लखीमपुर के एक लाख रुपए के इनामी बदमाश आजम खान उर्फ तालिब के एनकाउंटर मामले में मजिस्ट्रेटियल जांच शुरू कर दी गई है। सुल्तानपुर के जिलाधिकारी कुमार हर्ष ने इस मामले की जांच के लिए एसडीएम सदर विपिन द्विवेदी को जांच अधिकारी नियुक्त किया है। एसडीएम सदर विपिन द्विवेदी ने एनकाउंटर से जुड़े तथ्यों और साक्ष्यों को एकत्र करने के लिए सार्वजनिक सूचना जारी की है। उन्होंने बताया कि कोई भी व्यक्ति इस मामले से संबंधित साक्ष्य 5 फरवरी तक किसी भी कार्यदिवस में उनके कार्यालय में प्रस्तुत कर सकता है। यह एनकाउंटर 5 जनवरी को सुल्तानपुर के लंभुआ कोतवाली क्षेत्र में हुआ था। पुलिस के अनुसार, सुल्तानपुर और लखीमपुर खीरी पुलिस की संयुक्त टीम ने बदमाश को घेर लिया था। इस दौरान बदमाश ने पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके जवाब में पुलिस की गोली लगने से वह घायल हो गया। घायल बदमाश को तत्काल सीएचसी ले जाया गया, जहां से उसकी गंभीर हालत को देखते हुए सुल्तानपुर राजकीय मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान तालिब उर्फ आजम खान (26 ) पुत्र गफ्फार खान, निवासी गौरिया, थाना फरधान, जनपद लखीमपुर खीरी के रूप में हुई है। उस पर गौकशी, लूट, वाहन चोरी और गैंगरेप जैसे गंभीर अपराधों सहित 17 से अधिक मुकदमे दर्ज थे। उस पर एक लाख रुपए का इनाम घोषित था। पुलिस के मुताबिक, मुठभेड़ के समय तालिब अपने एक साथी के साथ बाइक से वाराणसी जा रहा था। पुलिस कार्रवाई के दौरान उसका साथी बाइक लेकर मौके से फरार हो गया। पुलिस ने बदमाश के कब्जे से .32 बोर की पिस्टल और .315 बोर का तमंचा बरामद करने का दावा किया है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में तीन डॉक्टरों के पैनल ने पुष्टि की है कि बदमाश के सीने में दो गोलियां लगी थीं। फिलहाल, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए मजिस्ट्रेटियल जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।