कम प्रतिबंध होते हैं, हालांकि फिर भी कड़े सुरक्षा उपाय लागू होते हैं। इनका उद्देश्य कैदियों को समाज में फिर से एकीकृत होने के लिए तैयार करना है।
सजा की अवधि के आधार पर भी कैदियों को एक कैटेगरी से दूसरी कैटेगरी में स्थानांतरित किया जा सकता है। ————————————- ये खबर भी पढ़िए… अन्नू-साहिल ने सात फेरे लिए, राइफल से फायरिंग की:मेरठ में पति हाथ पकड़कर स्टेज पर ले गए, नोटों की गड्डियां उड़ाईं; VIDEO मेरठ की इंटरनेशनल जेवलिन थ्रोअर अन्नू रानी और किक बॉक्सर साहिल भारद्वाज जीवनसाथी बन गए। लाल रंग का लहंगा पहने अन्नू अपनी सहेलियों के साथ स्टेज तक पहुंचीं। यहां साहिल ने आगे बढ़कर उनका हाथ पकड़ा और उन्हें स्टेज पर ले गए। फिर घुटनों के बल बैठकर अन्नू को फूलों का गुलदस्ता दिया। पढ़िए पूरी खबर…