जौनपुर में तीन साल पुराने गैर इरादतन हत्या के मामले में चार आरोपियों को अपर सत्र न्यायाधीश पंचम पशुपतिनाथ मिश्रा की अदालत ने आठ-आठ वर्ष के कारावास और छह-छह हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। यह मामला खेतासराय थाना क्षेत्र का है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, खेतासराय थाना क्षेत्र के सोंगर गांव निवासी नाजिम पुत्र शमशेर ने 23 नवंबर 2022 को मुकदमा दर्ज कराया था। उन्होंने बताया कि उसी दिन दोपहर 12 बजे उनके गांव के कासिब, ताबिश, साजिद और उनके बहनोई मोइज्जम ने पुरानी रंजिश के चलते उनके भाई तालिब और हाशमी पर लाठी, डंडा, सरिया और रम्भा से हमला कर दिया। हमले से बचने के लिए तालिब और हाशमी घर में भागे, लेकिन चारों आरोपी घर में घुस गए और दोनों को बुरी तरह मारकर घायल कर दिया। इस दौरान तालिब बेहोश हो गया। हाशमी को सदर अस्पताल जौनपुर में भर्ती कराया गया, जबकि तालिब को बीएचयू ट्रामा सेंटर रेफर किया गया। इलाज के दौरान 26 नवंबर 2022 को तालिब की मृत्यु हो गई। पुलिस ने मामले की विवेचना कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता सतीश कुमार पांडेय द्वारा परीक्षित गवाहों के बयान और पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने चारों आरोपियों को गैर इरादतन हत्या का दोषी पाया।