गोंडा में ‘राष्ट्रकथा महोत्सव’ में भोजपुरी स्टार पवन सिंह ने मंच पर बृजभूषण शरण सिंह के पैर छुए। सद्गुरु रितेश्वर महाराज की आरती उतारी। फिर 2 प्रसिद्ध भजन गाए। पवन सिंह के मंच पर पहुंचते ही लोग उनकी एक झलक पाने को बेताब दिखे। भजन सुनते ही लोग मोबाइल की फ्लैश लाइट जलाकर झूमने लगे। इस दौरान कुछ लोग उनकी रिकॉर्डिंग भी करने लगे। पहले देखिए 3 तस्वीरें… कोडीन विवाद पर कहा- भगवान-भगवान करिए
पवन सिंह ने रितेश्वर महाराज की अनुमति लेने पहले ‘शक्ति बढ़ लागल लक्ष्मण के रोवेली रघुराई, अखियां खोला बाबुऊ बोलब केके छोटका भाई’ भजन गया। जिसे सुनकर सभी श्रद्धालु गमगीन हो गए। इसके बाद उन्होंने दूसरा भजन ‘देखकर राम को जनक नंदिनी, बाग में बस खड़ी की खड़ी रह गई’ गाया, जो श्रीराम और माता सीता के प्रसंग पर आधारित था। जिससे पूरा पंडाल भक्तिमय हो गया। लोग मोबाइल की फ्लैश लाइट जलाकर झूमने लगें। मीडिया ने पवन सिंह से कोडीन सिरप को लेकर सवाल पूछे। इसपर उन्होंने कहा- भगवान-भगवान करिए। शाहरुख खान द्वारा बांग्लादेशी खिलाड़ी खरीदने के मामले पर भी उन्होंने कहा- भगवान भगवान करिए। एक जनवरी को हुआ था कथा का शुभारंभ
नंदिनी निकेतन में आठ दिवसीय राष्ट्रकथा चल रही है। एक जनवरी को श्रीआनंदम धाम पीठाधीश्वर सद्गुरु रितेश्वर महाराज ने इसका शुभारंभ किया था। अयोध्या से पधारे साधु-संतों के साथ वैदिक मंत्रोच्चार के बीच व्यास पीठ की पूजा-अर्चना कर कथा शुरू की थी। आयोजन के पहले दिन 10 हजार से अधिक बच्चों ने सहभागिता कर कथा का श्रवण किया था। नवाबगंज से अयोध्या तक 28 प्रवेश द्वार
राष्ट्र कथा के लिए नवाबगंज से अयोध्या तक 28 प्रवेश द्वार बनाए गए हैं। इन द्वारों का नाम महाराजा दिलीप, राजा अज, भगवान परशुराम जैसे रघुकुल परंपरा के महापुरुषों के साथ-साथ पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह की वंश परंपरा से जुड़े लोगों के नाम पर रखा गया है। ——————————– ये खबर भी पढ़े… राष्ट्रकथा में दबदबा सुनकर बृजभूषण फूट-फूटकर रोए:गोंडा में रितेश्वर महाराज बोले- मैं इनका बाप हूं, मेरा भी दबदबा था, है और रहेगा गोंडा में चल रही राष्ट्रकथा के दूसरे दिन पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह फूट-फूटकर रोने लगे। करीब एक घंटे तक वह अपने पुराने संघर्षों को याद कर आंसू बहाते रहे। इसका वीडियो भी सामने आया है। दरअसल, राष्ट्रकथा के दौरान सद्गुरु रितेश्वर जी महाराज ने राष्ट्र के नाम संदेश दिया। इस दौरान मंच से बृजभूषण शरण सिंह के “दबदबे” का जिक्र किया। (पढ़ें पूरी खबर)