‘ऑपरेशन सिंदूर में ISRO का बड़ा योगदान रहा’:महर्षि यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में बोले वैज्ञानिक, 2455 मेधावियों को उपाधि मिली

लखनऊ की महर्षि यूनिवर्सिटी का छठवां दीक्षांत समारोह मनाया गया। अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. संजीव मिश्रा इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रहे। ISRO के वैज्ञानिक अनिल कुमार गेस्ट ऑफ ऑनर रहे। दीक्षांत समारोह में कुल 2455 स्टूडेंट्स को उपाधि मिली। मुख्य अतिथि प्रो. संजीव मिश्रा ने कहा- इंजीनियरिंग प्रोफेशन में मेडिकल से ज्यादा ऑप्शन मिलते हैं। आमतौर पर मेडिकल में इतने ज्यादा ऑप्शन नहीं रहते हैं, लेकिन हेल्थकेयर सेक्टर के 70% डिवाइस भारत विदेशों से मंगाता है। इस क्षेत्र में इनोवेशन का बहुत स्कोप है। आज के युवा यदि इस क्षेत्र में काम करेंगे, तो निश्चित ही सफलता मिलेगी। थोड़ी देर के लिए इंटरनेट बंद हो जाए तो समस्या बड़ी हो जाएगी ISRO – टेलीमेट्री ट्रेकिंग कमांड नेटवर्क के निदेशक वैज्ञानिक अनिल कुमार ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर में ISRO का बड़ा योगदान रहा है। जो सैटेलाइट अमेरिका का NASA 12 हजार करोड़ रुपए खर्च कर बनाता है, उसे ISRO ने महज एक हजार करोड़ रुपए खर्च कर बना दिया। अनिल कुमार ने कहा- आज अगर इंटरनेट थोड़ी देर के लिए बंद हो जाएगा, तो बड़ी समस्या खड़ी हो जाती है। नेपाल का प्रोटेस्ट भी इसी कारण से हुआ है। ट्रेन और फ्लाइट से लेकर तेल और खाना का ट्रांसपोर्ट रुक जाएगा। ISRO में युवाओं के लिए बहुत करियर ऑप्शन है। ये सबसे ज्यादा सैलरी देती है। सेंट्रल गवर्नमेंट से 40% ज्यादा सैलरी पैकेज है। 1962 में एक सोच से इसकी शुरुआत हुई। 1969 में इसकी स्थापना महान वैज्ञानिक साराभाई की अगुआई में हुई। कुल 2455 स्टूडेंट्स को मिली उपाधि सभी स्टूडेंट्स को बहुत शुभकामनाएं महर्षि यूनिवर्सिटी ऑफ इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी के चांसलर अजय प्रकाश श्रीवास्तव ने बताया कि आज विश्वविद्यालय का छठवां कन्वोकेशन था। कुल 2 हजार 455 को उपाधि दी गई है। स्टूडेंट्स के लिए दीक्षांत समारोह का विशेष महत्व होता है। डिग्री पाने वाले सभी स्टूडेंट्स को बहुत शुभकामनाएं। स्टूडेंट्स की सफलता ही संस्थान की उपलब्धि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. भानु प्रताप सिंह ने कहा कि यह दीक्षांत समारोह केवल उपाधि वितरण नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की संपूर्ण यात्रा, मेहनत और सपनों का उत्सव है। रजिस्ट्रार डॉ. गिरीश छिमवाल ने कहा कि विश्वविद्यालय शिक्षा और अनुसंधान के प्रत्येक आयाम में निरंतर उत्कृष्टता की ओर अग्रसर है। स्टूडेंट्स की सफलता ही संस्थान की वास्तविक उपलब्धि है। पारंपरिक परिधानों में हुआ उपाधि का वितरण दीक्षांत समारोह में उपाधि पाने वाले स्टूडेंट्स पारंपरिक भारतीय परिधान में रहे। शोभा यात्रा में शामिल लोगों ने भी सिर पर पगड़ी और गले में पीला पटका धारण किया। इस अवसर पर कंट्रोलर ऑफ एग्जामिनेशन डॉ. के.के. शुक्ला, डिप्टी रजिस्ट्रार संदीप शर्मा, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी डॉ. राजेश सिंह, शिवम यादव समेत सभी विभागों के डीन, डिप्टी डीन और फैकल्टी मेंबर मौजूद रहे।