मुरादाबाद में चाकू से गोदकर इंजीनियर बहन हिमशिखा की हत्या करने वाले इंजीनियर भाई हार्दिक (25) को पुलिस ने 24 घंटे में गिरफ्तार कर लिया। कोर्ट में पेशी कराने के बाद उसे जेल भेज दिया गया है। हार्दिक और हिमशिखा दोनों जुड़वां भाई-बहन थे। पूछताछ में हार्दिक ने पुलिस को बताया, उसकी गर्लफ्रेंड मुस्लिम है और वह पुणे की रहने वाली है। लड़की के परिवार वाले उसे मारते-पीटते हैं और उसकी वजह से उसकी जिंदगी बर्बाद हो गई है। SP सिटी रणविजय सिंह ने कहा- पूछताछ के दौरान हार्दिक की मानसिक स्थिति ठीक नहीं लग रही है। इसलिए अब उसे डॉक्टर को दिखाया जाएगा। बहन पर किए थे 40 वार
हार्दिक ने अपनी बहन हिमशिखा (25) पर चाकू से 40 बार वार किए थे। घर में कमरे से किचन तक खून ही खून बिखरा हुआ था। मां पर भी चाकू से हमला किया था, जो जख्मी हालत में अस्पताल में भर्ती है। हत्याकांड की सटीक वजह जानने के लिए पुलिस आरोपी हार्दिक से पूछताछ करेगी। लेकिन फिलहाल इतना पता चला है कि हार्दिक का पुणे की एक लड़की से अफेयर था। कुछ समय पहले उसका गर्लफ्रेंड से ब्रेकअप हो गया था। अस्पताल में भर्ती हार्दिक की मां नीलिमा ने पुलिस को बताया- गर्लफ्रेंड से ब्रेकअप के बाद से ही हार्दिक गुस्सैल हो गया था। वो गर्लफ्रेंड से शादी की जिद पर अड़ा था। जबकि वो उसे छोड़कर जा चुकी थी। हार्दिक को कहीं न कहीं ये लगता था कि उसका ब्रेकअप बहन हिमशिखा और मेरी वजह से हुआ। इसलिए वो चिढ़ने लगा था। बात-बात पर गुस्सा करता था। दरअसल, हार्दिक ने 6 मार्च (शुक्रवार) को दिनदहाड़े बहन की हत्या कर दी थी। वारदात के बाद वह जॉब पर गई मां को ऑफिस से घर लेकर आया था। मां अंदर गई तो बेटी का खून से लथपथ शव देखकर चीखने लगी थी। यह देखकर हार्दिक ने मां पर भी चाकू से हमला कर दिया था। चीख सुनकर 2 पड़ोसी महिलाएं पहुंचीं। इसके बाद हार्दिक कार लेकर भाग गया था। महिलाएं घर के अंदर गईं तो मां-बेटी खून से लथपथ जमीन पर पड़ी थीं। पुलिस को सूचना दी। वारदात मुरादाबाद के मझोला थाना क्षेत्र की है। पति से अलगाव के बाद मुरादाबाद में रहने लगी थीं नीलिमा
हिमशिखा और हार्दिक जुड़वां भाई-बहन थे। भाई की तरह बहन भी इंजीनियर थी। दोनों गुड़गांव में एक आईटी कंपनी में काम करते थे। करीब एक साल पहले हार्दिक की जॉब छूट गई थी। इसके बाद वह गुड़गांव में ही बहन के साथ रहकर यूट्यूब पर कंटेंट अपलोड करने लगा था। भाई-बहन गुड़गांव में रहते थे और मां नीलिमा मुरादाबाद में एक बीमा कंपनी में काम करती हैं। वह बुद्धि विहार में किराए के मकान में रहती हैं। पुलिस का कहना है कि परिवार मूल रूप से बदायूं का रहने वाला है। करीब 9 साल पहले पति से अलगाव के बाद नीलिमा दोनों बच्चों को लेकर मुरादाबाद में रहने लगी थीं। यहीं जॉब शुरू कर दी थी। बच्चे पढ़-लिखकर गुड़गांव में नौकरी करने लगे। ऐसे में नीलिमा मुरादाबाद में अकेले रहती थीं। तीज-त्योहार पर बच्चे मुरादाबाद में मां से मिलने आते थे। 2 मार्च को ही भाई-बहन एक साथ कार से गुड़गांव से मुरादाबाद मां से मिलने और होली मनाने पहुंचे थे। बहन को घर में दौड़ा-दौड़ा चाकू मारे
हार्दिक के मन में बहन के लिए इतनी नफरत थी कि उसने उसकी हत्या बेहद नृशंस तरीके से की थी। उसने हिमशिखा को घर में दौड़ा-दौड़ाकर चाकू से वार किए। उसके पेट, सीने और गर्दन के अलावा शरीर के लगभग हर हिस्से पर चाकू के घाव हैं। कुल कितने घाव हैं यह पोस्टमार्टम होने के बाद ही पता चलेगा। हालांकि, पुलिस अफसरों ने बताया कि शरीर के हर हिस्से को चाकू से गोदा गया है। हिमशिखा की डेडबॉडी का शनिवार दोपहर तक पोस्टमार्टम नहीं हुआ है। क्योंकि, हत्या के बाद से भाई फरार है। जबकि मां जख्मी होने की वजह से अस्पताल में भर्ती है। पोस्टमॉर्टम से पहले पुलिस परिवार की सहमति भी लेगी। इसलिए बदायूं से उसकी फैमिली को बुलाया गया है। परिवार से सहमति के बाद ही पुलिस हिमशिखा का पोस्टमॉर्टम कराएगी। घर में किचन से लेकर कमरे तक खून ही खून
घटनास्थल पर दोनों कमरों, आंगन और किचन तक खून बिखरा हुआ मिला है। पुलिस का अनुमान है कि हिमशिखा संभवत: किचन में काम कर रही थी, तभी उसके भाई हार्दिक ने उस पर चाकू से वार किया। भाई के हमले से बचने के लिए वो घर के दोनों कमरों में दौड़ी लेकिन बच नहीं सकी। दोनों कमरों और आंगन में बिखरा खून इस बात की गवाही दे रहा है कि हिमशिखा ने अपनी जान बचाने की भरसक कोशिश की थी। ——————– ये खबर भी पढ़ें – कौन हैं सलीम, जिनके लिए योगी बोले- हमलावरों को बख्शेंगे नहीं, खुद को EX मुस्लिम लिखा, मजहबी कट्टरपंथियों ने कई बार धमकी दी गाजियाबाद में यूट्यूबर सलीम वास्तिक पर जानलेवा हमला किया गया। दिल्ली के गुरु तेग बहादुर हॉस्पिटल में उनका ऑपरेशन हुआ है। अब सवाल उठ रहे हैं कि यूट्यूबर को जान से मारने की कोशिश आखिर हुई क्यों? सलीम वास्तिक की पहचान तीन तलाक, हलाला जैसे इस्लामिक रिवाजों पर सवाल उठाने से बनी थी। उन्होंने इस्लाम को ‘विदेशी मजहब’ करार दिया था। रिपोर्ट पढ़िए…