मेरठ में गैंगस्टर एक्ट के एक पुराने मामले में कोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है। विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट की अदालत ने आरोपी आशू त्यागी को 7 साल 6 माह के कारावास और 5 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। यह मामला वर्ष 2009 का है। तब सरधना थाने में तत्कालीन प्रभारी बीडी पुष्कर ने तीन आरोपियों सोनू उर्फ काणा, आशू त्यागी और राजू उर्फ राजीव के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया था। जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद वर्ष 2010 में न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया गया था। इस मामले को जनपद के जघन्य अपराधों की श्रेणी में रखा गया था। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर इसकी लगातार निगरानी की गई। मॉनिटरिंग सेल और थाना सरधना की टीम ने मजबूत पैरवी करते हुए साक्ष्यों को प्रभावी ढंग से अदालत में प्रस्तुत किया। इस प्रक्रिया में पैरोकार हेड कांस्टेबल इमरान खान की भूमिका विशेष रूप से महत्वपूर्ण रही। लंबी सुनवाई के बाद अदालत ने आरोपी आशू त्यागी को दोषी ठहराया और सजा सुनाई। कोर्ट ने यह भी आदेश दिया कि यदि दोषी जुर्माना अदा नहीं करता है, तो उसे 7 दिन का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। इस मामले के अन्य आरोपियों में से अमित उर्फ सोनू उर्फ काणा की सुनवाई के दौरान मृत्यु हो चुकी है। वहीं, राजू उर्फ राजीव के खिलाफ मामला अभी भी न्यायालय में विचाराधीन है। पुलिस अधिकारियों ने इस फैसले को ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ की एक बड़ी सफलता बताया है। उन्होंने कहा कि संगठित अपराध के खिलाफ इसी तरह की सख्त कार्रवाई भविष्य में भी जारी रहेगी।