गाजीपुर से खबर है कि पूर्व मंत्री शादाब फातिमा ने बिहार चुनाव और उत्तर प्रदेश में चल रहे एसआईआर (SIR) को लेकर बयान दिया है। उन्होंने बिहार चुनाव में ‘वोटों की डकैती’ का आरोप लगाया और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। गाजीपुर में मीडिया से बात करते हुए फातिमा ने कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव में वोटों की चोरी नहीं, बल्कि वोटों की डकैती हुई है। यह बयान बिहार चुनाव परिणामों को लेकर उनकी गंभीर आपत्तियों को दर्शाता है। इस दौरान उन्होंने उत्तर प्रदेश में चल रहे एसआईआर (SIR) के संदर्भ में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर भी प्रश्नचिह्न लगाए। उन्होंने आयोग की भूमिका पर संदेह व्यक्त करते हुए उसकी निष्पक्षता पर सवाल उठाए। कहा कि बिहार में SIR प्रक्रिया इतनी जल्दबाजी में हुई कि लोगों को समझने का मौका नहीं मिला। वहीं, उत्तर प्रदेश में भी SIR को लेकर तिथि तय की गई है, लेकिन यह तैयारी आधी-अधूरी है। उन्होंने चुनाव आयोग के उस बयान पर सवाल उठाया जिसमें कहा गया था कि 99.5%लोगों को SIR प्रपत्र बांटे जा चुके हैं। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा सभी मदरसों की एटीएस (आतंकवाद निरोधी दस्ता) से जांच कराने की मांग पर भी प्रतिक्रिया दी गई। उन्होंने कहा कि यदि सरकार मदरसों की जांच एटीएस से कराना चाहती है तो कर सकती है। हालांकि, उन्होंने पलटवार करते हुए सवाल किया कि क्या बिहार के उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की भी कोई जांच की जाएगी? उन पर कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं, और यह शर्मनाक है कि ऐसे व्यक्ति को गृह मंत्रालय सौंपा गया है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि शायद नीतीश कुमार और अन्य बड़े नेताओं ने सोचा होगा कि ‘चोर के हाथों में खजाना’ सुरक्षित रहेगा। उन्होंने बिहार के दूसरे उप मुख्यमंत्री का भी जिक्र किया, जिन पर अपने क्षेत्र में लोगों ने गोबर फेंका था, फिर भी वे बड़े अंतर से जीते। इसे बिहार में ‘लूट’ करार देते हुए उन्होंने दावा किया कि यह लूट उत्तर प्रदेश में नहीं होगी, क्योंकि ‘पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) के प्रहरी अब सजग हो गए हैं।’