मेरठ में बंधक बनाकर गैंगरेप के बाद 14 साल की लड़की ने जहर खा लिया। अस्पताल में 5 दिन तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद शुक्रवार रात उसने दम तोड़ दिया। पीड़ित की मौत के बाद परिवार ने हंगामा कर दिया। पुलिस पर एक्शन न लेने का आरोप लगाया। पुलिस ने आनन-फानन में देर रात ही लड़की का पोस्टमॉर्टम कराया और फोर्स के साथ डेडबॉडी गांव भेज दी। पीड़ित के भाई का कहना है कि पुलिस रात में ही शव के अंतिम संस्कार का दबाव बना रही थी, लेकिन हमने साफ कह दिया कि जब तक मंत्री नरेंद्र कश्यप हमसे मिलने नहीं आएंगे, तब तक अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। हालांकि करीब 20 घंटे बाद शनिवार दोपहर 1 बजे परिवार को समझाने के बाद बाद रेप पीड़िता का अंतिम संस्कार कराया गया। पुलिस मामले को अफेयर से जुड़ा हुआ बता रही है। हालात तनावपूर्ण देख बहसूमा गांव को छावनी में तब्दील कर दिया गया था। 4 थानों की पुलिस तैनात रही। जगह-जगह बैरिकेडिंग लगाकर लोगों को गांव में जाने से रोक दिया गया। राजनीतिक दलों के नेता और कार्यकर्ताओं को पीड़ित परिवार से मिलने नहीं दिया गया। 2 तस्वीरें- अब सिलसिलेवार तरीके से पूरा मामला समझ लीजिए… पुलिस के मुताबिक, बॉयफ्रेंड ने 25 जनवरी की रात लड़की को बहाने से घर बुलाया था। बंधक बनाकर दोस्तों के साथ मिलकर लड़की संग कुकर्म किया। जब लड़की बेहोश हो गई तो आरोपी फरार हो गए। अगले दिन यानी 26 जनवरी को सुबह 3 बजे बॉयफ्रेंड की मां कमरे में गई तो लड़की खून से लथपथ बेसुध पड़ी थी। मां ने लोगों की मदद से लड़की को उसके घर पहुंचाया। 2 घंटे के बाद उसे होश उसे आया। परिजनों ने पूछा तो उसे आपबीती सुनाई। फिर कमरे में जाकर सुसाइड करने की कोशिश की। परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे। बहसूमा थाने में आरोपी, उसके भाई और मां समेत 4 लोगों पर FIR कराई। 30 जनवरी को इलाज के दौरान पीड़ित ने दम तोड़ दिया। कोई एक्शन न होने पर पीड़ित के भाई ने SSP को चिट्ठी लिखी। कहा- पुलिस ने मेरी शिकायत की जगह अपने हिसाब से FIR लिखी और हमें ही डरा-धमका रहे हैं। इस बीच पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। अन्य की तलाश जारी है। लड़की के भाई ने कहा- मेरी बहन खून से लथपथ थी मेरठ के बहसूमा गांव से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…