गाजियाबाद में एक महिला दरोगा को 45 हजार रुपए घूस लेते पकड़ा गया। महिला दरोगा भुवनेश्वरी 23 सितंबर, 2025 को एक बदमाश का एनकाउंटर करके चर्चा में आई थी। जांच के दौरान उसके पास से रिश्वत की रकम भी बरामद हुई। मंगलवार देर शाम उसे सस्पेंड कर दिया गया। एंटी करप्शन टीम ने जब भुवनेश्वरी को पकड़कर ले जाने लगी, तो उसने दुपट्टे से अपना चेहरा ढंक लिया। महिला दरोगा भुवनेश्वरी ने दहेज से जुड़े एक मामले में कार्रवाई के नाम पर रिश्वत ले रही थी। तभी एंटी करप्शन टीम ने उसे रंगेहाथ पकड़ लिया। मामला साहिबाबाद थाने की रिपोर्टिंग पुलिस चौकी का है। भुवनेश्वरी सिंह को दूसरी बार रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया है। दहेज के मामले से नाम हटाने के लिए रिश्वत मांगी
साहिबाबाद थाना क्षेत्र के वृंदावन के रहने वाले रामपाल सैनी ने कहा- मैं बहुत डरा हुआ हूं। यह पुलिस का मामला है। मैं मजदूर आदमी हूं। मुझे परेशान न किया जाए। एंटी करप्शन टीम ने बहुत अच्छा काम किया है। अगर कानून के तहत कार्रवाई करनी थी, तो ईमानदारी से करनी चाहिए थी। रामपाल ने बताया- मुझे अपने बेटे के दोस्त के जरिए एंटी करप्शन विभाग के बारे में पता चला था। इसके बाद मैंने दो दिन पहले मेरठ में एंटी करप्शन से शिकायत की थी। महिला दरोगा लगातार मुझे थाने बुलाती थी। आज मैंने उसे 45 हजार रुपए दिए। रामपाल ने कहा- मेरे बेटे की शादी 2024 में हुई थी, जिसके बाद बहू मायके चली गई। पंचायत भी हुई, लेकिन उसने हम लोगों पर दहेज का केस दर्ज करा दिया। मामले में महिला दरोगा ने थाने बुलाकर धमकाया कि बेटे के नाम पर एफआईआर है। पूरे परिवार के नाम उसमें जोड़ दिए जाएंगे। 50 हजार रुपए में बात तय हुई
रामपाल ने कहा- महिला दरोगा बोली कि अगर 1 लाख रुपए दे दोगे तो नाम हटा दिया जाएगा। मैं मजदूर आदमी एक लाख रुपए कहां दे पाता? मैंने रिक्वेस्ट की कि कुछ कम कर लीजिए। इसके बाद 50 हजार रुपए में बात तय हुई। फिर 5 हजार कम कर 45 हजार रुपए मांगे। महिला दरोगा ने फोन पर कहा था कि तेरा ड्रामा बहुत हो गया है। अब तू जल्दी आकर रुपए दे, नहीं तो पूरे परिवार का नाम केस में जोड़ देंगे। मैं आज 45 हजार रुपए लेकर पहुंचा। दरोगा ने रुपए टेबल की दराज में रखवा लिए। इसी दौरान एंटी करप्शन टीम ने मौके पर पहुंचकर महिला दरोगा को रंगेहाथ पकड़ लिया। डीसीपी बोले- महिला दरोगा के खिलाफ जांच होगी
डीसीपी सिटी धवल जायसवाल ने बताया कि साहिबाबाद थाने की रिपोर्टिंग पुलिस चौकी प्रभारी महिला दरोगा भुवनेश्वरी को एंटी करप्शन टीम ने रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए महिला दरोगा को तत्काल सस्पेंड कर दिया गया है। इसके साथ ही महिला दरोगा के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं। उनके खिलाफ पहले के सभी मामलों की भी जांच कराई जा रही है। कॉल गर्ल के साथ पकड़े गए व्यापारियों से मांगे थे 15 लाख इससे पहले महिला दरोगा भुवनेश्वरी सिंह साल-2022 में कानपुर में एडीसीपी पूर्वी के ऑफिस में तैनात थी। तब भुवनेश्वरी ने एक होमगार्ड के साथ पनकी में चल रहे सेक्स रैकेट में छापा मारा था। जालौन के रहने वाले दो व्यापारियों और सेक्स रैकेट में शामिल दो महिलाओं को मौके से दबोच लिया था। हिरासत में लेने के बाद चारों को बंधक बना लिया और 15 लाख रुपए की मांग की थी। इस बात का अफसरों को भी पता चल गया गया था। इसके बाद एडीसीपी राहुल मिठास और एसीपी कोतवाली अशोक सिंह ने सिविल ड्रेस में एक रेस्टोरेंट में 50 हजार की घूस लेते भुवनेश्वरी को रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया था। 23 सितंबर को बदमाश के पैर में गोली मारकर पकड़ा था 23 सितंबर, 2025 को महिला दरोगा भुवनेश्वरी ने 4 पुलिसकर्मियों के साथ एक बदमाश का एनकाउंटर किया था। उसने बदमाश को पैर में गोली मारकर पकड़ा था। भुवनेश्वरी बदमाश को अपने कंधे पर लादकर ले गई थी। उस कार्रवाई के बाद पुलिस कमिश्नर जे. रविंदर गौड़ ने एनकाउंटर में शामिल महिला थाना प्रभारी रितु त्यागी, दरोगा विनीता यादव, दरोगा भुवनेश्वरी सिंह, हेड कॉन्स्टेबल ममता सिंह और हेड कॉन्स्टेबल नीतू सिंह को सम्मानित भी किया था। इसके बाद दरोगा भुवनेश्वरी सिंह का तबादला महिला थाने से साहिबाबाद थाने की रिपोर्टिंग पुलिस चौकी में किया गया था। वहां उन्हें पिंक बूथ की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। ———————— ये खबर भी पढ़िए- झांसी में रिश्वत लेते सीनियर क्लर्क अरेस्ट:अपने ही विभाग के रिटायर्ड कर्मचारी से 20 हजार की घूस ले रहा था झांसी में लोक निर्माण विभाग (PWD) के सीनियर क्लर्क को रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया है। सीनियर क्लर्क संतोष निरंजन पेंशन विभाग में तैनात है। एक रिटायर कर्मचारी से वह 20 हजार रुपए की घूस ले रहा था, तभी एंटी करप्शन टीम ने उसे दबोच लिया। जब एंटी करप्शन टीम संतोष को पकड़कर ले जाने लगी, तो उसने रुमाल से चेहरा ढंक लिया। पढ़ें पूरी खबर…