एनी ग्रुप की ₹7.30-करोड़ की संपत्ति पर ED का एक्शन:लखनऊ, दिल्ली और उत्तरकाशी में संपत्तियां; निवेशकों के रुपयों से खरीदी थीं

करीब 110 करोड़ रुपए की ठगी के आरोपों से घिरे एनी ग्रुप ऑफ कंपनीज पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई की है। ईडी के लखनऊ जोनल कार्यालय ने मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत समूह की 7.30 करोड़ रुप ये मूल्य की तीन अचल और एक चल संपत्ति को अस्थायी रूप से कुर्क (अटैच) कर लिया है। यह कार्रवाई एम/एस एनी बुलियन ट्रेडर्स और अन्य से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में की गई है। दो राज्यों के 3 शहरों में संपत्तियां अटैच
ईडी द्वारा अटैच की गई अचल संपत्तियां एनी ग्रुप की कंपनी एनी बुलियन इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर हैं। इनमें जमीन और भवन शामिल हैं, जो लखनऊ, दिल्ली और उत्तराखंड के उत्तरकाशी में स्थित हैं। इसके अलावा एक फिक्स्ड डिपॉजिट को भी चल संपत्ति के रूप में अटैच किया गया है। ईडी के अनुसार, ये संपत्तियां निवेशकों से जुटाए गए रुपयों से खरीदी गई थीं। 110 करोड़ रुपए की ठगी के आरोप
ईडी ने यह जांच उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा दर्ज कई एफआईआर और शिकायतों के आधार पर शुरू की थी। आरोप है कि अजीत कुमार गुप्ता और उनसे जुड़े अन्य व्यक्तियों एवं संस्थाओं ने जनता को भारी मुनाफे का झांसा देकर करीब 110 करोड़ रुपये की ठगी की। निवेशकों को विभिन्न योजनाओं में पैसा लगाने के लिए प्रेरित किया गया और बाद में उनकी रकम हड़प ली गई। जांच में सामने आया कि निवेशकों से एकत्रित धन को एनी ग्रुप की विभिन्न कंपनियों और ‘आई विजन क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी’ के माध्यम से घुमाया गया। यह सोसायटी भी अजीत कुमार गुप्ता के नियंत्रण में बताई गई है। इसी धन से एनी बुलियन इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर संपत्तियां खरीदी गईं। पहले भी हो चुकी है 9.1 करोड़ रुपए की कुर्की
ईडी ने बताया कि इससे पहले वर्ष 2023 में भी इसी मामले में अजीत कुमार गुप्ता, उनकी पत्नी आईएफएस अधिकारी निहारिका सिंह और एनी ग्रुप से जुड़ी कंपनियों की 9.1 करोड़ रुपये मूल्य की चल और अचल संपत्तियां अटैच की गई थीं। ताजा कार्रवाई के बाद अब तक इस प्रकरण में कुल 16.4 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियां कुर्क की जा चुकी हैं। ईडी के अनुसार, मामले में आगे की जांच जारी है। जांच एजेंसी अन्य संपत्तियों और लेनदेन की भी पड़ताल कर रही है, ताकि निवेशकों के धन के दुरुपयोग की पूरी कड़ियां सामने लाई जा सकें।