कानपुर की दुल्हन बोली- मेरा दरोगा पति लुटेरा:अगर मैं लुटेरी होती तो दहेज में स्कॉर्पियो क्यों देती; पढ़िए दरोगा के जवाब

‘कानपुर के ग्वालटोली थाने में तैनात दरोगा आदित्य लोचव लुटेरा दूल्हा है। वो 2022 में मुझसे शादी डॉट कॉम पर मिला था। CTET पास न होने की वजह से हमारा मिसमैच हो गया। इसके बाद आदित्य ने मुझे कॉल किया। फिर हमारी इंस्टाग्राम के जरिए दोस्ती हुई। वह बिल्कुल झूठ बोल रहा कि मेरे साथ अरेंज मैरिज हुई थी। इससे पहले शादी डॉट कॉम के जरिए ही एक दूसरी लड़की से भी आदित्य मिला था। उसके साथ इंगेजमेंट भी हुई थी। लेकिन, दहेज में स्कॉर्पियो गाड़ी नहीं दे पाने की वजह से उसने रिश्ता तोड़ दिया था।’ यह कहना है कानपुर की दिव्यांशी चौधरी का। दिव्यांशी पर आरोप है कि वह लुटेरी दुल्हन है। उसने दरोगा आदित्य लोचव से चौथी शादी की। रुपए ऐंठने के लिए वह लड़कों को फंसाती है। फिर रेप केस का डर दिखाकर रुपए ऐंठती है। दरोगा पति आदित्य लोचव की शिकायत पर ग्वालटोली पुलिस ने FIR दर्ज कर दिव्यांशी को अरेस्ट किया था। मंगलवार को ACJM-7 अमित सिंह की कोर्ट में पेश कर पुलिस ने 14 दिनों की रिमांड मांगी। लेकिन, कोर्ट ने पुलिस को फटकार लगाते हुए रिमांड देने से मना कर दिया। कोर्ट ने दिव्यांशी को अरेस्ट करने में सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस का उल्लंघन पाया। इसके बाद दिव्यांशी को रिहा कर दिया गया। इस पूरे घटनाक्रम के बाद दैनिक भास्कर ने दिव्यांशी और आदित्य से अलग-अलग बात की। यह जानने की कोशिश की कि दिव्यांशी लुटेरी दुल्हन है या आदित्य लुटेरा दूल्हा। सिलसिलेवार पढ़िए दोनों से हुई बातचीत के अंश… पहले 2 तस्वीरें देखिए… पहले पढ़िए दिव्यांशी ने जो कुछ कहा मुझसे ही सरकारी नौकरी के नाम पर 14.50 लाख ठगे
दैनिक भास्कर से बात करते हुए दिव्यांशी ने अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज कर दिया। उसने अपने दरोगा पति को ही लुटेरा दूल्हा करार दिया। कहा- दरोगा पति आदित्य लोचव ने सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर मुझसे 14.50 लाख रुपए ऐंठे। रुपए देने के ऑनलाइन ट्रांजैक्शन का मेरे पास सबूत भी है। आदित्य के बुलंदशहर के उग्रसैन नंगला स्थित घर में टॉयलेट भी नहीं था। आदित्य ने मुझसे लिए रुपए से अपना घर बनवाया। कौन सी लुटेरी दुल्हन दहेज में स्कॉर्पियो गाड़ी देती है? मैंने लोन लेकर आदित्य को पैसा दिया
दिव्यांशी ने कहा- दहेज में आदित्य ने 25 लाख की एफडी (फिक्स डिपॉजिट) ली है, जिसमें वह खुद नॉमिनी है। शादी के बाद आदित्य घर वापस नहीं आया, क्योंकि उसने ग्वालटोली में ही एक लड़की से शादी कर ली है। मेरे भाई से दहेज में ली गई स्कॉर्पियो का एक्सीडेंट हो गया, तो आदित्य ने उसे बेचकर रुपए अपने पास रख लिए। फिर प्लॉट लेने के बहाने मेरे घरवालों से रकम ऐंठी। फिर हमने उसे 6.10 लाख की मेरठ से सेकेंड हैंड स्विफ्ट कार दिलाई। 11 मार्च को उसने मुझसे 50 हजार रुपए लिए। इसी तरह वह मुझसे पैसे ऐंठता रहा और मैं लोन लेकर उसे पैसे देती रही। मैंने 17 सवालों की सूची दी है, SIT जांच करे
मैं 2016 से वर्किंग वुमेन हूं, 2018 से मैं ऑन-रोल एम्पलाई हूं। मेरे जो भी खाते हैं, वो सैलरी अकाउंट हैं। मेरे 10 खातों से करोड़ों का ट्रांजैक्शन हुआ है। मेरे जो भी ट्रांजैक्शन हैं, वो लोन के हैं। मैं एक अच्छे घर से हूं, मेरे भाई मैनेजर हैं। आदित्य के खाते में 2 करोड़ से ज्यादा का ट्रांजैक्शन है। मैंने उससे जब भी पूछा, तो वह टाल-मटोल करता रहा। मुझे शक है कि आदित्य फेक डॉक्यूमेंट के जरिए लोगों की नौकरी लगवाता है। इसका एक रैकेट काम कर रहा है। आदित्य ने फर्जी प्रमाण पत्रों से नौकरी लगवाई है, इसकी जांच होनी चाहिए। मैंने 17 सवालों की सूची पुलिस अधिकारियों को दी है, जांच के लिए SIT गठित हो। मैंने अपने पैसे से आदित्य का घर बनवाया
मेरठ में तैनात पुलिस अधिकारियों के खातों में उसके अकाउंट्स से हुए ट्रांजैक्शन पर भी दिव्यांशी ने सफाई दी। कहा कि दरोगा होने की वजह से आदित्य रस्सी को सांप बनाने में माहिर है। मैंने किसी अधिकारी को पैसे ट्रांसफर नहीं किए। सीसीटीवी फुटेज में दरोगा के घर के मेनगेट का ताला तोड़ने के सवाल पर दिव्यांशी ने कहा कि वो घर मैंने बनवाया था। आदित्य ने पूरे घर में सीसीटीवी लगवाए थे। वह वॉशरूम और किचन के फुटेज यूट्यूब पर डालता था। मेरी प्राइवेसी भंग न हो, इसलिए मैंने सीसीटीवी ढके थे। थाने में शिकायत की तो आदित्य ने वर्दी का इस्तेमाल कर मेरे खिलाफ केस कराया
दिव्यांशी ने कहा- 17 नवंबर को मैं पहली बार ग्वालटोली थाने गई थी। इसके बाद आदित्य ने मेरे खिलाफ 12 संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया। मेरे परिवार की बिजनौर हाईवे पर जमीन है। उसमें आदित्य मुझसे हिस्सा मांग रहा था। वह जमीन बेच कर 95 लाख रुपए की डिमांड करता था, लेकिन मैंने साफ मना कर दिया था। वकील बोले- कोर्ट ने अरेस्ट पर फटकारा था
दिव्यांशी के वकीलों योगेश भसीन, वरुण भसीन, विप्लव अवस्थी, शुभम पांडेय ने कोर्ट में रिमांड अर्जी पर बहस की। उन्होंने बताया कि गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने न्यायिक रिमांड मांगी थी। बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि पुलिस के पास रिमांड के समर्थन में पर्याप्त आधार नहीं। इसे कोर्ट ने भी माना। दिव्यांशी के वकीलों ने दरोगा और केस के जांच अधिकारी (IO) शुभम सिंह की एक तस्वीर भी कोर्ट में पेश की। इसमें आदित्य और शुभम एक-दूसरे के हाथ में हाथ डाले खड़े हैं। बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि जांच करने वाले विवेचक, दरोगा आदित्य के घनिष्ठ मित्र है। ऐसे में निष्पक्ष जांच संभव नहीं। कोर्ट ने कहा कि रिमांड के लिए जरूरी साक्ष्य और आधार पुलिस की ओर से पेश नहीं किए गए। केवल आरोपों और अनुमानों के आधार पर रिमांड नहीं दी जा सकती। अब पढ़िए दिव्यांशी के आरोपों पर दरोगा आदित्य ने जो कहा? दिव्यांशी के आरोपों को दरोगा आदित्य लोचव ने झूठा बताया। कहा- दिव्यांशी ने मुझ पर फर्जी प्रमाण पत्रों पर नौकरी करने का आरोप लगाया था। उसने 29 सितंबर, 2024 को तत्कालीन पुलिस कमिश्नर अखिल कुमार से शिकायत भी की थी। कमिश्नर के आदेश पर तत्कालीन कर्नलगंज एसीपी टीबी सिंह ने इस मामले की जांच की थी। जांच रिपोर्ट उन्होंने 20 दिसंबर, 2024 को पुलिस कमिश्नर को सौंपी। रिपोर्ट में मुझे क्लीनचिट मिल गई थी। सारे आरोप निराधार पाए गए थे। 14.50 लाख रुपए लेने के आरोपों पर आदित्य ने कहा कि शादी तय होने के बाद दिव्यांशी ने जनवरी, 2023 से मुझसे पैसा लेना शुरू कर दिया था। इन सभी ट्रांजैक्शन के साक्ष्य हैं, एफआईआर में भी इसका जिक्र किया गया है। जून, 2024 से चल रहा झगड़ा, तो रुपए क्यों मांगूंगा
बिजनौर हाईवे की जमीन बेच कर 95 लाख मांगने के सवाल पर दरोगा आदित्य ने कहा कि 20 अप्रैल, 2025 को दिव्यांशी ने मेरे खिलाफ मेरठ के महिला थाने में FIR दर्ज कराई थी। अगर मैंने पैसों की मांग की थी, तो इसका जिक्र FIR में करना चाहिए था। स्कॉर्पियो के बदले पैसों की मांग पर कहा कि जून, 2024 से मेरी दिव्यांशी से बात नहीं हुई। गाड़ी दिव्यांशी के नाम पर है, नॉमिनी उसका भाई है। नवंबर, 2024 से इस मामले में एसआईटी जांच कर रही है। जनवरी, 2025 को दिव्यांशी ने गाड़ी बेची थी। जब मेरा उससे झगड़ा चल रहा है, तो वो मुझे पैसा क्यों देगी? जिला जज की कोर्ट में दाखिल होगी याचिका
घर में सीसीटीवी लगवाने के सवाल पर आदित्य ने बताया- अक्टूबर, 2024 में मुझे पता चला कि दिव्यांशी फर्जी रेप केस कराकर लोगों से वसूली करती है। जिसके बाद मैंने पूरे घर को सीसीटीवी से लैस कराया था। यूट्यूब पर वीडियो अपलोड करने की जहां तक बात है, उसने कभी कहीं शिकायत नहीं की। साक्ष्य के साथ शिकायत क्यों नहीं की? मामले में डीसीपी सेंट्रल श्रवण कुमार सिंह ने बताया कि दिव्यांशी चौधरी की रिमांड रिफ्यूज होने की जानकारी मिली है। फैसले के खिलाफ जिला जज की कोर्ट में याचिका दाखिल की जाएगी। ————————– यह खबर भी पढ़ें… 2 दरोगा…2 बैंक मैनेजर से शादी रचाने वाली दुल्हन अरेस्ट, कानपुर में 10 खातों में मिले 8 करोड़ 12 लोगों को फंसाया, 4 शादी की…पहले 2 बैंक मैनेजर, फिर 2 दरोगा दूल्हे बने…खाते में 8 करोड़ रुपए…यह कहानी है कानपुर की एक दुल्हन की। जिसका मकसद शादी के जाल में लोगों को फंसाकर रुपए ऐंठना ही है। इस लुटेरी दुल्हन को कानपुर पुलिस ने सोमवार को गिरफ्तार कर लिया। पूरी खबर पढ़िए