कोटा एक्सप्रेसवे पर कार-ट्रक टक्कर:कानपुर देहात के तीन दोस्तों सहित चार की जान गई, घूमने के लिए निकले थे

राजस्थान के कोटा में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर हुए एक सड़क हादसे में चार लोगों की मौत हो गई। यह दुर्घटना तब हुई जब एक तेज रफ्तार कार आगे चल रहे ट्रक से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार में सवार सभी चारों लोगों की मौके पर ही मृत्यु हो गई। मृतकों में कानपुर देहात की रूरा नगर पंचायत के तीन युवक शामिल थे। उनकी पहचान प्रांजल चतुर्वेदी, श्रेष्ठ बाजपेयी और अंकुश दुबे के रूप में हुई है। ये तीनों आपस में गहरे दोस्त थे। रामनगर वार्ड नंबर तीन, रूरा निवासी प्रांजल चतुर्वेदी (पुत्र लल्ला चतुर्वेदी) मूल रूप से डेरापुर क्षेत्र के बिजहारा गांव के रहने वाले थे। वे पिछले 15-20 वर्षों से रूरा में रह रहे थे। दो वर्ष पूर्व उनकी शादी रूरा के सुभाष नगर निवासी राम खिलावन पांडे की पुत्री आरोही से हुई थी। दो माह पहले ही उनके घर पुत्र का जन्म हुआ था। प्रांजल तीन बहनों में इकलौते भाई थे और वाहन चलाने का काम करते थे।
उन्नीस वर्षीय श्रेष्ठ बाजपेयी, जिन्हें घर पर राम बाजपेयी भी कहा जाता था, बजरंगनगर रूरा के निवासी थे। उनके पिता अनूपम बाजपेयी एक निजी विद्यालय संचालित करते हैं। श्रेष्ठ पिछले तीन वर्षों से बाहर रहकर पढ़ाई कर रहे थे और अपने दो भाइयों में सबसे बड़े थे। मड़ौली गांव के मूल निवासी अंकुश दुबे रूरा के पालीवाल नगर में किराए के मकान में रहते थे। उनके पिता बिंदु दुबे समाजवादी पार्टी के नेता के ड्राइवर हैं। अंकुश के परिवार में एक बड़ा भाई आदित्य भी है। ये तीनों युवक गहरे दोस्त थे और अक्सर साथ घूमने जाते थे। बताया जा रहा है कि इस बार भी वे घूमने के लिए ही निकले थे, जब कोटा में यह दुर्घटना हुई। घटना की सूचना रूरा पहुंचते ही पूरे कस्बे में गम का माहौल छा गया।