शंकराचार्य और माघ मेला प्रशासन के बीच विवाद सरकार के लिए मुसीबत बन गया है। BJP की फायरब्रांड नेता उमा भारती ने अविमुक्तेश्वरानंद का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि शंकराचार्य से सबूत मांगकर प्रशासन ने मर्यादा तोड़ी। इस पर अविमुक्तेश्वरानंद ने जवाब दिया- ये बात योगी को भी बता दें। श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर केस के मुख्य याचिकाकर्ता दिनेश फलाहारी बाबा ने सीएम योगी को खून से लेटर लिखा। उन्होंने कहा कि अविमुक्तेश्वरानंद को सम्मान के साथ गंगा स्नान कराने की व्यवस्था की जाए। अफसरों को माफी मांगने के लिए आदेश दिए जाएं। माघ मेला प्रशासन और अविमुक्तेश्वरानंद के बीच 10 दिन चल रहा टकराव ब्यूरोक्रेसी तक पहुंच गया है। अयोध्या में GST के डिप्टी कमिश्नर प्रशांत कुमार सिंह ने योगी के समर्थन में इस्तीफा दे दिया। उन्होंने कहा कि अविमुक्तेश्वरानंद ने सीएम के लिए जो अपशब्द बोले, उससे वे आहत हैं। अब और अपमान बर्दाश्त नहीं कर सकते। इधर, अयोध्या छावनी धाम के परमहंस महाराज ने कहा- अविमुक्तेश्वरानंद और सतुआ बाबा ने माघ मेले को बदनाम किया है। दोनों को माघ मेले में एंट्री पर बैन लगा देना चाहिए। अविमुक्तेश्वरानंद पर तो राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) लगना चाहिए। सोमवार को बरेली में सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने अविमुक्तेश्वरानंद के समर्थन में इस्तीफा दिया था। इसके बाद से अविमुक्तेश्वरानंद ने सरकार पर हमले तेज कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि आज की लड़ाई हिंदू-मुसलमान या अंग्रेज-भारतीय की नहीं, बल्कि नकली और असली हिंदू के बीच है। अब तक क्या हुआ, जानिए- शंकराचार्य विवाद और माघ मेले से जुड़े अपडेट्स के लिए लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…