कानपुर में टीजीटी की परीक्षा में महिला सॉल्वर पकड़ी गई:रेनू यादव की जगह शिखा दे रही थी एग्जाम, फिंगरप्रिंट मैच न होने पर अरेस्ट

कानपुर के माल रोड स्थित एबी इंटर कॉलेज में शनिवार को उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की सहायक अध्यापक प्रशिक्षित स्नातक परीक्षा (टीजीटी) आयोजित की गई। इस दौरान कैंट थाना क्षेत्र में एक महिला सॉल्वर को पकड़ा गया। वह किसी अन्य परीक्षार्थी के स्थान पर परीक्षा देने पहुंची थी। परीक्षा शुरू होने के बाद केंद्र पर आंतरिक फ्लाइंग स्क्वाड और पर्यवेक्षकों ने परीक्षार्थियों के प्रवेश पत्र और पहचान पत्रों का गहनता से मिलान किया। इस दौरान एक युवती की गतिविधियों पर संदेह हुआ। उसका बायोमेट्रिक सत्यापन कराया गया, जिसमें फिंगरप्रिंट मैच नहीं हुए। पूछताछ में युवती ने अपनी पहचान झारखंड के गिरीडीह निवासी शिखा कुमारी के रूप में बताई। उसने स्वीकार किया कि वह फतेहपुर की रेनू यादव की जगह परीक्षा देने आई थी। केंद्र व्यवस्थापक ने तत्काल कैंट पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस ने शिखा कुमारी को हिरासत में ले लिया। परीक्षा केंद्र में केवाईसी (KYC) प्रक्रिया के दौरान शिखा के फिंगरप्रिंट मैच नहीं हुए। दोबारा बायोमेट्रिक सत्यापन कराने पर भी मिलान नहीं हो सका। इसके बाद ही पुलिसकर्मियों ने उससे पूछताछ की और संदिग्ध लगने पर उसे कैंट पुलिस के हवाले कर दिया गया। कैंट पुलिस ने झारखंड से आई शिखा कुमारी और मूल परीक्षार्थी रेनू यादव के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस को आशंका है कि दूसरे राज्यों से भी कई अन्य सॉल्वर परीक्षा देने आए होंगे। पुलिस की गहन पूछताछ से इस सॉल्वर गैंग का खुलासा हो सकता है।