गुरुग्राम पुलिस ने फर्जी केवाईसी के जरिए बैंक खातों से धोखाधड़ी कर पैसे निकालने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस को एक शिकायत मिली थी जिसमें बताया गया था कि शिकायतकर्ता के बैंक खाते की फर्जी केवाईसी कर मोबाइल नंबर बदल दिया गया और फिर खाते से अवैध रूप से पैसे निकाल लिए गए। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए 15 फरवरी को आरोपी रविंद्र (43) निवासी धोबौली बरहालगंज, गोरखपुर, उत्तर प्रदेश को गुरुग्राम से गिरफ्तार किया। इसके दो दिन बाद 17 फरवरी को दूसरे आरोपी दीपांशु (35) निवासी आदर्श नगर, दिल्ली को भी गुरुग्राम से पकड़ा है। मोबाइल नंबर अपडेट करते थे पुलिस पूछताछ में सामने आया कि यह गिरोह लंबे समय से बंद पड़े बैंक खातों को निशाना बनाता था। आरोपी फर्जी दस्तावेजों के आधार पर खाताधारक बनकर केवाईसी करवाते थे, मोबाइल नंबर अपडेट करते थे और फिर खाते से रकम दो फर्जी बैंक खातों में ट्रांसफर कर देते थे। आरोपी रविंद्र खेती-बाड़ी करता है, जबकि दीपांशु दिल्ली एयरपोर्ट पर कस्टम से संबंधित व्यवसाय से जुड़ा है। बैंक कर्मचारियों की मिलीभगत से करते ठगी पुलिस के अनुसार, रविंद्र ने फर्जी दस्तावेजों का उपयोग कर बैंक खाते खुलवाए थे, जबकि गिरोह के अन्य सदस्यों ने शिकायतकर्ता के खाते की फर्जी केवाईसी करवाई। इसके बाद दीपांशु ने इन फर्जी खातों से एटीएम और अन्य माध्यमों से पैसे निकाले। पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ कि गिरोह के सदस्यों के काम पूर्व-निर्धारित थे और वे कुछ बैंक कर्मचारियों की मिलीभगत से इस ठगी को अंजाम देते थे। ठगी गई राशि को वे आपस में बांट लेते थे।