किसान 12 फरवरी को मेरठ मुख्यालय का करेंगे घेराव:दिल्ली में सेमिनार के बाद ट्रेड डील के विरोध का ऐलान

भारतीय किसान यूनियन (BKU) ने दिल्ली में मुक्त व्यापार समझौतों (ट्रेड डील) के कृषि पर पड़ने वाले प्रभावों पर एक सेमिनार का आयोजन किया। इस सेमिनार के बाद किसानों ने 12 फरवरी को मेरठ जिला मुख्यालय का घेराव करने का निर्णय लिया। जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ता इस सेमिनार में शामिल होने के लिए दिल्ली रवाना हुए थे। दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में आयोजित इस सेमिनार की अध्यक्षता मेरठ निवासी बुजुर्ग किसान मेजर चिंदौड़ी ने की। इसमें मुक्त व्यापार समझौतों और उनके दुष्प्रभावों पर विस्तार से चर्चा हुई। किसानों के संकट और खेती पर मंडरा रहे खतरे जैसे विषयों पर भी गहन विचार-विमर्श किया गया।
सेमिनार में चौधरी राकेश टिकैत, युद्धवीर सिंह, सुधाकर सिंह और सुमन सहाय (बिहार) जैसे प्रमुख किसान नेता शामिल हुए। उन्होंने इन समझौतों को किसानों के लिए “बेहद खतरनाक” बताया। नेताओं ने जन-जन तक इनके दुष्प्रभावों को पहुंचाने और इनके विरोध के लिए रणनीति बनाने का आह्वान किया। इसी रणनीति के तहत, यह निर्णय लिया गया कि 12 फरवरी, गुरुवार को मेरठ जिला मुख्यालय का घेराव किया जाएगा। इस दौरान ट्रेड डील मुक्त व्यापार समझौते के विरोध में एक ज्ञापन भी सौंपा जाएगा। जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी ने बताया कि सरकार लगातार ऐसी नीतियां बना रही है, जिससे किसान बर्बाद हो रहे हैं। उन्होंने जिला स्तर के अधिकारियों पर भी किसानों के साथ छल करने का आरोप लगाया। चौधरी ने कहा कि जनपद मेरठ के जिलाधिकारी किसानों की समस्याओं के प्रति लगातार बेरुखी अपना रहे हैं, जिससे किसान असंतुष्ट हैं। उन्होंने गन्ना भवन और कमिश्नरी आंदोलन के दौरान किए गए वादों को पूरा न करने का भी जिक्र किया, जिसके कारण किसानों की जिला स्तरीय मांगें आज तक अनसुनी हैं। अन्य मुद्दों में तहसील की शिकायतों का निस्तारण न होना और विजिलेंस के मनमाने मुकदमे भी शामिल हैं।