झांसी में बुधवार को क्रिकेट खेलते वक्त 30 साल के एलआईसी अफसर की मौत हो गई। वो दोस्तों के साथ क्रिकेट खेल रहे थे। बॉलिंग के दौरान वे बीच में रुके और पानी पीया। इसके बाद अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। उन्हें उल्टियां होने लगीं और मैदान पर ही गिर पड़े। दोस्तों ने एम्बुलेंस बुलाकर अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। रिपोर्ट के आने के बाद ही मौत की वजह पता चल पाएगी। घटना सीपरी बाजार थाना क्षेत्र के सिद्धेश्वर इलाके के GIC ग्राउंड की है। सिलसिलेवार पढ़िए पूरा मामला… 3 महीने पहले कराया था फुल बॉडी चेकअप
नालगंज सीपरी बाजार में रहने वाले रविंद्र कुमार अहिरवार एलआईसी में विकास अधिकारी थे। उनके पिता स्वामी प्रसाद अहिरवार राजमिस्त्री हैं। जबकि बड़े भाई विकास गुजरात के अहमदाबाद में मारुति कंपनी में काम करते हैं। विकास की शादी हो चुकी है। रविंद्र के लिए रिश्ते आने लगे थे। वहीं, सबसे छोटे भाई अरविंद कॉम्पिटिशन की तैयारी कर रहे हैं। छोटे भाई अरविंद ने बताया- घर से ग्राउंड की दूरी करीब 1 किमी है। तबीयत खराब होने के बाद रविंद्र के दोस्तों ने मुझे फोन किया। हम लोग सीधे अस्पताल पहुंचे। मेरे भाई को ऐसी कोई बीमारी नहीं थी। उन्होंने 3 महीने पहले ही फुल बॉडी चेकअप कराया था, तब भी कुछ नहीं निकला था। ऑफिस में छुट्टी थी, इसलिए क्रिकेट खेलने गए थे
घरवालों ने बताया कि 2 साल पहले ही रविंद्र की भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) में बतौर विकास अधिकारी नियुक्ति हुई थी। वह खेलकूद के बहुत शौकीन थे। अक्सर दोस्तों के साथ क्रिकेट खेला करते थे। बुधवार को कार्तिक पूर्णिमा के चलते ऑफिस में छुट्टी थी। सुबह करीब 7 बजे रविंद्र अपने दोस्तों के साथ क्रिकेट खेलने ग्वालियर रोड स्थित जीआईसी ग्राउंड पहुंचे। मैच का तीसरा ओवर चल रहा था और वो बॉलिंग कर रहे थे। इसी बीच उन्हें प्यास लगी और उन्होंने पानी पीया। पानी पीते ही हुई तबीयत खराब
पानी पीते ही रविंद्र को अचानक उल्टियां होने लगीं। साथी खिलाड़ियों ने उन्हें संभालने की कोशिश की, लेकिन वह बेसुध होकर मैदान पर गिर पड़े। तुरंत 108 एम्बुलेंस को कॉल किया गया और उन्हें मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने जांच के बाद रविंद्र को मृत घोषित कर दिया। पढ़िए LIC अफसर के परिवारवालों का दर्द मां बोलीं- बेटे का फोन आया, भैया खत्म हो गए मम्मी
एलआईसी अफसर रविंद्र के घर में उनकी मौत के बाद से कोहराम मचा है। मां रामदेवी उस पल को याद कर दहाड़े मारकर रो रही हैं, जब बेटा खेलने जाने की कहकर निकला था। उन्होंने कहा कि रविंद्र हर सुबह 9 बजे सोकर उठता था। लेकिन, आज सुबह 6 बजे उठ गया था। रविंद्र के पापा ने कहा कि बेटा आज जल्दी कैसे उठ गए? इस पर मैंने कहा कि बेटे को खेलने जाना है, इसलिए उठा है। मैंने चाय दी, तो रविंद्र ने उसे पी लिया, फिर खेलने निकल गया। मां ने बताया कि खेलने के दौरान जब वह जमीन पर गिरा, तो उनके साथी ने रविंद्र के पापा को फोन लगाया। इसके बाद अहमदाबाद में बड़े बेटे के पास फोन पहुंचा। बड़े बेटे ने मुझे रविंद्र की मौत के बारे में बताया। मां बेतहाशा रोते हुए कहने लगीं कि हमारा बेटा चला गया। उसके पापा बेटों की पढ़ाई के लिए चार-चार मंजिल पर टंगकर काम करते हैं। बेटों से कहते थे कि जो हम ईंट-गारा करते हैं, वो तुम्हें नहीं करने देंगे। मामा बोले- भांजे की शादी में भात लाना था, अब कफन लाए हैं
रविंद्र के मामा, एनके अहिरवार मध्यप्रदेश के पृथ्वीपुर के सरकारी स्कूल में प्रिंसिपल हैं। रविंद्र की नौकरी लगने के बाद उनकी शादी की जिम्मेदारी भी मामा ने ले रखी थी। मामा ने कहा कि मैं उसे बार-बार शादी के लिए मनाता था। इस पर वह कहता था कि मामा क्यों किसी लड़की की जिंदगी बर्बाद कर रहे। तब मुझे लगता था कि वो मजाक करता रहता है। मुझे भांजे की शादी के बड़े अरमान थे कि भात लेकर आएंगे। लेकिन आज भांजे का कफन लेकर आए हैं। वहीं, घटना की खबर मिलते ही घर में चीख-पुकार मच गई। परिजन और साथी कर्मचारियों को यकीन नहीं हो रहा कि पूरी तरह स्वस्थ रविंद्र की इतनी अचानक मौत हो सकती है। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है, जिससे मौत के असली कारण का पता लगाया जा सके। पिता बोले- बेटे को कोई बुरी आदत नहीं थी
रविंद्र के पिता स्वामी प्रसाद अहिरवार ने बताया कि बेटे को कभी कोई बीमारी या टेंशन नहीं थी। आज सुबह जब जल्दी उठ गया, तो मैंने मजाक में पूछा कि बेटा आज जल्दी उठ गए? तो मुझे देखकर मुस्कुराया और चाय-बिस्कुट देकर खेलने निकल गया। बेटा बहुत होनहार था। कुछ दिन पहले उसके दोस्त आए थे। वो बता रहे थे कि उसे ऑफिस में सम्मान भी मिला है। बेटे के अंदर कोई बुरी आदत नहीं थी। समझ नहीं आ रहा कि यह सब कैसे हो गया? ——————— ये खबर भी पढ़ें बाराबंकी में एक साथ जलीं ज्वेलर परिवार की 4 चिताएं, पति-पत्नी और बेटों के शव देख महिलाएं बेसुध बाराबंकी में बेकाबू अर्टिगा कार और ट्रक की आमने-सामने टक्कर में 8 लोगों की मौत हो गई। इनमें ज्वेलर, उनकी पत्नी और 2 बेटों के अलावा ड्राइवर और 3 अन्य लोग शामिल हैं। दोपहर 3 बजे ज्वेलर परिवार के चारों शव पोस्टमॉर्टम हाउस से फतेहपुर कस्बे के मोहल्ला मुंशी गंज लाए गए। पूरी खबर पढ़ें