ऋषिकेश में जिहाद पर सम्मेलन करेंगे यति नरसिंहानंद:बोले- मदनी, नदवी समेत कई लोग धमकी दे रहे, 28 दिसंबर को हिंदुओं को समझाएंगे

डासना स्थित शिवशक्ति धाम के पीठाधीश्वर और श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी ने शुक्रवार को एक नया वीडियो बयान जारी किया है। वीडियो में उनके साथ यति अभयानंद, यति धर्मानंद , स्वामी लाल बाबा, डॉ योगेंद्र योगी ,बृजमोहन सिंह और पंडित सनोज शास्त्री भी मौजूद हैं। उन्होंने कहा- आज हमें कोई मदनी, कोई नदवी, कोई यूट्यूबर, कोई फेसबुकिया जिहाद की धमकी दे रहा है। विश्व का हर मुसलमान जिहाद को समझता है। हर मुसलमान जिहाद को समझता है, लेकिन गैर-मुस्लिम इसे अब भी नहीं समझते। उनके मुताबिक, यही वजह है कि हिंदू कई बार ‘झूठ पर भरोसा कर लेते हैं’। उन्होंने कहा कि हिंदुओं की इस अज्ञानता के लिए उनके अपने धार्मिक गुरु और नेता जिम्मेदार हैं, जिन्होंने जिहाद की अवधारणा पर कभी स्पष्ट समझ नहीं दी।
गैर मुस्लिम जिहाद को नहीं समझते
यति नरसिंहानंद ने कहा- समझ होने से पिछले 1400 सालों में हिंदुओं को भारी नुकसान हुआ है। इतिहास में हिंदुओं के खिलाफ हत्याएं, मंदिरों का विनाश और भूमि कब्जे कारण संभव हैं। हमें इस अज्ञान को छोड़कर सत्य स्वीकार करना होगा। 28 दिसंबर को सम्मेलन उन्होंने आगे कहा- 28 दिसंबर 2025 को ऋषिकेश स्थित विश्व धर्म संसद के मुख्यालय में ‘जिहाद’ विषय पर शीर्ष बुद्धिजीवियों का सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में इस्लाम के संस्थापक पैगंबर मोहम्मद की जीवनी के आधार पर जिहाद की ऐतिहासिक अवधारणा को समझने का प्रयास किया जाएगा। यति नरसिंहानंद ने कहा कि सम्मेलन में यह भी चर्चा होगी कि मोहम्मद के समय में जिहाद का प्रभाव गैर-मुस्लिमों, महिलाओं, धार्मिक स्थलों और क्षेत्रों पर कैसा पड़ा था। मोहम्मद को दुनिया का हर मुसलमान अपना रोल मॉडल मानता है, इसलिए उनकी जीवनी ही जिहाद को समझने की कुंजी है।​​​​​​