एयरफोर्स के कमांडर सत्येंद्र नाथ मिश्रा की हत्या का वीडियो करीब साढ़े सात महीने बाद सामने आया है। प्रयागराज के एयरफोर्स कैंपस में 29 मार्च को तड़के 3.15 बजे उनको गोली मारी गई थी। वह चीफ इंजीनियर वर्क के पद पर तैनात थे। वारदात के दो दिन बाद पुलिस ने कैंपस में सफाई करने वाले के बेटे सौरभ को अरेस्ट किया था। जबकि सफाईकर्मी पिता शिव कुमार और मां सुनीता को साजिश रचने का आरोपी बनाया था। पुलिस ने बताया था कि आरोपी सौरभ का कौशांबी जेल में बंद बड़ा भाई हनी उर्फ गौतम भी हत्याकांड में शामिल था। हत्याकांड का खुलासा करते हुए पुलिस ने बताया कि हत्या के एक दिन पहले 28 मार्च 2025 को सौरभ, कौशांबी जेल में भाई हनी से मिलकर लौटा था। इसके बाद उसने मर्डर किया। पुलिस के अनुसार, चोरी की नीयत से हत्या की गई थी। जबकि, हत्या वाली रात के वीडियो फुटेज में देखा जा सकता है कि एक व्यक्ति कैंपस में दाखिल हो रहा है। वह देर रात 2 बजकर 33 मिनट पर कैंपस में दाखिल होता है और करीब 49 मिनट 11 सेकेंड बेखौफ घूमता हुआ दिख रहा। अब वीडियो सामने आने के बाद उन्होंने किसी बड़ी एजेंसी से इस मामले की जांच की मांग की है। बता दें कि पुलिस के खुलासे के बाद इंजीनियर की पत्नी वत्सला ने कई सवाल खड़े किए थे। पहले सीसीटीवी के 4 फुटेज देखिए… पिस्टल लिए घर में बेखौफ चक्कर लगाता दिखा वीडियो फुटेज में इंजीनियर के सरकारी आवास के सामने और पीछे के हिस्से की ओर आरोपी आठ बार चक्कर लगाता दिखा। हाथ में पिस्टल लेकर वह बेखौफ घूमता नजर आया। कुछ देर बाद वह खिड़की के पास पहुंचकर गोली चलाता है। इसके बाद वह उसी रास्ते से बाहर निकल जाता है, जिससे वह अंदर आया था। शुरू में पुलिस जांच में सामने आया कि मर्डर से ठीक पहले सौरभ ने 1.5 लाख रुपए का मोबाइल और 2 लाख रुपए की स्पोर्ट्स बाइक खरीदी थी। जेल में बंद भाई हरी की जमानत कराने के लिए उसको रुपए की जरूरत थी। इसलिए चोरी करने आया, अचानक घर की खिड़की चीफ इंजीनियर ने खोल दी, घबराकर सौरभ ने उन पर गोली चला दी। इंजीनियर की पत्नी वत्सला ने पुलिस के इस खुलासे पर सवाल उठाए थे। इसके बाद लखनऊ में DGP ने एक SIT गठित की। SIT ने जांच पूरी करके अपनी रिपोर्ट तैयार की। बताया जा रहा है कि अब प्रयागराज पुलिस एक बार दोबारा इस मर्डर केस की जांच को शुरू करेगी। बाउंड्री वॉल के सहारे घर के अंदर घुसा सीसीटीवी फुटेज में साफ दिखाई दे रहा है कि हत्यारा पेड़ के सहारे बाउंड्री वॉल पर चढ़कर अंदर घुसा। उसने बाउंड्री पर लगे तारों को काटा और रस्सी के सहारे नीचे उतरा। इसके बाद वह इंजीनियर के आवास की ओर गया। आगे और पीछे दोनों हिस्सों में लगातार मूवमेंट करता रहा। उसकी एक्टिविटी किसी घबराए हुए चोर जैसी नहीं बल्कि एक प्रोफेशनल शूटर जैसी नजर आई। फुटेज में दो बार गोली चलने के संकेत भी सामने आए हैं। आखिर में वह 3 बजकर 22 मिनट 21 सेकेंड पर कैंपस से बाहर चला जाता है। पुलिस की थ्योरी पर इंजीनियर की पत्नी ने उठाए सवाल इस फुटेज के सामने आने के बाद पुलिस की शुरुआती थ्योरी पर सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस ने दावा किया था कि आरोपी सौरभ बाबू पासी चोरी की नीयत से घर में घुसा था और असफल होने पर गोली चलाकर भाग गया। लेकिन लगभग पचास मिनट का ठहराव, प्लांड मूवमेंट, हथियार के साथ प्रवेश और बिना हड़बड़ी के निकल जाना, उनके दावों की पोल खोल दे रहा। इंजीनियर की पत्नी वत्सला मिश्रा ने कहा कि फुटेज यह साफ दिखाता है कि हत्यारा पूरी तैयारी के साथ आया था और उसने कहीं से भी जल्दबाजी या डर नहीं दिखाया। उन्होंने कहा कि यदि उद्देश्य केवल चोरी होता तो वह हथियार लेकर क्यों आता और इतनी देर तक हाई सिक्योरिटी क्षेत्र में क्यों ठहरता। उनका कहना है कि यह कोई साधारण वारदात नहीं बल्कि योजनाबद्ध हत्या है, जिसकी सीबीआई से जांच कराई जानी चाहिए। क्या यह प्लांड मर्डर था? इस फुटेज के सामने आने के बाद अब जांच एजेंसियों के सामने नए सवाल खड़े हो गए हैं। सवाल उठ रहे कि क्या यह एक टारगेटेड अटैक था, अगर किसी के कहने पर यह हत्या की गई तो वह कौन था, यह हत्या क्यों की गई। क्या कोई विभागीय मसला था या व्यक्तिगत दुश्मनी की वजह से यह हत्या की गई। पुलिस ने क्या दावा किया था…यह पढ़िए… पुलिस के अनुसार, 28 मार्च की रात को आरोपी सौरभ इंजीनियर के घर लूटपाट करने पहुंचा था। उसने इंजीनियर के घर के पीछे लगे दरवाजा का एक हिस्सा काट दिया था। CCTV के तार पहले ही काट चुका था। ऐसे में ड्राइंग रूम में लगे स्क्रीन ब्लैंक हो गए थे। आहट पाकर इंजीनियर एसएन मिश्रा और उनकी पत्नी वत्सला की नींद खुली। इंजीनियर सामने आए तो सफाईकर्मी के बेटे ने गोली चला दी। जिससे उनकी मौत हो गई। इसके बाद आरोपी मौके से भाग निकला। पुलिस ने आरोपी, उसके मां-पिता को गिरफ्तार किया है। तीनों वारदात में शामिल थे। प्रयागराज पुलिस ने इस केस का 3 दिन में खुलासा किया। जांच में सामने आया कि बमरौली के बिहारा निवासी शिवकुमार और उसकी पत्नी सुनीता, दोनों वायुसेना कैंपस के घरों में साफ-सफाई करते थे। इंजीनियर एसएन मिश्रा (सत्य नारायण) के घर भी आते-जाते थे। पुलिस के मुताबिक, शिवकुमार के बेटे सौरभ और हनी उर्फ गौतम आपराधिक प्रवृत्ति के हैं। हनी कौशाम्बी जेल में बंद है। उसके खिलाफ हत्या और लूट के मामले दर्ज हैं। हनी की जमानत कराने के लिए परिवार को पैसों की जरूरत थी, इसलिए उन्होंने मिलकर चीफ इंजीनियर के घर धावा बोलने की प्लानिंग की। उनका इरादा लूट का था, मगर चीफ इंजीनियर के परिवार के अचानक जाग जाने से उनके मंसूबे कामयाब नहीं हो सके। चीफ इंजीनियर ने जब खिड़की खोली तो सौरभ को पहचान गए, इसलिए डरे हुए सौरभ ने उन्हें गोली मार दी। इंजीनियर की पत्नी ने पुलिस से पूछे थे 5 सवाल दरअसल, पुलिस की चोरी के प्रयास में हत्या किए जाने की थ्योरी के खिलाफ पत्नी वत्सला ने अपने वकील के जरिए पुलिस और सरकार से सवाल किए। पूछा- कोई सिर्फ चोरी के लिए हाई सिक्योरिटी एरिया में अपनी जान जोखिम में क्यों डालेगा? उन्होंने पुलिस के सामने 5 सवाल रखे… सवाल 1: पेशेवर अपराधी (आतंकी) जैसा हुलिया चोर कब से बनाने लगे? सवाल 2: चोरी ही करनी थी तो 23 से 26 मार्च तक घर में कोई नहीं था, तब चोरी क्यों नहीं की? सवाल 3: मामूली चोर इतना बड़ा सुरक्षा घेरा कैसे तोड़ सकता है? सवाल 4: हत्या में इस्तेमाल हुई पिस्टल की आवाज क्यों सुनाई नहीं दी? सवाल 5: पुलिस ने जांच की, मगर सुरक्षा एजेंसियों ने जांच क्यों नहीं की? जमानत के रुपए नहीं, फिर 3.5 लाख की बाइक, फोन कैसे खरीदे इन सवालों पर DGP प्रशांत कुमार ने एक SIT गठित की। प्रयागराज के IG की अगुआई में इस टीम ने पुलिस खुलासे के सभी पहलुओं की जांच की। इसके बाद 2 सुझाव दिए। दरअसल, जांच में पाया गया कि प्रयागराज पुलिस ने सौरभ के मोबाइल की CDR तो निकाली, मगर उसकी बेसिक लोकेशन नहीं देखी। न ही इसकी टाइमलाइन तैयार की गई, ताकि उसका सटीक मूवमेंट पता चल सके। पुलिस ने इसका जवाब भी अपनी केस डायरी में शामिल नहीं किया कि जब सौरभ 2 लाख रुपए की बाइक और 1.5 लाख रुपए का आईफोन खरीद सकता है, तो उसके पास जमानत के रुपए कैसे नहीं थे? उसके और परिवार के बाकी सदस्यों को इतने रुपए कहां से मिले, इसकी बैंक डिटेल भी पुलिस ने अपनी जांच में शामिल नहीं की थी। SIT रिपोर्ट आने के बाद इंजीनियर की पत्नी के आरोप पढ़िए वायुसेना ने सिक्योरिटी घेरा टूटने की जांच क्यों नहीं की SIT के सुझाव सामने आने के बाद दैनिक भास्कर टीम ने वत्सला से फोन पर बात की। वह कहती हैं- SIT की जांच तो सही हैं, मगर वायुसेना ने खुद के कैंपस की सिक्योरिटी को तोड़ने की कोई जांच क्यों नहीं की? 7 महीने में मुझसे मिलने वायुसेना का कोई भी अधिकारी नहीं आया। 14 मार्च को पहली बार जब उनके घर पर वही युवक आया और इसकी शिकायत की गई तो इस पर क्यों एक्शन नहीं लिया गया? अगर एयरफोर्स एडमिनिस्ट्रेशन उसी दिन एक्शन ले लेता, तो मेरे पति जिंदा होते। मेरे पति ने सिक्योरिटी इंचार्ज ग्रुप कैप्टन रॉमिल शर्मा और उनसे बड़े अफसर को लिखित जानकारी दी थी कि 14 मार्च की रात कोई अवैध तरीके से कैंपस में घुसा था। इसके बाद 15 मार्च काे वह टूर ड्यूटी पर आउटस्टेशन चले गए और दी गई शिकायत पर एयरफोर्स ने कोई सीरियसनेस नहीं दिखाई। केस लड़ने की फंडिंग कहां से हुई पत्नी ने कहा- इस मामले में मुख्य आरोपी के मां-बाप की जमानत हो गई है। जमानत अपर कोर्ट से हुई। अगर पुलिस के खुलासे को सही मान लें कि भाई की जमानत के पैसों के इंतजाम के लिए मुख्य आरोपी चोरी करने आया था, तो अब सवाल यह भी है कि इसकी जांच क्यों नहीं हो रही कि आखिर आरोपियों की फंडिंग कहां से हो रही है? पुलिस बताए कि पूरी फैमिली के जेल में होने के बावजूद फंड कहां से आ रहा है। उन्होंने कहा कि आरोपियों की जमानत होने से हमारा परिवार दहशत में है। ग्राफिक में पढ़िए, IPDR पुलिस के लिए कैसे मददगार कोर्ट में पुलिस ने खुद कहा, हत्यारोपी के पिता पर 6 क्रिमिनल केस वत्सला आगे कहती हैं- मुख्य आरोपी सौरभ के पिता पर पहले से ही 6 क्रिमिनल मुकदमे दर्ज हैं। इन मामलों के बारे में पुलिस ने खुद हाईकोर्ट में स्वीकार किया है। इसके बावजूद उनका एयरफोर्स में आने-जाने का पास कैसे जारी हो गया? यह गंभीर सवाल खड़ा करता है। ऐसे व्यक्ति को सुरक्षा क्षेत्र में एंट्री पास मिलना अपने-आप में जांच के लायक है। वो कहती हैं- पिछले 25 सालों से मेरे पति ने एयरफोर्स के बहुत सारे स्टेशनों पर तैनात रहकर पूरी ईमानदारी से काम किया। इसके लिए उन्हें बहुत सारे अवॉर्ड भी मिल चुके थे। बॉर्डर पर भी हमलोग रह चुके थे, लेकिन यूपी में आकर हम लोगों के साथ ऐसा होगा, वो भी एक हाई सिक्योर्ड एरिया में, ये हम लोगों ने सपने में भी नहीं सोचा था। ——————- ये खबर भी पढ़ें जाट मुर्दाबाद के नारे लगवाने के लिए न्यूड कर पीटा; आगरा में पीड़ित बोला- मुझे उठाकर ले गए, वीडियो बनाया, विरोध पर भाई को मार डाला अलीगढ़ में शादी समारोह में दूल्हे के भाई की पीट-पीटकर हत्या के मामले में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। आरोपी हमलावरों ने इंस्टाग्राम पर रील बनाकर लाइक और फॉलोअर बढ़ाने के लिए विवाद की शुरुआत की। शादी में आए दूल्हे के चचेरे भाई को अगवा किया। उसे गांव में लेकर गए। उसके कपड़े उतरवाकर वीडियो बनाए। पढ़िए पूरी खबर