शिक्षा के क्षेत्र में तकनीक का दखल बढ़ता जा रहा है। अब केवल किताबी ज्ञान से काम नहीं चलेगा, बल्कि शिक्षकों को भी ‘टेक-सेवी’ होना पड़ेगा। इसी सोच के साथ छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय (CSJMU) के शिक्षा विभाग ने शनिवार को एक विशेष ‘AI इनोवेशन कार्यशाला’ का आयोजन किया। विश्वविद्यालय के शिक्षा विभाग और ‘अकैडलर्न’ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस वर्कशॉप में छात्रों को बताया गया कि कैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) भविष्य की शिक्षा प्रणाली को पूरी तरह बदलने वाला है। बिना AI के भविष्य में अच्छी टीचिंग संभव नहीं: डॉ. तनुजा विभागाध्यक्षा डॉ. तनुजा भट्ट ने वर्तमान समय में तकनीक की अहमियत पर जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि AI आज की सबसे बड़ी जरूरत है। डॉ. भट्ट के अनुसार, जो युवा शिक्षा के क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते हैं, उन्हें AI के आधुनिक उपकरणों में कुशल होना ही होगा। भविष्य में वही शिक्षक सफल कहलाएंगे, जो तकनीक और एआई का सही इस्तेमाल जानते होंगे। अकैडलर्न की टीम ने दिए प्रैक्टिकल टिप्स इस वर्कशॉप की खास बात यह रही कि इसमें केवल थ्योरी नहीं, बल्कि प्रैक्टिकल जानकारी पर जोर दिया गया। अकैडलर्न संस्थान से आए 6 विशेषज्ञों के दल ने छात्रों को एआई के लेटेस्ट टूल्स के बारे में विस्तार से समझाया। टीम में अच्युत सिंह, पवन धींगरा, विभूति अग्निहोत्री, सुशांत कुमार, श्रेयांश राज और अभिषेक शर्मा शामिल रहे। इन विशेषज्ञों ने छात्रों को बताया कि कैसे एआई की मदद से लेसन प्लान तैयार करने, कंटेंट रिसर्च करने और छात्रों की परफॉरमेंस को ट्रैक करने में मदद मिल सकती है। शिक्षकों और छात्रों में दिखा भारी उत्साह कार्यक्रम का संयोजन डॉ. प्रियंका मौर्या द्वारा किया गया, जबकि मंच संचालन डॉ. रत्नर्त्तु: मिश्रा ने संभाला। कार्यशाला के दौरान न केवल छात्रों बल्कि शिक्षकों ने भी एआई टूल्स को लेकर अपनी जिज्ञासा जाहिर की। इस मौके पर डॉ. रश्मि गोरे, डॉ. गोपाल सिंह, डॉ. विमल सिंह, डॉ. बद्री नारायण मिश्रा, डॉ. कल्पना अग्निहोत्री, डॉ. स्नेह पांडे सहित कई फैकल्टी मेंबर्स और बड़ी संख्या में छात्र मौजूद रहे।