कानपुर के डीसीपी वेस्ट एसएम आसिम काबिदी ने पुलिस अफसर बनकर देश भर के लोगों से ठगी करने वाले सचेंडी के तीन शातिर साइबर ठगों को अरेस्ट किया है। शातिर पुलिस अफसर बनकर लोगों को कॉल करते और फिर किसी को ब्लू फिल्म देखने व पुलिस अफसर बनकर अलग-अलग तरह से झांसे में लेकर ठगी करते थे। लगातार शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने जांच के बाद छापेमारी करके बड़े सिंडीकेट का खुलासा हुआ है। पुलिस ने तीन शातिरों को अरेस्ट कर लिया। इतना ही नहीं जांच में यह भी पता चला कि कानपुर का सचेंडी अब मिली जामताड़ा के रूप में बनकर उभर रहा है, यहां पर पूरे इलाके के लोग इसी तरह से साइबर ठगी का सिंडीकेट चला रहे हैं। राजस्थान, महाराष्ट्र और गुजरात समेत कई देशों में शातिरों ने की ठगी
डीसीपी वेस्ट एसएम आसिम काबिदी ने बताया कि सचेंडी के ठाकुरदास के पुरवा में साइबर ठगी के शिकायत की सूचवना मिल रही थी। एनसीआरबी के रिकॉर्ड की मानें तो एक-दो नहीं सैकड़ों ठगी की शिकायतें सचेंडी से मिल रही थीं। जांच की गई तो इनपुट मिला कि जामताड़ा कि तर्ज पर कानपुर के सचेंडी के ठाकुरदास पुरवा और आसपास के गांव में साइबर ठगी का गैंग सक्रिय है। अलग-अलग गैंग दिन भर खेत में या अलग-अलग ठिकानों में ग्रुप बनाकर लोगों से साइबर ठगी करते हैं। साइबर ठग खुद पुलिस अफसर बनकर लोगों को कॉल करके बताते हैं कि मैं पुलिस अधिकारी हूं और आप लगातार पोर्न फिल्म देख रहे या फिर अन्य अलग-अलग तरह से अपराध में इन्वॉल्व होने की धमकी देते हैं। इसके बाद जेल भेजने की धमकी देकर रुपए की वसूली करते हैं। शातिर अपराधी सिर्फ कानपुर ही नहीं उत्तर प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, पांडुचेरी समेत देश के कई राज्यों के लोगों को अपनी ठगी का शिकार बनाया है। पुलिस ने छापेमारी करके तीन शातिर ठगों को अरेस्ट कर लिया। पूछताछ में तीनों शातिरों ने अपना नाम बलरामपुर थाना गजनेर कानपुर देहात निवासी अरविंद सिंह, सचेंडी के ठाकुरदास का पुरवा निवासी अनुराग सिंह और ठाकुरदास का पुरवा निवासी विकास सिंह को अरेस्ट कर लिया। शातिरों के पास से लैपटॉप, मोबाइल समेत कई उपकरण भी बरामद हुए। तीनों से पूछताछ के बाद पुलिस ने कोर्ट में पेश करने के बाद रविवार को जेल भेज दिया। करोड़ों का ट्रांजेक्शन, 8 लाख अकाउंट में फ्रीज कराया डीसीपी वेस्ट ने बताया कि दो मोबाइल, 1 कीपैड मोबाइल, पांच एटीएम, 7 प्री-एक्टिवेटेड सिम एयरटेल, पांच जियो कंपनी के सिम समेत कुल 17 सिम, तीन जाली आधार कार्ड, कई बैंक खातों में 8 लाख रुपए जमा मिला। पुलिस ने जांच की तो सामने आया कि शातिर ठगों ने देश के कई राज्यों से पांच साल से ज्याद समय से करोड़ों की ठगी को अंजाम दिया है। लगातार अलग-अलग तरह से ठगी को अंजाम दे रहे हैं। होटल बुकिंग के नाम पर भी ठगी पुलिस की जांच में सामने आया कि शातिरों ने कई बड़े होटलों के मिलते-जुलते नाम से वेबसाइट बनवा रखी है। वेबसाइट पर ऑफर देकर होटल बुकिंग करके भी लोगों से ठगी को अंजाम दे रहे हैं। शातिर रोजाना लाखों की ठगी को अंजाम दे रहे थे। पूछताछ के दौरान पुलिस को कई अहम साक्ष्य मिले हैं। पुलिस की मानें तो जल्द ही ठगी के पूरे सिंडीकेट का खुलासा करेगी।