आय से ज्यादा संपत्ति होने पर इंस्पेक्टर पर FIR दर्ज:इंद्रकांत त्रिपाठी मामले की हुई जांच, ACO ने की कार्रवाई

महोबा के पत्थरमंडी कबरई के क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी की मौत से जुड़े मामले की जांच में पुलिस विभाग के अधिकारियों पर कार्रवाई शुरू हो गई है। भ्रष्टाचार निवारण संगठन (ACO) झांसी ने वर्ष 2020 में महोबा में तैनात रहे तत्कालीन निरीक्षक विपिन कुमार त्रिवेदी के खिलाफ शहर कोतवाली में भ्रष्टाचार का मुकदमा दर्ज कराया है। जांच में इंस्पेक्टर के पास आय के ज्ञात स्रोतों से 23.83 लाख रुपये से ज्यादा की संपत्ति होने की पुष्टि हुई है। यह कार्रवाई सितंबर 2020 में हुए चर्चित इंद्रकांत त्रिपाठी प्रकरण से जुड़ी है। उस समय व्यापारी इंद्रकांत त्रिपाठी ने तत्कालीन एसपी मणिलाल पाटीदार पर 6 लाख रुपये रिश्वत मांगने का आरोप लगाते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किया था। इसके अगले ही दिन 8 सितंबर को उन्हें गोली लगी थी और 13 सितंबर को इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई थी। इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच एसआईटी (SIT) ने की थी, जिसमें तत्कालीन एसपी, थानाध्यक्ष कबरई देवेंद्र शुक्ला और अन्य को आत्महत्या के लिए उकसाने और भ्रष्टाचार का दोषी पाया गया था। इसी प्रकरण के बाद जिले में तैनात रहे सभी निरीक्षकों और उप-निरीक्षकों की संपत्तियों की गोपनीय जांच शुरू की गई थी। भ्रष्टाचार निवारण संगठन झांसी के निरीक्षक शादाब खान द्वारा दी गई तहरीर के अनुसार, आरोपी निरीक्षक विपिन कुमार त्रिवेदी (निवासी अंगदपुर, कानपुर देहात) वर्ष 2020 में महोबा एसपी कार्यालय में तैनात थे। वर्तमान में वह सीबीसीआईडी प्रयागराज में संबद्ध हैं। जांच एजेंसी ने पाया कि निर्धारित अवधि के दौरान निरीक्षक की कुल वैध आय 1,38,95,850 रुपये थी। इसी अवधि में उनकी चल-अचल संपत्तियों और भरण-पोषण पर कुल व्यय 1,62,79,532 रुपये पाया गया। अपनी आय के सापेक्ष 23,83,662 रुपये अधिक खर्च करने के संबंध में निरीक्षक कोई संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दे सके। शहर कोतवाली प्रभारी मनीष कुमार पांडेय ने बताया कि भ्रष्टाचार निवारण संगठन की तहरीर के आधार पर आरोपी निरीक्षक के खिलाफ सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी विस्तृत विवेचना भ्रष्टाचार निवारण संगठन, लखनऊ को सौंपी गई है। इस कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है।