कुम्हार को GST विभाग ने एक करोड़ का नोटिस भेजा:रायबरेली में बोला- 3 पुश्तों से तो बर्तन बना रहा, परिवार समेत सुसाइड कर लूंगा

रायबरेली में एक कुम्हार को जीएसटी विभाग ने एक करोड़ से ज्यादा का नोटिस भेजा है। पीड़ित का कहना है कि तीन पुश्तों से तो मैं बर्तन बना रहा हूं। इसके अलावा कोई काम नहीं किया। खुद को बेच भी दूं तो इतने पैसे नहीं जुटा पाऊंगा। अगर नोटिस न वापस हुआ तो मैं परिवार समेत आत्महत्या कर लूंगा। अनपढ़ कुम्हार को गांव वालों ने जीएसटी का नोटिस पढ़कर बताया। इसमें कुम्हार मोहम्मद शाहिद के नाम पर बिहार में 6 फर्में रजिस्टर्ड हैं। इन पर अलग-अलग लाखों रुपए का जीएसटी चोरी का आरोप है। वहीं विभागीय सूत्रों के मुताबिक, कुम्हार के साथ साइबर फ्रॉड करके ये रजिस्ट्रेशन किया गया है। अब पूरा मामला विस्तार से …
मोहम्मद शाहिद पिछली तीन पुश्तों से कुम्हार का काम कर रहे हैं। वह जिला मुख्यालय से करीब 27 किमी दूर हरचंदपुर थाना क्षेत्र के रघुवीरगंज बाजार के रहने वाले हैं। मिट्‌टी के घड़े-सुराही बनाकर जैसे-तैसे पत्नी और तीन बच्चों को पालते हैं। शाहिद ने बताया- 16 फरवरी को उनके पते पर एक डाक आई। अंदर एक लेटर था। पढ़ा-लिखा न होने के कारण उन्हें कुछ समझ नहीं आया। गांव के शिक्षित लोगों ने बताया- यह GST विभाग का नोटिस है। उनके ऊपर 1 करोड़ 25 हजार 297 रुपए की जीएसटी चोरी का आरोप है। नोटिस में एक महीने का समय दिया गया है। 16 मार्च तक उन्हें संबंधित कार्यालय पहुंचकर अपना पक्ष रखना है। कोई रकम जमा नहीं करनी है, सिर्फ बयान दर्ज कराना है। कुल्हड़-सुराही बनाकर परिवार पालते हैं
मोहम्मद शाहिद ने बताया- मैं पत्नी साजिदा और तीन बच्चों के साथ मिट्टी के कुल्हड़, घड़ा, सुराही और खिलौने बनाकर परिवार पालता हूं। पढ़ा-लिखा नहीं हूं, इसलिए नोटिस की भाषा और कानूनी प्रक्रिया समझना उनके लिए मुश्किल है। हमने कभी कोई बड़ी फर्म या कारोबार नहीं किया। यह हमारा पुश्तैनी धंधा है। परिवार का कहना है कि इतनी बड़ी रकम का नोटिस उनके लिए असंभव है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार इस नोटिस से मानसिक दबाव में है। पैन-आधार का यूज कर फर्जी फर्म बनाने की आशंका
पीड़ित का आरोप है कि उनके पैन कार्ड और आधार कार्ड का गलत इस्तेमाल कर बिहार में एक फर्जी फर्म बनाई गई। सूत्रों के मुताबिक, करीब छह साल पहले बिहार में फर्म रजिस्ट्रेशन के दौरान उनके दस्तावेजों का यूज किया गया था। बताया जा रहा है कि फर्म के प्रोपराइटर ने अनपढ़ होने का फायदा उठाकर आधार का ओटीपी लेकर रजिस्ट्रेशन कराया। वहीं शाहिद का कहना है कि आठ साल पहले उनका आधार और पैन कार्ड खो गया था। करीब पांच साल पहले उन्होंने नए दस्तावेज बनवाए थे। जीएसटी से जुड़े वकीलों का कहना है कि इस तरह के फ्रॉड के मामले अक्सर सामने आते हैं। लोगों को तब जानकारी होती है जब उनके पते पर भारी-भरकम टैक्स नोटिस पहुंच जाता है। कानूनी विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि पीड़ित को तुरंत अपने क्षेत्र के थाने में धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज करानी चाहिए। उसे संबंधित जीएसटी ऑफिस पहुंचकर लिखित बयान भी देना चाहिए। ———————– ये खबर भी पढ़िए… ‘इकलौते बेटे को बर्थ-डे मनाने भेजा…वो कफन में लिपटकर लौटा’:झांसी में मां बोली- पहली बार पार्टी करने भेजा, वो छोड़कर चला गया “मेरा बेटा 16 साल का हो गया था। वह हर बार घर में ही बर्थडे पार्टी करता था, लेकिन पहली बार मैंने उसे पार्टी के लिए घर के बाहर अकेले जाने दिया। क्या पता था कि मैं उसे आखिरी बार देख रही हूं। जब बेटा घर लौटा, तो कफन में लिपटा हुआ था। वह हम लोगों को हमेशा के लिए छोड़कर चला गया।” यह कहना है अपने इकलौते बेटे निवेश को खोने वाली मां नीतू सक्सेना का। पढ़िए पूरी खबर…