इंस्पेक्टर ने फरियादी का कॉलर पकड़कर घसीटा, VIDEO:कासगंज में 4 घंटे तक बैठाया; कमिश्नर चली गईं तो 151 में कर दिया चालान

समाधान दिवस में कमिश्नर के पास फरियाद लेकर पहुंचे एक व्यक्ति को कासगंज कोतवाली के इंस्पेक्टर ने कॉलर पकड़कर धक्का देकर बाहर कर दिया। पुलिसवाले पीड़ित को 4 घंटे तक कोतवाली में बैठाए रखा। अलीगढ़ कमिश्नर संगीता सिंह जब तहसील से लौट गईं तो 151 में उसका चालान कर दिया गया। घटना शनिवार की है। फरियादी संतोष गौंड अपनी शिकायत लेकर कमिश्नर से मिलने पहुंचे थे। इस पूरे मामले का वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में दिख रहा है कि कोतवाल, फरियादी की कॉलर पकड़ उसे धक्का देते हुए तहसील के बाहर ले जाते हैं, फिर धकियाते हुए उसे थाने तक ले जाते हैं। पीड़ित ने बताया कि थाने में मुझे पकड़ कर ले जाया गया। मैं सुबह से भूखा था लेकिन उन्होंने मुझे जाने नहीं दिया। मुझे बाहर आने के लिए जमानत करानी पड़ी। अब जानिए पूरा मामला… कासगंज में शनिवार को समाधान दिवस में अलीगढ़ मंडल की कमिश्नर संगीता सिंह सुनवाई के लिए पहुंची थीं। कोतवाली क्षेत्र के सोरों गेट के रहने वाले संतोष गौड़ अपनी ढाई बीघा जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायत लेकर पहुंचे थे। पीड़ित ने बताया- कासगंज कोतवाली के प्रभारी प्रवेश राणा और उनकी टीम ने उन्हें कमिश्नर से मिलने नहीं दिया। कोतवाल प्रवेश राणा ने तहसील परिसर के अंदर ही उनका कॉलर पकड़कर उन्हें खींचते हुए बाहर निकाला। धक्का देते हुए थाने तक ले गए। चार घंटे थाने में बैठाए रखा। उनको तबतक बैठाए रखा गया जबतक कमिश्नर अलीगढ़ के लिए रवाना नहीं हो गईं।
पीड़ित के साथ पुलिसिया दुर्व्यवहार का वीडियो सामने आने के बाद दैनिक भास्कर ने संतोष गौड़ से बातचीत की। पढ़िए पूरी बातचीत… रिपोर्टः समाधान दिवस पर आपके साथ क्या हुआ था? संतोषः शनिवार को मैं समाधान दिवस में कमिश्नर संगीता सिंह से मिलने गया था। वहां मैं अपनी ढाई बीघा जमीन पर हुए कब्जे को लेकर शिकायत करने गया था। तहसील परिसर में ही पुलिस ने मेरे साथ अभद्रता की। मैंने विरोध किया, तो मुझे कॉलर पकड़ कर घसीटा गया। थाने ले जाया गया। जैसे मैं कोई 302 या 307 का अपराधी हूं। मुझे 151 में पाबंद कर दिया गया। शाम को एसडीएम कोर्ट से मेरी सुनवाई हुई। मैंने 151 में अपनी जमानत कराई, तब मुझे छोड़ा गया। रिपोर्टः कैसी शिकायत करने गए थे? संतोषः मेरी जमीन पर भाजपा नेता और जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि बॉबी कश्यप, सदर SDM संजीव कुमार की मिलीभगत से कब्जा कर लिया गया है। मेरे खेत में सड़क निकालने की भी कोशिश की गई। इसी की शिकायत कमिश्नर से करने मैं समाधान दिवस में करने आया था। रिपोर्टः तहसील में क्या हुआ था? संतोषः मैं तहसील गया था अपना प्रार्थना पत्र देने। वहां पुलिस द्वारा मेरे साथ अभद्रता की गई। मेरे हाथ में प्रार्थना पत्र था और एक पोस्टर भी था। पोस्टर में एसडीएम और बीजेपी नेता की मिलीभगत की बात लिखी गई थी। मैं उस जमीन पर गुरुकुल बनाना चाहता हूं। लेकिन वहां अवैध कब्जा किया जा रहा। मैंने इस बारे में आईजीआरएस, मुख्यमंत्री पोर्टल और जनता दरबार सहित हर जगह शिकायत दी, लेकिन बार-बार गलत रिपोर्ट लगाई जा रही। रिपोर्टः कितनी बार प्रार्थना पत्र दिए? संतोषः मैंने अब तक कम से कम 250-300 बार प्रार्थना पत्र दिए हैं। मैं 12 जनवरी 2025 को लखनऊ के जनता दरबार में मुख्यमंत्री से मिला था। वहां मुझे आश्वासन मिला कि मेरी जगह पर मुझे कब्जा दिलवाया जाएगा, लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ। वह 3 साल से जमीन के लिए लड़ रहे हैं। प्लास्टिक का सामान बेचते हैं संतोष संतोष गौड़ कासगंज के सोरों गेट के रहने वाले हैं। वह प्लास्टिक का सामान बेचते हैं। उनके परिवार में पत्नी गीता गौड़ और तीन बेटे- राघव (15), माधव (13) और केशव (12) हैं। बच्चे बुलंदशहर के नरोरा स्थित गुरुकुल श्री सांग वेद संस्कृत विद्यालय में पढ़ाई करते हैं। संतोष गौड़ ने बताया कि अब वह लखनऊ में धरना देने की योजना बना रहे हैं। खबर और वीडियो का संज्ञान लेते हुए SDM संजीव कुमार, तहसीलदार बलबंत उपाध्याय, पुलिस और राजस्व विभाग की टीम के साथ पीड़ित संतोष गौड़ के साथ पहाड़पुर गांव उसकी जमीन पर पहुंचे। SDM संजीव कुमार ने बताया कि वह पीड़ित के साथ मौके पर आए हैं, जहां उसने अपनी जमीन बताई थी। प्रशासन वहां जमीन की नाप-तोल कर कागजात देख रहा है और पीड़ित की जमीन की स्थिति का सत्यापन कर रहा है। पहले भी विवादों में रहे हैं इंस्पेक्टर प्रवेश राणा कोतवाल प्रवेश राणा 8 अगस्त 2025 से कासगंज में तैनात हैं। इससे पहले वह अलीगंढ के क्वार्सी थाने में तैनात थे। वहां उन्हें 30 जुलाई 2023 को सस्पेंड कर दिया गया था। अलीगढ़ में एएमयू के छात्रों ने एक ढाबा संचालक और उसके दोस्त के साथ मारपीट की थी। आरोपियों ने उन्हें उठाकर एएमयू लाया और हॉस्टल में जमकर पीटा था। इस मामले में क्वार्सी थाना प्रभारी प्रवेश राणा ने लापरवाही दिखाते हुए शांतिभंग की धारा 151 में कार्रवाई करते हुए आरोपियों को रिहा कर दिया। इसके बाद इस घटना का वीडियो वायरल हुआ और हंगामा बढ़ गया। तब पुलिस ने आरोपियों पर कार्रवाई की और एसएसपी ने थाना प्रभारी प्रवेश राणा को सस्पेंड कर दिया था।
पीड़ित संतोष गौड़ ने बताया कि डीएम प्रणय सिंह ने रविवार को कलेक्ट्रेट बुलाया था। मामले के समाधान के लिए एक टीम गठित की थी। इसके बाद एसडीएम संजीव कुमार और तहसीलदार सहित राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची। उन्हें उनकी जमीन पर कब्जा दिलवाया। पीड़ित संतोष गौड़ बीते 3 साल में सीएम कार्यालय से लेकर तहसील समाधान दिवस और IGRS पोर्टल तक करीब 250 प्रार्थना पत्र दे चुका है। लेकिन इसके बावजूद उसकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। एसडीएम संजीव कुमार ने बताया, दो लोगों के बीच जमीन के कब्जे को लेकर आपसी विवाद था। रविवार को SDM नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम गठित कर मौके पर जाकर विवाद का निस्तारण किया गया। पीड़ित मुकेश गौड़ को उसकी 5 बिस्वा जमीन पर कब्जा दिलाया गया है। मौके पर हुए समाधान से दोनों पक्ष संतुष्ट हैं।
डीएम प्रणय सिंह ने बताया, एक टीम का गठन किया गया। जो मौके पर पहुंचकर पीड़ित संतोष गौड़ को जमीन पर कब्जा दिलवाया। इसके साथ ही निर्देश दिए हैं कि इतने अधिक प्रार्थना पत्र देने के बावजूद पीड़ित को समय पर न्याय क्यों नहीं मिला। इसकी गहन जांच कराई जाए। साथ ही इस मामले में किस स्तर पर लापरवाही हुई और किन अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध रही। इसकी जांच के लिए एक जांच टीम गठित की गई है। जिसमें जांच अपर जिलाधिकारी दिग्विजय सिंह को सौंपी गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषी पाए जाने वाले अधिकारी या कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। —————————————– ये खबर भी पढ़ेंः- उन्नाव रेप पीड़ित VIDEO जारी कर बोली-रोज कोर्ट आना मुश्किल:मुझ पर घर-परिवार की जिम्मेदारी; सेंगर की याचिका पर होनी है रोज सुनवाई उन्नाव रेप पीड़ित ने शनिवार देर रात एक वीडियो जारी किया। कुलदीप सिंह सेंगर की याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट 11 फरवरी से रोज होने वाली सुनवाई को लेकर चिंता जताई। कहा- हाईकोर्ट ने रोज सुनवाई के लिए 11 तारीख तय की है। फिर रोज सुनवाई होगी। ऐसे में हर दिन कोर्ट आना उनके लिए बहुत मुश्किल होगा। पढ़ें पूरी खबर…