सहारनपुर के फेमस हॉस्पिटल में जम्मू-कश्मीर पुलिस पहुंची। छानबीन के बीच हॉस्पिटल प्रबंधन से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद को लेकर भी सवाल पूछे गए। जम्मू-कश्मीर पुलिस के DIG ने पूछा- कांग्रेस सांसद का यहां क्या लिंक रहा है? हॉस्पिटल प्रबंधन ने कहा- वो पहले यहां पार्टनशिप हुआ करते थे। अब नहीं हैं। हालांकि, जांच एजेंसियां इस कनेक्शन की जांच कर रही हैं। अब जांच एजेंसियां वी ब्रॉस हॉस्पिटल पर पहुंची हैं। फरीदाबाद आतंकी मॉड्यूल से जुड़े डॉक्टरों की जांच जारी है। इसी बीच जम्मू-कश्मीर पुलिस की टीम गुरुवार को फिर से सहारनपुर पहुंची है। पुलिस के साथ आईबी की टीम भी है। पुलिस की टीम उस फेमस हॉस्पिटल में जांच के लिए पहुंची है, जहां काम करने वाले डॉ. आदील को पिछले दिनों आतंकी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में पकड़ा गया है। जम्मू कश्मीर पुलिस के डीआईजी ताहिर सज्जाद भट्ट यहां पहुंचे हैं। उनके साथ ही कई सुरक्षा एजेंसी के लोग भी यहां पर मौजूद हैं। डीआईजी भट्ट ही इस पूरे ऑपरेशन को लीड कर रहे हैं। टीम पिछले करीब दो घंटे से अस्पताल में मौजूद है। हर संभावित मामले की जांच की जा रही है। पहले ये 3 तस्वीरें देखिए… फेमस मेडिकेयर अस्पताल में नौकरी करने वाला डॉ. आदिल अभी पुलिस के ही शिकंजे में है। उससे पूछताछ के बाद पुलिस की टीम फिर से उसी अस्पताल में पहुंची है। जम्मू पुलिस के साथ स्थानीय पुलिस और इंटेलिजेंस ब्यूरो की टीम भी है। पुलिस के पहुंचने पर अस्पताल में अफरा-तफरी मची है। समझा जा रहा है कि पुलिस की टीम कुछ और सबूत इकट्ठा करने के लिए यहां पहुंची है। डॉ. आदिल के साथी डॉ. बाबर को भी टीम ने अस्पताल में बुलाया है। अस्पताल के एंट्री गेट पर पुलिस का पहरा लगा है। किसी को भी अंदर जाने की इजाजत नहीं दी जा रही है। मीडिया को भी इस दौरान अस्पताल में आने को मना कर दिया है। अस्पताल के मैनेजर बोले, जांच टीम को दिया बयान फेमस मेडिकेयर हॉस्पिटल के प्रबंधक मनोज मिश्रा ने हॉस्पिटल में जम्मू-कश्मीर पुलिस और इंटेलिजेंस की आमद पर बयान दिया है। अस्पताल से बाहर आकर मनोज मिश्रा ने बताया कि आज जम्मू-कश्मीर पुलिस की स्पेशल सेल आई है। इसमें DIG स्तर के अधिकारी मौजूद हैं। टीम ने अस्पताल के स्टाफ, डॉ. आदिल की शादी और मैनेजमेंट को लेकर जानकारी ली। डॉ. बाबर, डॉ. असलम जैदी जो डॉ. आदिल की शादी में गए थे उनसे पूछताछ हुई। जांच टीम ने एक पहले से तैयार क्वेश्चन पेपर हमे दिया जिसके सभी जवाब दिए। आस पास के मदरसों और अन्य चीजों को लेकर पूछताछ हुई। कुछ डॉक्यूमेंट मांगे वो हमने दे दिए। डॉ. आदिल आतंकवादी निकलेगा हमें मालूम नहीं था। हम जांच में सहयोग कर रहे हैं। जम्मू से सहारनपुर एक अस्पताल में इलाज करने आने वाले संदिग्ध लोगों पर मनोज मिश्रा ने कहा कि, डॉ. आदिल अच्छा इलाज करते थे। उनकी फ्रेंड फॉलोइंग काफी अच्छी थी। अस्पताल में कौन कहां से इलाज करने के लिए आ रहा है, उनके अच्छे इलाज को सुनकर इस पर हम कुछ कह नहीं सकते। डायरेक्टर मनोज मिश्रा ने बताया कि उनसे बेसिक सवाल पूछे गए है। आपकी आपकी ऑर्गेनाइजेशन कहां से फंडिंग होती है। जिस पर जवाब दिया गया कि यहां किसी भी प्रकार से किसी बाहर के लोगों से फंडिंग नहीं होती है।
सुरक्षा एजेंसी ने पूछा कि क्या इमरान मसूद का इस अस्पताल से संबंध है। जिस पर जवाब दिया गया कि उनका संबंध पहले था लेकिन जब से मैं आया हूं तब से उनका कोई भी संबंध इस अस्पताल से नहीं है। वहीं आने वाले डॉक्टर के बारे में भी पूछा। जिनमें सभी डाक्यूमेंट्स अस्पताल के एडमिनिस्ट्रेशन ने दे दिए हैं। वहीं मरीजों का भी डाटा खंगाला जा रहा है। क्योंकि सुरक्षा एजेंसी को शक है कि यहां पर कुछ संदिग्ध लोगों का इलाज हुआ है। जिस पर डायरेक्टर मनोज मिश्रा ने बताया कि यहां पर मरीज आते हैं जिनकी पृष्ठभूमि पूछते हैं। अगर डॉ. अदील ने किसी का इलाज किया है तो इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है हालांकि अस्पताल से सभी प्रकार का डेटा सुरक्षा एजेंसी को दे दिया गया है। जिन लोगों का इलाज डॉक्टर अदील ने किया था।
वहीं सुरक्षा एजेंसी की एक टीम वी ब्रॉस हॉस्पिटल पर पहुंची है। वहां भी डाटा खंगाला जा रहा है। खबर अपडेट की जा रही है…