बहराइच में भेड़िए ने एक और बच्चे को मार डाला है। सोमवार को दूध पीते 3 साल के मासूम को मां के सामने से उठा ले गया। मारकर दोनों पैर खा गया। करीब छह घंटे की तलाश के बाद बच्चे की लाश मिली। बदहवास मां ने बताया- खाट पर सोकर बच्चा दूध पी रहा था और वह पास ही बैठकर काम कर रही थी जब उसने हमला किया। बच्चे का गर्दन दबोचा और भागा। मां रोते-चिल्लाते उसके पीछे दौड़ी। आवाज सुनकर परिजन लाठी-डंडा लेकर दौड़े लेकिन भेड़िया कोहरे में गायब हो गया। घटना फखरपुर थानाक्षेत्र के रसूल पुर गांव की है। पिछले 4 महीने से भेड़िए का आतंक जिले में कायम है। अबतक 11 बच्चों समेत 13 लोगों की भेड़िए के हमले से मौत हो चुकी है। भेड़िया, 4 दिन पहले भी गुल्लईन पुरवा में 2 साल की बच्ची को उठा ले गया था। हालांकि, पिता ने दौड़ाया तो घर से करीब 100 मीटर दूर वह बच्ची को छोड़कर भाग गया। वन विभाग द्वारा 6 भेड़िए मारे भी जा चुके हैं। देखिए 2 तस्वीरें… जानिए पूरा मामला रसूलपुर दरेहटा के रहने वाले राम मनोहर, पंजाब में नौकरी करते हैं। उनकी पत्नी ननकई अपने 5 बच्चों के गांव में ही रहती थी। सोमवार तड़के ननकई का सबसे छोटा बेटा अंशु (3) घर के आंगन में खाट पर लेटकर दूध पी रहा था। खाट के पास ही बैठकर मां कोई काम कर रही थी। सोमवार तड़के अचानक एक भेड़िया पहुंचा और बच्चे की गर्दन को जबड़े में दबाकर लेकर भागने लगा। बच्चे को लेकर भाग रहे भेड़िए को देख मां चिल्लाई। वह रोते-चिल्लाते उसके पीछे भागे। महिला की आवाज सुनकर परिजन भी लाठी-डंडा लेकर दौड़े। लेकिन घने कोहरे की वजह से भेड़िया लापता हो गया। गांव के लोग और परिजन लाठी-डंडा लेकर उसे काफी देर तक खोजते रहे लेकिन न बच्चे का कहीं पता चला न भेड़िए के निशान मिले। 6 घंटे के बाद मिली लाश, दोनों पैर थे गायब ग्रामीणों ने घटना की सूचना वन विभाग और पुलिस को दी। वन टीम, पुलिस के साथ मौके पर पहुंची और बच्चे की तलाश शुरू कर दी है। करीब छह घंटे की तलाश के बाद बच्चे का शव मिला। बच्चे के दोनों पैर गायब थे। भेड़िया पैरों को खा गया था। रेंजर ओंकार यादव ने बताया कि बच्चा घर के बरामदे में लेटा हुआ था। उसी समय जंगली जानवर बच्चे को उठा के गया। ग्रामीण ने बताया कि गन्ने के खेत की तरफ जानवर गया, उसके बाद गायब हो गया। 22 दिन पहले भेड़िए दो बच्चों पर हमला कर मार डाला था 29 नवंबर को आदमखोर भेड़िया ने 8 घंटे के अंदर 2 बच्चों को खा गया था। शाम साढ़े चार बजे 5 साल के मासूम को 2 आदमखोर भेड़िए घर से उठा ले गए। एक ने मासूम की गर्दन दबोची, दूसरे ने पैर। लोगों ने देखा तो लाठी-डंडे लेकर पीछे भागे। 500 मीटर दूर खेत में मासूम खून से लथपथ मिला। दोनों हथेलियां और पंजे भेड़िये खा चुके थे। लखनऊ ले जाते वक्त मासूम ने रास्ते में दम तोड़ दिया। मामला कैसरगंज थाना के मजरे मल्लहनपुरवा का था। वहीं, दूसरी घटना खोरिया सफीक गांव में हुई। 29 नवंबर की ही रात डेढ़ बजे मां के बगल से 10 महीने की बच्ची को भेड़िया उठा ले गया। चीख सुनकर मां की आंख खुली। उन्होंने शोर मचाया। परिजन भेड़िए के पीछे भागे। दो घंटे की तलाश के बाद घर से 800 मीटर दूर खेत में बच्ची का शव मिला। शव देखकर मां बेहोश हो गई। नाक के नीचे पूरे शरीर की चमड़ी उधड़ी हुई थी। पेट से आंतें तक बाहर आ गई थीं। हाथ-पैर और गला कटा हुआ था। ————————————————— ये खबर भी पढ़ेंः- क्रेटा-डंपर की टक्कर, दो दोस्तों समेत 4 की मौत:एयरबैग नहीं खुला, सिर फटने से गईं जानें; बिजनौर में जलसे से लौट रहे थे बिजनौर में हाईवे पर बेकाबू क्रेटा पीछे से डंपर में घुस गई। कार सवार 4 लोगों की मौत हो गई। इनमें दो दोस्त, मौलाना और बुजुर्ग शामिल हैं। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। 14 फीट की कार 10 फीट रह गई। कार सवार जलसे से लौट रहे थे। हादसा रविवार रात साढ़े 11 बजे हरिद्वार रोड पर नांगल थाना क्षेत्र में हुआ। पढ़ें पूरी खबर…