कौशांबी जिले के भरवारी नगर पालिका परिषद में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है। बड़ी कुटी मंदिर प्रांगण में 26 जनवरी से 3 फरवरी तक चलने वाली इस कथा के चौथे दिन शुक्रवार रात को श्रीकृष्ण जन्म लीला का वर्णन किया गया। श्री धाम वृंदावन से आए आचार्य सत्यम कृष्ण शास्त्री (राहुल महाराज) ने इस दिव्य लीला का हृदयस्पर्शी वर्णन किया। आचार्य सत्यम कृष्ण शास्त्री ने बताया कि कैसे कंस के कारागार में वसुदेव और देवकी की आठवीं संतान के रूप में भगवान विष्णु ने कृष्ण का रूप धारण किया। उन्होंने विस्तार से वर्णन किया कि जन्म के तुरंत बाद कारागार के द्वार चमत्कारिक रूप से खुल गए, सभी रक्षक सो गए, और वसुदेव बालकृष्ण को यमुना पार कर गोकुल ले गए। गोकुल में नंद और यशोदा ने उनका पालन-पोषण किया। कथा में यह भी बताया गया कि कंस को जन्म के समय योगमाया नामक पुत्री प्राप्त हुई, जिसे वह आकाश में फेंकने पर भी नष्ट नहीं कर सका। इन प्रसंगों को सुनकर कथा पंडाल में उपस्थित भक्त भाव विभोर हो गए। कई श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं और पूरे पंडाल में भक्तिमय वातावरण छा गया। कार्यक्रम के मुख्य यजमान संतोष कुमार वर्मा और शशि देवी हैं। इस अवसर पर राकेश कुमार स्वर्णकार, जितेंद्र कुमार स्वर्णकार, अमित कुमार, अंकित वर्मा सहित सैकड़ों गणमान्य व्यक्ति और महिलाएं श्रद्धापूर्वक उपस्थित रहे।