कानपुर में 20 लाख के लिए दोस्त का मर्डर:डिफेंस कॉरीडोर में मिले मुआवजे की रकम हड़पने को तीन दोस्तों ने किया था जघन्या हत्याकांड

कानपुर गुजैनी थाना क्षेत्र के पांडु नदी किनारे युवक का मर्डर करके शव फेंकने के मामले का डीसीपी साउथ ने खुलासा कर दिया। डिफेंस कॉरीडोर में मिले 20 लाख जमीन के मुआवजे की रकम हड़पने के लिए तीन दोस्तों ने ही युवक की जघन्य हत्याकांड को अंजाम दिया था। गुजैनी पुलिस ने तीनों को अरेस्ट करके जेल भेज दिया। पुलिस कॉल डिटेल, सीसीटीवी और सर्विलांस की मदद से साक्ष्यों के साथ मर्डर केस का खुलासा किया। नशीली कोल्ड ड्रिंक और शराब देने के बाद किया मर्डर डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि साढ़ निवासी विपिन उर्फ गुड्‌डू तिवारी (32) का शव 3 दिसंबर को गुजैनी थाना क्षेत्र के मेहरबान सिंह का पुरवा में पांडु नदी किनरे शव मिला था। हत्यारोपियों ने गला घोंटकर मारने के बाद पहचान छिपाने के लिए सिर कूच दिया था। डीसीपी साउथ ने बताया कि मर्डर केस का खुलासा करने के लिए जांच पड़ताल शुरू की तो सबसे पहले लास्ट कॉल मृतक के दोस्त मनोज दीक्षित उर्फ लाखन की थी। मनोज को पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की तो वह टूटा नहीं और बताया कि रोजाना की तरह उस दिन भी बात हुई थी, सख्ती के बाद भी वह अपनी बात पर टिका रहा। इसके बाद पुलिस ने और छानबीन की तब सामने आया कि लास्ट कॉल के साथ ही लोकेशन भी दोस्त भी मनोज दीक्षित की निकली। इसके साथ ही सीसीटीवी फुटेज चेक किया तो गोविंद नगर कच्ची बस्ती निवासी मृतक के दोस्त प्रदीप साहू का आटो भी सीसीटीवी में दिखा। पुलिस ने दोनों को उठाकर सख्ती से पूछताछ की तब दोनों टूट गए। साक्ष्य मिलने के बाद टूटे हत्यारोपी तीनों दोस्त डीसीपी साउथ ने बताया कि हत्यारोपी मनोज दीक्षित उर्फ लाखन ने पूछताछ के दौरान खुलासा करते हुए बताया कि उसके दोस्त मृतक विपिन के पिता गंगा प्रसाद को ननिहाल से साढ़ में 12 बीघा जमीन मिली थी। ये पूरी जमीन डिफेंस कॉरीडोर में अधिग्रहण कर लिया गया और इसका कुल मुआवजा 2.40 करोड़ रुपए मिलना था। जिसमें से 60 लाख रुपए विपिन के पिता को मिला था। रुपए मिलने पर गंगा प्रसाद ने अपने दोनों बेटों विपिन उर्फ गुड्‌डू तिवारी और अमित के खाते में 20-20 लाख की एफडी कर दी थी। इसके साथ ही 20 लाख रुपए अपने खाते में जमा कर लिया। विपिन के खाते में 20 लाख की जानकारी होने पर तंगहाली में चल रहे उसके तीन दोस्तों आई-ब्लॉक बर्रा विश्वबैंक निवासी मनोज दीक्षित उर्फ लाखन, डीबीएस कॉलेज गोविंद नगर कच्ची बस्ती निवासी अरविंद चंदेल और इसी बस्ती में रहने वाला आटो चालक प्रदीप साहू ने मिलकर हत्या की साजिश रची। शराब पीने को बुलाया और कर दिया मर्डर, एफडी के चलते नहीं ट्रांसफर हुई रकम डीसीपी ने बताया कि तीनों दोस्तों ने 20 लाख के लिए दोस्त विपिन उर्फ गुड्‌डू तिवारी के हत्या की साजिश रची। उसे कॉल करके फैक्ट्री से निकलने के बाद शराब पीने के लिए बुलाया। बारादेवी चौराहा पर आटो में उसे नशीली कोल्ड ड्रिंक दे दी। नशे में होने के बाद उससे शराब खरीदवाई और उसके मोबाइल में यूपीआई एप का पासवर्ड हासिल कर लिया। इसके बाद उसके मोबाइल से रकम ट्रांसफर करने का प्रयास किया, लेकिन सेविंग अकाउंट में महज 6 हजार रुपए था वो तो ट्रांसफर हो गया, लेकिन 20 लाख एफडी होने के चलते ट्रांसफर नहीं हुए। इधर विपिन तिवारी उर्फ गुड्‌डू ने को पता चल गया था कि उसके तीनों दोस्त रुपए हड़पने के लिए उसके साथ साजिश के तहत शराब में नशीली दवा दी है। बात खुलने के डर से तीनों विपिन को आटो से मेहरबान सिंह का पुरवा पांडु नदी किनारे लेकर पहुंचे और रस्सी से गला घोंटकर हत्या कर दी। इसके बाद पहचान छिपाने की नीयत से उसका सिर ईंट से कूच दिया और भाग निकले थे। गिड़गिड़ाता रहा लेकिन नहीं पसीजे तीनों दोस्त नशे की हालत में होने के दौरान विपिन रोता रहा और गिड़गिड़ाता रहा कि उसे छोड़ दो। उसके साथ ऐसा क्यों किया जा रहा है। लेकिन तीनों दोस्तों का कलेजा नहीं पसीजा और उसका मर्डर कर दिया। इतना ही नहीं मर्डर करने के अगले दिन दोनों दोस्त अरविंद और मनोज बाइक से देखने पहुंचे कि विपिन मर गया है या नहीं। जब उन्होंने देखा कि विपिन का शव पड़ा हुआ है। इसके बाद दोनों वहां से निकल गए। पुलिस ने तीनों दोस्त हत्यारोपियों को अरेस्ट करके जेल भेज दिया। हत्या में नामजद मृतक के रिश्तेदार संतोष शुक्ला और सुरेश शुक्ला का मर्डर केस में कोई इन्वॉलमेंट नहीं निकला।