उत्तर प्रदेश की योगी कैबिनेट द्वारा ‘आनंद विवाह रजिस्ट्रेशन नियमावली 2026’ को मंजूरी मिलने के बाद सिख समुदाय में खुशी की लहर है। बुधवार को राज्यमंत्री सरदार बलदेव सिंह औलख के नेतृत्व में सिख समुदाय के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने आनंद कारज (सिख विवाह) के लिए अलग से रजिस्ट्रेशन की सुविधा देने के फैसले को ऐतिहासिक बताते हुए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया और उन्हें बधाई दी। अल्पसंख्यक युवाओं के लिए सरकारी कोचिंग की मांग
मुलाकात के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने समुदाय के भविष्य से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण सुझाव भी मुख्यमंत्री के सामने रखे। उन्होंने सिख, बौद्ध, जैन और पारसी जैसे अल्पसंख्यक समुदायों के युवाओं के लिए सरकारी स्तर पर विशेष कोचिंग व्यवस्था शुरू करने की मांग की। इसका उद्देश्य इन समुदायों के प्रतिभाशाली युवाओं को IAS और PCS जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में सहयोग देना है, ताकि प्रशासनिक सेवाओं में उनकी भागीदारी बढ़ सके। धर्मांतरण के मामलों पर सख्ती का भरोसा
बैठक में सुरक्षा और सामाजिक मुद्दों पर भी चर्चा हुई। प्रतिनिधिमंडल ने पीलीभीत, बहराइच और लखीमपुर खीरी जिलों में कथित तौर पर हो रहे जबरन धर्मांतरण के मामलों को मुख्यमंत्री के संज्ञान में लाया। इस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आश्वासन दिया कि राज्य सरकार ऐसे मामलों में पूरी सख्ती से कार्रवाई करेगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। कानपुर में बनेगा 1984 दंगों के शहीदों का स्मारक
प्रतिनिधिमंडल ने 1984 के सिख दंगों के पीड़ितों की स्मृति में बन रहे स्मारक की जानकारी भी मुख्यमंत्री को दी। कानपुर में विधायक सुरेंद्र मैथानी के सहयोग से उन 127 लोगों की याद में एक ‘स्मारक स्तंभ’ बनाया जा रहा है, जिन्होंने दंगों में अपनी जान गंवाई थी। मुख्यमंत्री को स्मारक के निर्माण की प्रगति से अवगत कराते हुए उद्घाटन के लिए आमंत्रित किया गया। इस पर मुख्यमंत्री ने सकारात्मक रुख दिखाते हुए कहा कि जल्द ही इस ‘शहीद चौक’ को समाज को समर्पित किया जाएगा। बैठक में ये लोग रहे मौजूद
इस बैठक में प्रदेश सरकार के मंत्री सरदार बलदेव सिंह औलख, गुरविंदर सिंह छाबड़ा (विक्की) और सरदार हरविंदर सिंह लार्ड सहित सिख समुदाय के कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।